scriptraisen bikhar rahe parivaron ke tana bana | बिखर रहे परिवारों के ताना बाना | Patrika News

बिखर रहे परिवारों के ताना बाना

नए साल के पहले 11 दिनो में ही 13 मामले पहुंचे परामर्श केंद्र।

रायसेन

Published: January 11, 2022 09:42:15 pm

रायसेन. टूटते परिवारों को जोडऩे के प्रयास में लगे परिवार परामर्श केंद्र के लिए नई साल की शुरुआत भले ही अच्छी कही जा सकती है कि 11 दिन में सभी 13 प्रकरणों का निराकरण हो गया, कोइ प्रकरण अदालत तक नहीं चहुंचा, लेकिन यह अच्छाई भी सामाजिक कहीं न कहीं दुखद है। यह संकेत है कि इन दिनो पारिवारिक सामंजस्य में कमी आई है। एक दूसरे के प्रति विश्वास में कमी के चलते पारिवारिक विवाद बढ़ रहे हैं, विशेषकर पति-पत्नी के बीच तनाव बढ़कर विवाद तक पहुंच रहे हैं। नए साल में परिवार परामर्श केंद्र में हुई दो बैठकों में 13 प्रकरण आए, जो सभी निराकृत किए जा चुके हैं, मंगलवार को जब बैठक समाप्त हुई तो कोई प्रकरण लंबित नहीं था। बैठक में कुल 13 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 7 में आपसी सहमति से राजीनामा हुआ। 5 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए व एक प्रकरण नए अनुविभाग का होने से स्थानांतरित किया गया।
एसडीओपी कार्यालय रायसेन में आयोजित परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में सलाहकारों की समझाइश से कई उजड़ते परिवारों को फिर से बसाया जा रहा है। केंद्र के इस प्रयास को नए साल में काफी अच्छी शुरुआत मिली है। वर्ष 2022 की पहली व दूसरी बैठक में बड़ी संख्या में परिवारिक विवादों का निपटारा हुआ।
20 साल बाद अलगाव की स्थिति बनी
एक पारिवारिक विवाद जिसमें शादी के 20 साल बाद भी पति-पत्नी में अलगाव की स्थिति बन गई थी, उन्हें समझाइश के बाद साथ रहने को राजी किया गया। इसी तरह खिलानसिंह व चंदाबाई, मनीष कुमार व लक्ष्मीबाई, कैलाश-चंपाबाई एवं चंद्रमोहन व लक्ष्मीबाई व दो अन्य प्रकरण में आपसी सहमति से राजीनामा हुआ। शादी के 20 साल बाद भी विवाद के कारण टूटते किशन व मोहरबाई के दाम्पत्य जीवन को भी समझाइश के बाद फिर से एक किया गया। परिवार परामर्श केंद्र की बैठक में एसडीओपी अदिति भावसार, अध्यक्ष कैलाश श्रीवास्तव, सलाहकार अशोक गुप्ता, चेतन राय, अनीता राजपूत, ममता दुबे, एसआई अनिल वर्मा, आरक्षक लोकेंद्र मोर्य उपस्थित रहे।
क्या हंै विवादों के कारण
बीते कुछ माहों में परिवार परामर्श केंद्र में आए प्रकरणों पर गौर करें तो इनमें अधिकतर प्रकरण युवा दंपतियों के सामने आए। जिनमें आपसी तालमेल में कमी, आर्थिक दबाब के साथ युवावस्था में प्रेम में पड़कर विवाह करने और फिर उम्मीदों के अनुसार पति या पत्नी से तवज्जो नहीं मिलना भी विवाद का कारण बना है। इसमें एक बड़ा कारण यह भी सामने आया कि क्षमता से अधिक उम्मीदें पालना और फिर पूरी नहीं होना विवाद का कारण बनता है। साइकोलॉजिस्ट शैली राय का कहना है कि पारिवारिक विवादों के पीछे आर्थिक तंगी, पति या पत्नी के उम्मीदों पर खरा नहीं उतरना के साथ एक बड़ा कारण पति द्वारा नशा करना भी होता है। ऐसे विवाद समझाइश से हल हो सकते हैं।
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