समस्याएं बताने कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राए

समस्याएं बताने कलेक्ट्रेट पहुंचीं छात्राए
Raisen

praveen praveen | Publish: Oct, 03 2016 11:25:00 PM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

रायसेन. लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहीं जिला आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित शहर के सीनियर प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की छात्राओं का सब्र का बांध सोमवार को फूट पड़ा।


रायसेन. लंबे समय से कई समस्याओं से जूझ रहीं जिला आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा संचालित शहर के सीनियर प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की छात्राओं का सब्र का बांध सोमवार को फूट पड़ा।
   हॉस्टल की करीब दर्जनभर छात्राएं सोमवार को सुबह लगभग दस बजे पहले कलेक्टर बंगला पहुंची। जहां ड््यूटी पर तैनात होमगार्ड सैनिकों से ट्रायबल विभाग के डीईओ के आफिस का पता पूछने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचीं। जहां उन्होंने कलेक्टर से गुहार लगाते हुए समस्याएं बताईं और जल्द ही नए भवन में शिफ्ट करवाने की मांग की।

 प्री-मैटिक कन्या छात्रावास रायसेन में 51 छात्राएं रहती हैं इनकी कई समस्याएं हैं। छात्रावास भवन 25 सीटर है, लेकिन वर्तमान में छात्रावास में 51 छात्राएं रहती हैं। छात्रा प्रेम बाई अहिरवार, आरती अहिरवार, चेतना महावर, रेवती जगेत, रजनी, मालती, पूजा, आरती, जानकी, नेहा अहिरवार, राखी चौधरी, आरती जाटव, मालती अहिरवार, संतोषी जाटव, वर्षा मालवीय, सपना अहिरवार और वर्षा मालवीय ने बताया कि दो कमरे के 25 पलंगों पर 51 छात्राएं एक पलंग पर दो से तीन छात्राएं रहने के लिए मजबूर हैं। छात्रावास में सिर्फ दो कमरे हैं। एक ही शौचालय है। इस पुराने भवन में अभी वह छात्राएं रहती हैं उसकी छत कंडम हैं। बारिश में पानी का रिसाव होता है। हालांकि प्री-मैट्रिक गल्र्स हॉस्टल का नया भवन गल्र्स स्कूल खेल ग्राउण्ड के समीप बनकर तैयार हो चुका है। लेकिन उस भवन का अभी तक लोकार्पण नहीं किया गया है। इससे छात्राआं को अनावश्यक परेशानियां उठाना पड़ रही हैं।

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