-स्वच्छता सर्वेक्षण 2019: रात और सुबह सफाई के बाद गंदगी,नपा के लिए बड़ी चुनौती

स्वच्छता टीम ने रविवार को भी लिया जायजा

By: Amit Mishra

Published: 07 Jan 2019, 05:17 PM IST

रायसेन। शहर में स्वच्छता को लेकर नपा ने नए साल में जोरशोर से काम शुरू कर दिया है। अब नपा ने पिछली कमियों को दूर रैंकिंग बढ़ाने के प्रयास में जुटी है। नपा के प्रयासों के बाद भी कई कमियां हैं जिनसे नंबर कम हो सकते हैं। सड़क किनारों से सब्जी और फल बाजार अभी लग रहा है। सड़कों पर मवेशी घूम रहे हैं। इन समस्याओं को दूर करना नपा के लिए बड़ा चैलेंज है।


स्वच्छता रैंकिंग के लिए दिल्ली की टीम 5 जनवरी को शहर में निरीक्षण के लिए दस्तक दे चुकी है। नपा ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वच्छता सर्वे को चार भागों में बांटा गया है। जिसमें सिटीजन फीडबैक के लिए 1250 नंबर सर्टिफि केशन के लिए 1250 अंक डायरेक्ट ऑब्जरवेशन के लिए 1250 व सर्विस लेवल प्रोग्रेस के लिए 1250 नंबर का सर्वे होगा।

इसमें प्रमाणीकरण का नया भाग जोड़ा गया है। इसका 20 प्रतिशत स्टाफ रेटिंग और 5 प्रतिशत ओडीएफ एओडीएफ प्लस का होगा। रायसेन शहर के स्वच्छता में अव्वल आने के लिए सिटीजन फीडबैक और पार्कों की सुंदरता के नंबर भी अहम होंगे।


रविवार को इन जगहों का लिया फीडबैक...
रविवार को दोपहर के समय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के सदस्यों ने शहर के वार्ड नंबर 8 ,माता मंदिर चौराहा वार्ड 3 ,कसाई मोहल्ला वार्उ 8 आदि क्षेत्रों का जायजा लेेन पहुंचे। टीम के इन दो सदस्यों ने गंजबाजार में व्यापारी सुरेश साहू ,विजय सिंह राठौर ,शनि राठौर रवि राठौर अखलेश जिझौतिया आदि से चर्चा की।

उन्होंने बताया कि फिलहाल एक जनवरी से तो नियमित रूप से मोहल्ले में झाडू लगाकर सफाई की जा रही है। नाली की सफाई कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी लगातार किया जा रहा है। सड़क किनारे कचरा न हो इसके लिए कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों पर रखे कचरे के बड़े कंटेनर रखे गए हैं। बाजार में प्रतिदिन रात को
सफाईकर्मियों की टीम सड़क व सार्वजनिक स्थलों से कचरा और गंदगी साफ कर रही हैं।

 

सड़क किनारे पर जमी धुल व मिट्टी आदि को भी साफ किया जा रहा है। रविवार को सुबह से ही वार्ड 10 बिटनरी व कामधेनु शॉपिंग कॉम्पलेक्स परिसर में दमकल के जरिए पानी का छिड़काव कर पेव ब्लॉक की धुलाई की गई। लेकिन सफाई कर्मियों को सागर चौराहे किनारे पड़ा कचरा नजर नहीं आया ।


माता मंदिर चौराहे पर भी कचरे पड़ा रहा उस पर मव्छर मक्खियां भिनभिनाती नजर आईं। शहर के सभी पार्कों में कचरे से खाद बनाया जा रहा है। बड़े पार्कों में कंपोज्ड पिट तैयार किए गए हैं। शहर के सभी बड़े विवाह गार्डनों व प्रतिष्ठानों पर भी कंपोज्ड पिट के माध्यम से खाद बनाए जा रहे हैं।

 

 

बदले यह नजारा.....
सागर भोपाल तिराहे भवानी चौक पर मवेशी खाते रहते हैं आएदिन पॉलिथिन। शहर से कचरे के ढ़ेर और गंदगी कम करने कंटेनर लगाए गए हैं। रोज बाजार तथा सार्वजनिक स्थलों पर सफ ाई कर कचरा ट्रेचिंग मैदान में भेजा जा रहा है। कचरा पृथक करने की व्यवस्थाए पार्कों में कचरे से खाद निर्माण, घरों में डस्टबिन वितरण, कचरा कलेक्शन वाहन घर-घर कंपोज्ड पिट से खाद बनाने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।


इन कमियों से घट सकते हैं नंबर....
स्वच्छता भारत सर्वेक्षण अभियान के तहत शहर में फैला सड़क किनारे अतिक्रमण और सड़क किनारों से बाजार हटाने में नपा सफ ल नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही शहर में 24 घंटे चल रही सफाई के बाद भी कूड़े कचरे के ढ़ेर और गंदगी है। नालों व नलियों की सफाई व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें अब भी हैं। सड़क से धुल व रेत के गुबार कम नहीं हो रहे।

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