लाखों की लागत से तैयार प्लानटेशन में नहीं दिखते पौधे

जिम्मेदार अधिकारी पौधे लगाने के बाद दूसरी बार देखने जंगल तक नहीं पहुंचे

बेगमगंज. वन विभाग द्वारा लाखों रुपए की लागत से तैयार किए गए प्लानटेशनों में अब खोजने से भी वृक्ष दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि विभाग द्वारा लाखों रुपए की लागत से तार फेंसिग कराकर प्लानटेशन तो तैयार किए गए, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी पौधे लगाने के बाद दूसरी बार देखने जंगल तक नहीं पहुंचे। कुछ प्लानटेशन के पौधों को मवेशियों ने नष्ट कर दिए और कुछ पौधे देख-रेख के अभाव में ही नष्ट हो गए। जबकि प्लानटेशन तैयार करने से पहले निंदाई, गुड़ाई सहित पौधों की देखरेख के लिए सरकार द्वारा लम्बा बजट खर्च किया जाता है। मगर विभाग द्वारा खानापूर्ति करते हुए वृक्ष तो लगा दिए जाते हैं, लेकिन वृक्षों की देखरेख नहीं होने के चलते अस्सी प्रतिशत वृक्ष नष्ट हो जाते हैं।

१२ हजार बांस के पौधे लगाए गए थे
बेगमगंज नगर से दो किमी दूर ग्राम सागौनी की पहाड़ी पर वन विभाग द्वारा विगत वर्ष बीस हेक्टेयर वन भूमि में प्लानटेशन तैयार कर लगभग बारह हजार बांस के पौधे लगाए गए थे। पिछले सप्ताह प्लानटेशन में आग लगने से पौधे नष्ट हो गए। कुछ पौधे पहले ही देखरेख के अभाव में नष्ट हो गए, जबकि प्लानटेशन की रखवाली के लिए चौकीदार भी तैनात किए जाते हैं। वन विभाग का जमीनी अमला नाकेदार, डिप्टी रेंजर अब जंगली क्षेत्र की बीटों पर निवास नहीं करने से हरे-भरे जंगल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गए हंै। साथ ही सड़क निर्माण कंपनियों द्वारा भी बड़े पैमाने पर वन भूमि पर अवैध उत्खनन का कार्य खुलेआम चल रहा है, क्योंकि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी बस चौकीदारों के माध्यम से ही वनों की घर बैठे रखवाली करते दिखाई देते हैं।

प्लानटेशन में आग की जानकारी मुझे लगी थी, कोई नुकसान नहीं हुआ है। बांस के पौधे लम्बे समय बाद ही दिखाई देते हैं। कुछ प्रतिशत पौधे नष्ट होते हैं, जिन्हें बारिश के समय में फिर से लगाया जाता है। प्लानटेशन की देखरेख विभाग द्वारा की जाती है।
-जितेन्द्र सिंह तोमर, रेंजर वन परिक्षेत्र बेगमगंज

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