किसानो की मेहनत पर मौसम की मार

गुरुवार के बाद शुक्रवार शाम भी आंधी के साथ हुई बारिश से खेतों में बिछ गई गेहूं की फसलें।
आंधी से कई मकानों के छप्पर उड़े।

By: praveen shrivastava

Updated: 19 Mar 2021, 09:33 PM IST

रायसेन. एक बार फिर मौसम ने किसानो की मेहनत पर पानी फेरने का काम किया है। गुरुवार रात हुई बारिश ने जिलेभर में खेतों में खड़ी और कटी रखी फसलों को प्रभावित किया है। वहीं शुक्रवार को सुबह से धूप निकलने के बाद शाम को फिर मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। आंधी के कारण रायसेन शहर में कई मकानो के छप्पर उड़ गए, कई पेड़ गिर गए, पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। रायसेन के अलावा सांची, सलामतपुर, दीवानगंज आदि क्षेत्रों में भी आंधी से नुकसान होने की जानकारी मिली है। रायसेन की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, वार्ड सात में कई मकानो के छप्पर और टीन शेड उड़ गए। जिला अस्पताल के गेट पर लगा बोर्ड लटक गया।
बेमौसम बारिश से फसलों को भी नुकसान हो रहा है। फसलें गीली होने से कटाई और थ्रेशिंग का काम पिछड़ गया है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को चली आंधी से खेतों में खड़ी गेहूं की फसलें आड़ी हो गईं। पकी हुई फसलों के गीला होने से दाने की चमक कमजोर होगी। जिससे उपज को उचित दाम नहीं मिलेंगे, यह चिंता किसानो को सता रही है। बीते सप्ताह हुई बारिश से गीली हुई फसलें जैसे तेसे सूखी थीं, उन पर गुरुवार को फिर पानी लगने से गीली हो गईं। शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक बूंदाबांदी होती रही। इसके बाद धूप निकली, लगभग दो घंटे धूप के बाद फिर दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। धूप में तेजी नहीं होने से दानो तक पहुंचा पानी नहीं सूखा, विशेषकर कटी रखी फसलें गीली बनी रहीं, जिनकी चमक और गुणवत्ता खराब होगी।

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praveen shrivastava Bureau Incharge
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