scriptPuddles made by illegal mining of sand | रेत का अवैध खनन कर बना दिए पोखर | Patrika News

रेत का अवैध खनन कर बना दिए पोखर

डेढ़ वर्ष से जिले की रेत खदानें बंद, फिर भी निरंतर हो रहा अवैध उत्खनन।
रेत खनन ने बिगाड़ दिया नर्मदा नदी का स्वरुप।

रायसेन

Updated: May 11, 2022 08:56:47 pm

बाड़ी. क्षेत्र सहित प्रदेश की जीवनदायिनी कहलाने वाली नर्मदा नदी की वर्तमान स्थिति को देखकर यह सहज ही कहा जा सकता है कि सरकार के वह तमाम वादे खोखले हैं। जिनमें कहा जाता है कि नर्मदा नदी से अवैध उत्खनन पूर्णत: बंद है। जिले में ठेका निरस्त होने के बावजूद खनन माफियाओं ने नर्मदा नदी से इस तरह रेत का उत्खनन किया है कि आज नर्मदा नदी पोखरों में तब्दील हो गई। कई किलोमीटर क्षेत्र में फैले नर्मदा घाट पर खनन माफि याओं ने बड़ी मात्रा में जेसीबी और पोकलेन मशीनों से जमकर दोहन किया है। ऐसे में खनिज विभाग के अधिकारियों की चुप्पी ने अवैध उत्खनन करने वालों को अघोषित रुप से ऊर्जा दे दी।
बात यहीं खत्म नहीं हो जाती अवैध खनन करने वालों ने पहले एक स्थान से उत्खनन किया। मगर जब वहां पर रेत की क्वालिटी एवं मात्रा में गिरावट आने लगी उन्होंने दूसरा रास्ता लीक बनाकर अवैध उत्खनन प्रारंभ कर दिया। ऐसी एक नहीं इस रेत खदान पर पांच सड़कों का निर्माण किया गया है। वहीं इन सड़कों में बड़ी मात्रा में बोल्डर और कोपरा का इस्तेमाल किया है। नर्मदा घाटों पर डाले जाने वाले कोपरा और बोल्डर के साथ ही घाट पर बड़े-बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। जिसके कारण जहां नर्मदा का स्वरुप तो बिगड़ ही रहा है साथ ही नर्मदा नदी का सुंदर सा घाट तालाबों में तब्दील होने लगा।
एक दर्जन खदानों पर ज्यादा खनन
क्षेत्र की लगभग 50 से अधिक खदानों में 12 से 15 खदान ऐसी हैं, जहां बड़ी मात्रा में रेत का भंडार बारह महीने रहता है। इन्हीं खदानों पर खनन करने वालों की नजर रहती है। बता दें कि बाड़ी-बरेली क्षेत्र में तो बहुत ही कम मात्रा में रेत का उपयोग होता है। लेकिन रसूखदार लोग इन खदानों से सागर, बीना, विदिशा, गंजबासौदा सहित अन्य शहरों में बड़ी मात्रा में डंपर से रेत भेज रहे।
कार्रवाई रही बेअसर
हालांकि समय.समय पर खनिज विभाग ने कार्रवाई कर टे्रक्टर-ट्रॉली, डंपर सहित पोकलेन मशीन जप्त की है। लेकिन माफिया यहीं नहीं रुके और तेज गति से अवैध उत्खनन करते रहे। ऐसे में खनिज विभाग सहित प्रशासन की कार्रवाई बेअसर साबित हो रही। इससे आसानी से समझा जा सकता है, कि अवैध उत्खनन करने वालों की राजनैतिक पहुंच कहां तक हैं। तभी तो जिला प्रशासन इनके ऊपर ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया।
इनका कहना
नर्मदा नदी में होने वाले अवैध उत्खनन के संबंध में आपसे जानकारी मिली है, मैं इंस्पेक्टर को पहुंचाकर चेक करवा लेता हूं। विभागीय अमले ने पूर्व में भी लगातार कार्रवाई की है।
आरके कैथल, जिला खनिज अधिकारी।
रेत का अवैध खनन कर बना दिए पोखर
रेत का अवैध खनन कर बना दिए पोखर

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

DGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्डIPL 2022 के समापन समारोह में Ranveer Singh और AR Rahman बिखेरेंगे जलवा, जानिए क्या कुछ खास होगाबिहार की सीमा जैसा ही कश्मीर के परवेज का हाल, रोज एक पैर पर कूदते हुए 2 किमी चलकर पहुंचता है स्कूलकर्नाटक के सबसे अमीर नेता कांग्रेस के यूसुफ शरीफ और आनंदहास ग्रुप के होटलों पर IT का छापाPM Modi in Gujarat: राजकोट को दी 400 करोड़ से बने हॉस्पिटल की सौगात, बोले- 8 साल से गांधी व पटेल के सपनों का भारत बना रहापंजाब की राह राजस्थान: मंत्री-विधायक खोल रहे नौकरशाही के खिलाफ मोर्चा, आलाकमान तक शिकायतेंई-कॉमर्स साइटों के फेक रिव्यू पर लगेगी लगाम, जांच करने के लिए सरकार तैयार करेगी प्लेटफॉर्म
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.