हमने सबको संभाला, हमे कौन संभालेगा

नारे लगाते हुए हड़ताल पर बैठीं नर्स, अस्पताल की व्यवस्था ट्रेनी नर्सों के हवाले।

By: praveen shrivastava

Updated: 03 Jul 2021, 09:54 PM IST

रायसेन. कोविड महामारी में हमने लोगों का संभाला, अब जब हम परेशान हैं तो कौन संभालेगा। यह सवाल खड़े करते हुए जिला अस्पताल की 109 नर्सों ने शनिवार को अस्पताल परिसर में हड़ताल की। अनुभवि नर्सों के हड़ताल पर जाने से अस्पताल में मरीजों को दवा देने सहित जांच करने की जिम्मेदारी ट्रेनी नर्सों सहित संविदा पर रखी गई 98 नर्सों ने संभाली।
आश्वासन से नहीं चलेगा काम
अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठी नर्सिंग स्टाफ ने सरकार को आगाह करते हुए कहा है कि दो दिवसीय धरना अभी शुरू हुआ है। 2 दिन के अंदर हमारी मांगे नहीं मानी गईं तो हम आगे जो भी निर्देश मिलेंगे उसका पालन करते हुए आंदोलन का रास्ता तय करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री का क्षेत्र होने के साथ ही आज तक हमारे साथ सिर्फ झूठे आश्वासन और सरकार ने वादा-खिलाफी की है, लेकिन अब हम झूठे वादों में फंसने वाले नहीं हैं। नर्सों ने कहा कि स्वास्थ मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी को हमारी समस्याओं और मांगों की बखूबी जानकारी है। यदि नहीं है तो हम लोग बता रहे हैं कि अब हम पीछे नहीं हटेंगे, हम अपनी मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन आंदोलन करेंगे, चाहे हमें जो भी खामियाजा भुगतना पड़े। नर्सों ने बताया कि दस हजार रुपए अतुल वेतनमान देने का वादा किया था, लेकिन उल्टा एक दिन का हमारा वेतन काट लिया। कई नर्सों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु हुई है, उनके परिजन को आज तक अनुकंपा नहीं मिली
ये हैं नर्सों की मांगें
ग्रेड 2 के समान वेतनमान, पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए, कोरोनाकाल में जिनकी मृत्यु हुई है उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति, 2 वेतन वृद्धि का लाभ, प्रतिनियुक्ति समाप्त कर स्थानांतरण नीति बनाई जाए, उच्च शिक्षा के लिए आयु बंधन हटाया जाए, कोरोनाकाल के दौरान जो भर्ती हुए थे उन्हें स्थाई किया जाए, समान कार्य के लिए समान वेतनमान निर्धारित किया जाए और मेल नर्सों की भर्ती की जाए।
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praveen shrivastava Bureau Incharge
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