scriptraisen, ham swatantra hue lekin swa ka tantra sthapit nahi kar paye | हम स्वतंत्र हुए लेकिन स्व का तंत्र स्थापित नहीं कर पाए | Patrika News

हम स्वतंत्र हुए लेकिन स्व का तंत्र स्थापित नहीं कर पाए

स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव के तहत हुआ आयोजन।

रायसेन

Updated: December 27, 2021 09:03:40 pm

बरेली. सोमवार को सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
स्वाधीनता संघर्ष और हमारे कर्तव्य विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रुप में आवासीय विद्यालय शारदा विहार भोपाल के प्रबंधक अजय शिवहरे ने कहा कि हम अंग्रेजों को देश से भगा कर स्वतंत्र तो हो गए हैं, लेकिन हम स्व का तंत्र स्थापित नहीं कर पाए हैं। हमें अपने देश में स्वयं का तंत्र स्थापित करने के लिए अपनी अपनी भूमिका तय करनी होगी। शिक्षा के क्षेत्र में आज भी हम मैकाले की शिक्षा पद्धति का ही अनुशरण कर रहे हैं। मैकाले की शिक्षा पद्धति केवल बाबू बनाने की शिक्षा पद्धति है। अंग्रेज हमसे अंग्रेजी में संवाद स्थापित करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने अपनी सुविधा के लिए मैकाले की शिक्षा पद्धति लागू की। स्वतंत्रता के 75 साल बाद भी आज भी हम मैकाले की शिक्षा पद्धति अपनाए हुए हैं। हमारी गुरुकुल आधारित शिक्षा पद्धति
समाज, राष्ट्र और व्यक्ति का निर्माण करती थी। अब हम नई शिक्षा पद्धति से हमारा तंत्र स्थापित कर पाएंगे।
प्राचीन अर्थ तंत्र स्वावलंबी था
पहले गांव एक स्वतंत्र इकाई होता था, गांव वालों की सारी जरूरतें गांव में ही पूरी हो जाती थीं। हुनर के अभाव में आजकल केवल एक नौकरी के लिए हमारा सक्षम और समृद्ध युवा भटक रहा है। हमने अपने गौरवशाली इतिहास को विस्मृत कर दिया। हमारे महापुरुषों और शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि यह होगी कि हम उनके बारे में जानें और पढ़ें। जो देश अपने इतिहास को याद नहीं करता वह स्वयं इतिहास बन कर रह जाता है। शिवहरे ने कहा कि यह तय है कि हम आने वाले 25 वर्षों में जब आजादी की 100 वीं जयंती मनाएंगे, तब हम स्वयं के तंत्र के अधीन हो जाएंगे। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपने तन्त्र की स्थापना के लिए अपनी भूमिका तय करें। इससे पूर्व विचार गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक रामकिशन पटेल ने भी अपने प्रभावी विचार रखें। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रुप में धनराज सिंह ठाकुर जिला संघ चालक और शंकर सिंह माता वाले विशेष अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। सनातन संस्कृति के अनुसार आयोजित कार्यक्रम के अंत में मां नर्मदा शिक्षण समिति के सचिव विनोद साहू ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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