संदेहियों के नार्को टेस्ट के आदेश दिए आयोग ने

विदिशा में लगी बाल संरक्षण आयोग की बेंच में रायसेन से रखे गए दो हजार मामले।

रायसेन@प्रवीण श्रीवास्तव की रिपोर्ट...

बाल संरक्षण आयोग द्वारा विदिशा में विदिशा और रायसेन जिले के लिए बैंच का आयोजन शनिवार केा किया गया। जिसमें रायसेन जिले से लगभग दो हजार प्रकरण रखे गए। जिनमें से लगीाग 1371 प्रकरणों पर त्वरित निर्णय लिया गया, बाकी मामलों में जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

बैंच में रायसेन जिले के उदयपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम धौलश्री निवासी दो बच्चों का मामला भी रखा गया। दोनो बच्चे बीती 17 जनवरी से लापता हैं। बच्चों के परिजनो ने उनका अपहरण करने के आरोप कुछ लोगों पर लगाए हैं। लेकिन पुलिस आज तक जांच में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है और न ही अभी तक बच्चों का कोई सुराग लगा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन में पैरालीगल वालेंटियर सुनीता आर्य ने बैंच के समक्ष यह प्रकरण रखा। जिसमें उन्होंने बताया कि धौलश्री निवासी 13 वर्षीय सीताराम पुत्र रेवाराम धानक और 12 वर्षीय प्रमोद पुत्र मलखान धानक 17 जनवरी 2019 से लापता हुए हैं।

18 जनवरी को उदयपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनो ने कुछ लोगों पर संदेह व्यक्त करते हुए नाम भी बताए थे। जिनमें एक व्यक्ति का पुलिस ने नार्को टेस्ट कराया है। जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिली है।

मामले में सुनवाई करते हुए आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मौके पर मौजूद रायसेन के एएसपी अवधेश प्रताप सिंह को बाकी तीन संदिग्धों के नार्को टेस्ट कराने और मामले में जल्द जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए।

बाल संरक्षण आयोग के जिलाध्यक्ष संदीप दुबे ने बताया कि सुनवाई में रायसेन से रखे गए प्रकरणों में 1371 प्रकरणों का निराकरण होना बड़ी उपलब्धि है। आयोग के अध्यक्ष कानूनगो ने रायसेन आयोग की प्रशंषा करते हुए अन्य जिलों में आयोजित होने वाली बेंच में रायसेन की टीम को जिम्मेदारी देने की बात कही।

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दीपेश तिवारी
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