scriptnstructions of Kamal Nath, claimants of Congress came in trouble | कमलनाथ के निर्देश के बाद पार्षद चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे ये कांग्रेस कार्यकर्ता फंसे | Patrika News

कमलनाथ के निर्देश के बाद पार्षद चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे ये कांग्रेस कार्यकर्ता फंसे

- कांग्रेस दावेदारों को कमलनाथ के निर्देश के बाद अब फिर करनी होगी मशक्कत

- दूसरे वार्ड से पार्षद का चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे कार्यकर्ता फंसे

रायसेन

Published: June 13, 2022 03:06:13 pm

रायसेन। नगरीय निकाय चुनाव में पार्षद बनने के लिए बेताव कांग्रेस कार्यकर्ताओं की तैयारियों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के निर्देश ने तगड़ा झटका दिया है। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष और संगठन प्रभारी चंद्रभाष शेखर के हस्ताक्षर से जारी पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस प्रत्याशी उन्हें ही बनाया जाए तो व्यक्ति जिस वार्ड में रहता है और उसी वार्ड का मतदाता है।

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किसी भी उम्मीदवार का वार्ड परिवर्तन नहीं होगा। पत्र में लिखा है कि यह निर्देश प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दिए है। पत्र मिलते ही कांग्रेस से दावेदारों में हड़कंप मच गया है। विशेषकर उन कार्यकर्ताओं में जो अध्यक्ष बनने के लिए अपना वार्ड छोड़ नगर के अन्य सुरिक्षत वार्ड से चुनाव लडऩे का मन बना रहे थे। इसकी तैयारियां भी लंबे समय से कर रहे थे। ऐसे कार्यकर्ताओं के लिए यह पत्र पूरी फील्ड जमने के बाद मैदान से बाहर होने का संदेश जैसा है।

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नगर पालिका रायसेन का अध्यक्ष पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। इस वर्ग के लिए नगर के तीन वार्ड पांच, नौ और दस हैं। इन वार्डों में धमासान की तैयारी थी। जहां अन्य वार्डों के निवासी कार्यकर्ता अपनी पत्नियों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि महिलाओं के अनारक्षित मुक्त वार्ड भी हैं, जहां से किसी भी वर्ग की महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ सकती हैं। कमलनाथ के निर्देशों के बाद अब अध्यक्ष या पार्षद पद की दावेदारी कर चुनाव लडऩे का मन बना चुके कार्यकर्ताओं को नए सिरे से जमावट करना होगी।

कांग्रेस: इंदौर में नगर निगम चुनाव प्रत्याशी चयन समिति भी संकट में-
इसी तरह नगर निगम चुनाव में पार्षद प्रत्याशी टिकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने नई गाइड लाइन जारी से इंदौर नगर निगम चुनाव प्रत्याशी चयन समिति भी संकट में आ गई है, क्योंकि समिति ने शहर के 85 में से 20 वार्ड में स्थायी के बजाय बाहरी को चुनावी मैदान में उतारने के लिए नाम तय कर रखे हैं। अब समिति की कल हो रही बैठक में जहां उम्मीदवारों पर विचार होगा, वहीं कई वार्डों में चुनाव लड़ने वाले नेताओं के समीकरण गड़बड़ा गए हैं।

दरअसल प्रदेशाध्यक्ष के इस फैसले से कांग्रेस के स्थायी और आम कार्यकर्ता काफी खुश हैं, क्योंकि वार्ड से दावेदारी करने के बावजूद बाहरी बड़े नेताओं की वजह से उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। अब देखना यह है कि नाथ की नई गाइड लाइन का कितना पालन होता है, क्योंकि कांग्रेसियों का कहना है कि पहले भी कई बार गाइड लाइन बनी पर पालन नहीं हुआ।

कांग्रेस प्रत्याशी उन्हें ही बनाया जाए जो व्यक्ति जिस वार्ड में रहता है व उसी वार्ड का मतदाता हो। किसी भी उम्मीदवार का वार्ड परिवर्तन नहीं किया जाए। यह गाइड लाइन कल नाथ के आदेश पर संगठन प्रभारी सीपी शेखर ने जारी की और इसको लेकर पत्र शहर व जिला कांग्रेस अध्यक्षों को भेज दिया।

पार्षद प्रत्याशियों के टिकट को लेकर ऐन वक्त पर जारी हुई नई गाइड लाइन ने समीकरण गड़बड़ा दिए हैं, क्योंकि 20 वार्ड ऐसे हैं, जहां दूसरे वार्ड के कांग्रेस नेताओं ने चुनाव लडऩे की तैयारी कर रखी है। इसमें पूर्व पार्षद भी शामिल हैं। इससे चयन समिति भी संकट में है, जिसने इन 20 वार्डों में सिंगल नाम तय कर दिए थे। अब फिर से नामों पर विचार कर पैनल बनाना होगी।

भाजपा ने लिए आवेदन
दूसरी ओर रायसेन में ही भाजपा ने अपनी चुनाव तैयारियां तेज करते हुए पार्षद पद के लिए दावेदार कार्यकर्ताओं ने आवेदन लिए। श्रीराम परिसर में नगर चयन समिति के सदस्यों ने सुबह से शाम तक दावेदारों से आवेदन प्राप्त किए। एक दिन में 18 वार्डों से लगभग 50 आवेदन पहुंचे। समिति के सदस्य धीरेंद्र कुशवाह ने बताया कि पार्टी की नगर चयन समिति आवेदनों पर विचार-विमर्श कर एक सूची बनाकर जिला चयन समिति को सौंपेगी, जो दावेदारों की अंतिम सूची पर मोहर लगाएगी।

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