वन कर्मचारी अधिकारी जंगलों की सुरक्षा को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

हड़ताल-तेंदूपत्ता तुड़ाई से लेकर नर्सरी के पौधों की सुरक्षा खतरे में

By: दीपेश तिवारी

Published: 24 May 2018, 05:07 PM IST

रायसेन। मप्र वन कर्मचारी अधिकारी संघ जिला इकाई रायसेन के आव्हान पर जिले के वन अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी उन्नीस सूत्रीय मांगों को लेकर गुरूवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पहले उन्होंने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया और वनमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, सीसीएफ और प्रदेश सरकार को रैली निकालकर अल्टीमेटम देकर अवगत कराया था। इसके अलावा बस्ते व सामग्री सहित हथियार आदि भी विभागीय अधिकारियों पास जमा कर दिए हैं। लेकिन प्रदेश की शिव सरकार ने उनकी जायज मांगें नहीं मानी।

तब नाराज होकर शहर के सागर रोड स्थित चिडिय़ाटोल वन परिसर के बाहर पंडाल लगाकर चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर धरना देकर मप्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वन अधिकारी कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हएु कहा कि राजा भी पछताया था, मामा भी पछताएगा। मामा तेरी खैर नहीं हम वनकर्मी हैं कोई और नहीं.....के नारे लगाए। धरने में मुस्लिम समुदाय के रोजेदार वन कर्मचारियों ने भी हड़ताल में उनका साथ दिया । उन्होंने चेतावनी देते हुए।

इस अवसर पर रायसेन पूर्वी वनरेंज के रेंजर नरेंद्र कुमार चौहान, पश्चिमी वनरेंज के व प्रांतीय अध्यक्ष रेंजर वीरेंद्र कुमार, गढ़ी वनरेंज के रेंजर एनके झंवर सहित जिले की अन्य पांच वनरेंजर सहित, संगठन के जिलाध्यक्ष प्रभात यादव, डिप्टी रेंजर नरेश कुशवाहा, असगर खान, सुरेंद्र कुमार शुक्ला, एमएल तिलचोरिया, बीएस दादोरिया, लाल सिंह पूर्वी, बालाराम जाटव, दिनेश श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की अध्यक्ष राधा सोलंकी, रीतेश यादव, मनीष छारी, सलमान खान , कम्प्यूटर ऑपरेटर व अन्य वन कर्मचारी आदि उपस्थित हुए। हड़ताल में दोनों वनमंडलों के लगभग पांच सौ से भी ज्यादा वन कर्मचारी शामिल हुए।

ये हैं प्रमुख मागें ....
* स्थायी वनकर्मियों की पे-ग्रेड १४०० से लेकर ५२०० और २०२०० से की जाए। वनपाल की ग्रेड-पे २८०० से लेकर५२०० और २२०० सेकी जाए। उप वन क्षेत्रपाल की ग्रेड पे-३६०० से लेकर ९३०० और ३४८०० से की जाए। वनक्षेत्रपाल की ग्रेड पे-४२०० से ९३०० और ३४८०० की जाए।
* वन कर्मचारियों को सशस्त्र बल घोषित करने के लिए आईपीसी और सीआरपीसी में संशोधन कर न्यायिक मजिस्ट्रेट का दर्जा दिया जाए।
* वन रक्षकों से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर तक के सभी अधिकारी कर्मचारियों को वर्दी अनिवार्य रूप से दी जाए। साथ अपराध प्रक्रिया संहिता के तहत धारा ४५ की उन्मुक्ति प्रदान की जाए।

*सभी वन कर्मियों को नियुक्ति तारीख से लेकर १०,२० और ३० साल के बाद समयमान वेतन दिया जाए।
*स्थायीकर्म वन कर्मियों को चतुर्थ श्रेणी में प्रदेश शासन के आदेशानुसार समायोजित कर ७वां वेतनमान, अनुकंपा नौकरी व वर्दी प्रदाय की जाए।
* वनकर्मियों को १३ माह का वेतन पौष्टिक भत्ता, नक्सलाइट एरिया में काम करने वाले वनरक्षकों की पदस्थी की जाए।

* वन महकमे में कार्यरत लिपिकीय वन कर्मचारियों को पुलिस के समान कार्यपालिक पदनाम, वेतनमान, देय भत्ता और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाए।
* वन विभाग में कार्यरत लघुवेतन कर्मचारियों की पदोन्नति १० वर्ष की जाए।पदोन्नति का कोटा ५० फीसदी किया जाए।
* पिछले १० सालों से वन विभाग में कार्यरत कम्प्यूटर आपरोटरों को संविदा की नौकरी प्रदान की जाए।जिला मुख्यालय के समान सभी कम्प्यूटर आपरेटरों के समान वेतन दिया जाए तो बेहतर होगा।

ये काम हो रहा प्रभावित ....
*जंगलों के पेड़ों, वल्य प्राणियों की सुरक्षा खतरे में।..
*हाईटैक नर्सरी अमरावत सागर रोड में लगे ९ लाख से ज्यादा पौधे सूख सकते हैं।
* तेंदूपत्ता तुड़ाई काम पूरी तरह से ठप्प।
* विभागीय काम काज ऑनलाइन वर्क प्रभावित ।

दीपेश तिवारी
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