जन्माष्टमी मनाने घर जा रहा था आशीष, रास्ते में हुआ ऐसा हादसा

जन्माष्टमी मनाने घर जा रहा था आशीष, रास्ते में हुआ ऐसा हादसा

Shibu lal yadav | Publish: Sep, 03 2018 10:17:17 AM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

इंदौर में रहकर नौकरी करते थे तीनों युवक, गांव में पसरा सन्नाटा।

रायसेन/बटेरा/बरेली. इंदौर में निजी कंपनियों में नौकरी कर रहे जिले के ग्राम रजवाड़ा के तीनों युवक जन्माष्टमी मनाने के लिए अपने घर आ रहे थे। लेकिन उन्हे नहीं मालूम था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। सीहोर जिले के जावर थाना के अंतर्गत डोडी चौकी के नजदीक दुर्घटना में काल कवलित हुए युवकों के ग्रह ग्राम रजवाड़ा तहसील बरेली में घटना की जानकारी पहुंचते ही सन्नाटा पसर गया। जगह-जगह झुंड में ग्रामीण घटना को लेकर चर्चाएं करते नजर आ रहे थे। कोई भी उन युवकों के घर जाने और परिजनो को घटना की जानकारी देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। देर रात तक गांव में मौत का सन्नाटा रहा। लोग सहमे हुए से आपस में कानाफूसी करते और सीहोर जिले में अपने संपर्कों से बात कर जानकारी लेने का प्रयास करते रहे।

इंदौर में रहकर कर रहे थे नौकरी
रजवाड़ा के तीनो युवक इंदौर में रहकर निजी कंपनियों या संस्थाओं में नौकरी कर रहे थे। अपने परिवार का सहारा बनने और अपने पैरों पर खड़े होने के लिए इंदौर गए ये युवक असमय काल के गाम में समा गए। जन्माष्टमी मनाने के लिए तीनो एक साथ गांव के ही एक अन्य युवक उदित पुत्र विषणुप्रसाद के साथ आ रहे थे। कार का चालक इंदौर निवासी राजकुमार पुत्र जीवनलाल बताया जा रहा है। घटना के बाद उदित और राजकुमार किसी तरह कार से बाहर निकलकर जान बचाने में सफल हो गए।

चार बहनो में इकलौता और नौ माह के बेटे का पिता था आशीष
भीषण दुर्घटना में मृतक ग्राम रजवाड़ा निवासी ३० वर्षीय ओमप्रकाश धाकड़ का पुत्र आशीष धाकड़ चार बहनों में सबसे छोटा और इकलौता भाई था। लगभग तीन साल पहले ही उसका विवाह हुआ था। उसका नौ माह का एक बेटा भी है। एक सप्ताह पहले ही बहनों से रखाी बंधवाकर खुशी-खुशी अपनी नौकरी पर इंदौर गया था। जानकारी के अनुसार आशीष की दो बहने इंदौर में ही हैं। घटना की जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंच गई थीं। उनके पिता भी रजवाड़ा से सीहोर के लिए निकल गए थे। उन्हे

आशीष के दुर्घटना में घायल होने की जानकारी दी गई थी।
नहीं हैं जितेंद्र के माता-पिता
दुर्घटना में दूसरे मृतक रजवाड़ा निवासी २५ वर्षीय जितेंद्र पुत्र मोहन आदिवासी के माता-पिता का निधन पहले ही हो चुका है। उसका एक भाई है। जो रजवाड़ा में ही रहकर मेहनत मजदूरी करता है। उसे शाम तक अपने भाई की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी।

पांच माह पहले ही गया था इंदौर
दुर्घटना में मृतक तीसरा युवक धर्मेंद्र पुत्र कीरत सिंह लोधी पांच माह पहले ही नौकरी के लिए इंदौर गया था। लगभग २० वर्षीय धर्मेंद्र अविवाहित था। उसके परिवार वालों को भी घटना के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई। केवल दुर्घटना में उसके घायल होने की जानकारी ही दी गई थी।

इस तरह हुई घटना
इंदौर से रात लगभग १२ बजे चारों युवक आशीष की कार से अपने घर के लिए रवाना हुए थे। इंदौर-भोपाल हाइवे पर जावर थाने के अंतर्गत आने वाली डोडी चौकी के नजदीक स्थित नार नाली के पास देर रात कार बेकाबू होकर पलट गई। कार के पलटते ही उसमें भीषण आग लग गई। बताया जाता है कि कार एमपी 09-सीसी 4025 में आग लगते ही कार चालक राजकुमार और उदित किसी तरह बाहर निकल गए, लेकिन उक्त तीनो मृतक युवक बाहर नहीं निकल सके। इस बीच आग ने भीषण रूप ले लिया और तीनो की जलने से मौत हो गई।

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