समर्थन मूल्य पर खरीदी को किसानो का नहीं मिल रहा समर्थन

- पिछले साल नहीं मिली प्रोत्साहन राशि तो, इस साल पंजीयन में नहीं रुचि।
- 47 हजार किसानो की 71 करोड़ 68 लाख प्रोत्साहन राशि अटकी।
- पिछले साल 67 हजार किसानो ने कराया था पंजीयन
- अब तक 19 हजार किसानो ने कराया पंजीयन।

रायसेन. समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन का काम जारी है, लेकिन इस बार समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए किसानो का समर्थन नहीं दिखाई दे रहा है। पंजीयन की रफ्तार धीमी है। 15 दिन में महज 19 हजार किसानो ने ही पंजीयन कराया है। जबकि अब पंजीयन के लिए 13 दिन ही शेष हैं। बताया जाता है कि इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में किसानो की रुचि नहीं हैं। इसका प्रमुख कारण बीते साल बेचे गेहूं की प्रोत्साहन राशि नहीं मिलना बताया जा रहा है। हालांकि शासन ने समर्थन मूल्य 1925 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। जो पिछले साल 1840 रुपए था। लेकिन इस पर 160 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी घोषित थी, जो इस बार घोषित नहीं की गई है। पंजीयन की रफ्तार को देखकर लगता है कि इसकी अंतिम तारीख 28 फरवरी को अगले महीने तक के लिए बढ़ाना पड़ेगा।
71 करोड़ 68 लाख अटका
बीते साल जिलेभर के 67 हजार किसानो ने गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराया था। उनमे से 47 हजार किसानो ने 4 लाख 48 हजार मेट्रिक टन गेहूं बेचा था। जिसका 160 रुपए प्रति क्विंटल के मान से 71 करोड़ 68 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि किसानो को नहीं मिली है। ऐसे में किसान अब समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए उत्सुक नहीं हैं। किसानो का कहना है कि समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में आने वाली मुसीबत से बचकर सीधे ही बाजार में पज बेचना अ'छा होगा। इतने या इससे कुछ कम दाम बाजार में मिल जाएंगे और राशि भी समय पर मिल जाएगी।
इस बार अ'छी पैदावार की संभावना
इस बार गेहूं की फसलें अ'छी दिखाई दे रही हैं। अ'छी बारिश और फिर अ'छी ठंड के चलते फसलें अ'छी बनी हैं। जिसे देखते हुए कृषि विभाग का अनुमान है कि पैदावार भी अ'छी होगी। इसलिए जिले में गेहूं खरीदी का लक्ष्य पांच लाख मेट्रिक टन रखा गया है।
95 खरीदी केंद्र बनाए
इस बार गेहूं खरीदी के लिए जिले में 95 केंद्र बनाए गए हैं। जिन पर मार्च के आखिरी सप्ताह में खरीदी शुरू होने की संभावना है। गेहूं के साथ चना, मसूर और उड़द के लिए भी पंजीयन शुरू हो गए हैं। खरीदी को लेकर जिले में बारदाने की 1&16 गठानें भी आ गई हैं।
इनका कहना है
समर्थन मूल्य पर उपज बेचने में इस बार कोई फायदा नहीं है। पिछले साल प्रोत्साहन राशि की घोषणा की थी, वो आज तक नहीं मिली। इससे अ'छा तो बाजार में ही उपज बेचेेंगे।
मोहन मीणा, किसान नीमखेड़ा
समर्थन मूल्य केंद्र पर गेहूं बेचने में परेशानी बहुत है और कोई अलग से फायदा नहीं मिल रहा है। व्यापारी को बेचेंगे तो तुरंत भुगतान मिलेगा और परेशानी से बचेंगे।
गोरे लाल यादव, किसान रंगपुरा केशरी
वर्जन...
हमारी तरफ से कोई परेशानी नहीं है
- जिले के सभी 95 केंद्रों पर पंजीयन प्रक्रिया शुरू की है। लेकिन किसान पंजीयन कराने कम आ रह है। हमारी तरफ से कोई परेशानी नहीं है।
व्हीके रंगारे, महाप्रबंधक नॉन
बोनस शासन स्तर से आना है
- गेहूं की प्रोत्साहन राशि शासन स्तर से आना है। इसके लिए हमने डिमांड भेजी है। जैसे ही राशि आएगी उसे किसानों को वितरित कर दिया जाएगा।
व्हीके दुबे, सहायक संचालक कृषि रायसेन

praveen shrivastava Bureau Incharge
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