प्रोत्साहन राशि लेने आए किसानों को खिलाया घटिया भोजन

प्रोत्साहन राशि लेने आए किसानों को खिलाया घटिया भोजन

chandan singh rajput | Publish: Apr, 17 2018 12:25:30 PM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

सरकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन और उनके स्वास्थ्य का कितना ख्याल रहता है यह सोमवार को देखने को मिला।

रायसेन. सरकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन और उनके स्वास्थ्य का कितना ख्याल रहता है यह सोमवार को देखने को मिला। दरअसल यहां दशहरा मैदान पर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि प्रोत्साहन योजना की शुरुआत के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें गांव-गांव से हजारों की संख्या में किसान पहुंचे थे। मगर लापरवाही की हद देखिए कि वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को घटिया भोजन दिया गया। इस भोजन को खाने के बाद ही किसानों की तबियत बिगडऩे लगी थी। कई किसानों ने इसका विरोध करते हुए भोजन के पैकेट फेंक दिए।

कुछ ने मंच के पास तक पहुंचकर मंत्री और अधिकारियों को भोजन के पैकेट दिखाना चाहते थे, मगर उन्हें पुलिस ने रोक लिया और भोपाल के पैकेट एक पॉलीथिन में खाली करा लिए। वहीं किसानों को खराब भोजन बांटे जाने पर वनमंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर और उप संचाकल कृषि को फटकार भी लगाई।

छाती पीट रहे कांग्रेसी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा शाजापुर में किए गए संबोधन का सीधा प्रसारण रायसेन में भी दिखाया गया। वहीं वनमंत्री ने कहा कि प्रदेश को लगातार 5वीं बार कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया है।

इससे विपक्षी तकलीफ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को कालनेमी बताते हुए कहा कि वे सिर्फ राजनैतिक रोटियां सेकने में माहिर हैं। शेजवार ने यह भी कहा कि सम्मेलन में आए विरोधी मानसिकता वाले किसानों से दस्तखत जरूर कराएं। इनकी सूची गांव की चौपाल लगाकर बताएंगे कि २६५ प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि का लाभ सबसे पहले इन्होंने ही लिया है।

खेती की लागत कम होनी चाहिए
वनमंत्री ने कहा कि खेती की लागत कीमत कम होना चाहिए। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी तत्परता से काम कर रही है।

उपज आने पर वह बाजार और मंडियों में महंगे दामों में बिके, तभी खेती फायदे का धंधा बनेगी। किसानों के एक लाख रुपए के कर्ज पर 90 हजार रुपए वापस लेती है। 10 फीसदी ब्याज माफ किया जा रहा है। सिंचाई की बिजली के लिए 30 हजार रुपए मप्र सरकार जमा कर रही है। उन्होंने अन्नदाता किसान और देश की बार्डर पर खड़ा होकर देश वासियों की सुरक्षा करने वाले जवानों के जयकारे भी लगवाए। बरेली उदयपुरा विधायक रामकिशन पटेल ने कहा कि मप्र सरकार किसानों की हितैषी है, वह अन्नदाताओं को काफी सुविधाएं दे रही है।

बासी सब्जी खाते ही बीमार पड़े किसान
बंद पैकेट में रखी आलू की सब्जी पूड़ी हरी मिर्च किसानों, मजदूरों व महिलाओं को बांटी गई। बताया जा रहा है कि किसान मजदूरों को भोजन के इंतजाम कृषि विभाग द्वारा कराया गया था। कार्यक्रम स्थल के पंडाल में बांटे गए भोजन को खाने के बाद कुछ किसानों को उल्टियां हुईं। इस पर उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत कलेक्टर सहित वनमंत्री से भी की। तब वनमंत्री उप संचालक कृषि सुमन से इस लापरवाही के लिए नाराजगी जताई। याकूबपुर से आई महिला अंगूरी बाई, कानपोहरा की श्रीबाई, गुलगांव के किसान रामबाबू सराठे ने बताया कि डिब्बा बंद भोजन घटिया था।

ये रहे मौजूद
विशेष अतिथि विधायक रामकिशन पटेल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष शिवाजी पटेल, जिपं अध्यक्ष अनीता किरार, कृषि उपज मंडी अध्यक्ष रामसखी बघेल, मुदित शेजवार, डॉ. जेपी किरार, सुरेंद्र सिंह बघेल, मिट्ठूलाल धाकड़, महामंत्री राकेश तोमर यहित कलेक्टर भावना वालिम्बे, एसपी जेएस राजपूत अािद मौजूद थे। ऐसे रहे हालात कार्यक्रम स्थल पर अधिकांश कुर्सियां खाली रहीं।

पानी की बॉटले रखने पर वनमंत्री ने कहा जलसंकट के दौर में पानी बचाने के प्रयास करो। पंडाल में भारी उमस गर्मी से लोग बैचेन रहे।
वनमंत्री की नसीहत को दरकार कर भाजपाई और अधिकारी बॉटलों से पानी पीते रहे।

-क्या गजब हो गया, देख लेंगे। हमने कम दाम वाले एक कैटरर्स से भोजन के पैकेट बनवाए हैं। पैकेट तो ठीक थे, किसान झूठ बोल रहे होंगे।
एनपी सुमन, उपसंचालक कृषि

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