अधूरे निर्मित नाले फिर बनेंगे मुसीबत

शहर में डे्रनेज सिस्टम की व्यवस्था पुख्ता नहीं, वार्ड १२ में पड़ा अधूरा नाला,
रहवासियों के लिए होगा परेशानी दायक।

By: Rajesh Yadav

Published: 07 Jun 2018, 09:46 AM IST

रायसेन. शहर में हर वर्ष नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था और निर्माण कार्यों पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। लेकिन रहवासियों की परेशानियां हल नहीं हो पा रही। सफाई व्यवस्था के नाम पर पिछले वर्ष करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपए खर्च किए थे। इसमें से लगभग ७१ लाख रुपए सफाई कर्मचारी और नाला गैंग का वेतन देना बताया जा रहा है। ्र

प्रभारी सीएमओ ज्योति सुनेरे ने बताया कि इस साल बजट का दस प्रतिशत यानि लगभग आठ करोड़ रुपए पूरी सफाई व्यवस्था पर खर्च करने का प्रावधान बजट में रखा गया है। इसके बाबजूद शहर की सफाई व्यवस्था सुधर नहीं हो पा रहा है। वहीं निर्माण कार्यों पर भी करोड़ों रुपए खर्च किए जाने की बात नपाध्यक्ष द्वारा कही गई है।

लेकिन आधे-अधूरे निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी भरे साबित होते हैं। वार्ड ११, १२ और १३ से होकर गुजरने वाले नाले की स्थिति ही कुछ अलग है। यह नाला आधे हिस्से में तो पक्का बना है। बाकी वार्ड १२ और १३ के हिस्से में कच्चा है।

इस कारण बारिश में अधिक परेशानी देता है। वार्ड १२ अवंतिका कालोनी के पीछे वाले हिस्से में रहने वाले लोग बारिश के दिनों में नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। क्योंकि कच्चा नाला पूरी तरह से उफान पर रहता है। वहीं अवंतिका कालोनी के सैप्टिक टैंकों से निकलने वाला गंदा पानी भी लोगों के घरों में पहुंच जाता है। ऐसे में बारिश का मौसम इन झुग्गी बस्ती के रहवासियों के लिए कष्टदायक रहता है।

ये है सफाई की स्थिति
नगर पालिका कार्यालय के समीप उद्योग विभाग परिसर में बना नाला आज भी गंदगी से ठसा हुआ है। वहीं वार्ड नौ में बना पक्का नाला भी गंदगी से बजबजा रहा है। वार्ड ११, १२ और १३ से होकर गुजरने वाले नाले की सफाई अब तक नहीं कराई गई है। गंदगी और कचरे का ढेर कच्चे नाले में भरा हुआ है। प्रभारी सीएमओ ज्योति सुनेरे के अनुसार सभी वार्डों में बारिश से पहले सफाई कराई जा रही है। लेकिन हालात अभी बदले नहीं है। वार्ड ११ में अयोध्या बस्ती के पिछले हिस्से में सडक़ पर नाली का पानी बह रहा है।

मुख्य मार्ग पर पानी निकासी की समस्या
नगर पालिका द्वारा पिछले साल महामाया चौक यातायात थाने से लेकर इंडियन चौराहे तक लगभग २८ लाख रुपए खर्च कर आरसीसी कवर्ड नाला बनाया गया है। लेकिन नाले में पुख्ता ढलान नहीं होने और सडक़ का पानी नाले में नहीं पहुंचने से थोड़ी देर की बारिश में तालाब जैसे हालात नजर आते हैं। हर साल बारिश में महामाया चौक से लेकर उद्योग विभाग दफ्तर तक सडक़ पर एक से डेढ़ फीट पानी भरा जाता है।

इसी तरह मुखर्जी नगर मुख्य मार्ग पर गेट के समीप भी थोड़ी देर की बारिश में पानी भरा जाता है। लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। हालांकि यहां पर नाली और सडक़ निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया, लेकिन नाली निर्माण शुरू नहीं हो सका।

रीछन नदी का रपटा ऊफान पर आता
शहर में नेशनल हाईवे १४६ भोपाल रोड पर रीछन नदी पर बना छोटा नाला हर साल ज्यादा बारिश होने पर राजधानी से रायसेन का सडक़ संपर्क तोड़ देता है। झमाझम बारिश होने के दौरान यह नाला जल्द ऊफान आ जाता है और पूरे मार्ग पर पानी ही पानी नजर आता है। इस नाले पर बड़ी पुलिया बनाने के लिए जिम्मेदारों द्वारा प्रयास नहीं किए जा रहे है। गौरतलब हो कि यह मार्ग एनएचएआई के अधीन आता है। फिलहाल एनएचएआई द्वारा भोपाल-रायसेन मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन बायपास रोड बनाने के बाद शहरी क्षेत्र के हिस्से की अनदेखी की जा रही है।

इनका कहना
वार्ड दो में हाथी दरवाजे के समीप कच्चा नाला बारिश में परेशानी देता है। इसके निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। लेकिन टेंडर अब तक नहीं लगाया। वहीं नालियों की सफाई तो चल रही है। लेकिन दोनों बड़े नालों की सफाई नहीं की गई। जबकि बारिश का मौसम नजदीक आ चुका है।
- इमरान खान, कांग्रेस पार्षद, वार्ड दो

नाले-नालियों की सफाई बारिश से पहले पूरे शहर में कराई जा रही है। वार्ड ११, १२ और १३ के अधूरे नाले का बारिश से पहले निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया है। इस साल शहर में सफाई व्यवस्था सहित उससे संबंधित संसाधनों पर करीब आठ करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं।
- ज्योति सुनेरे, प्रभारी नपा सीएमओ।

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