कोरोना अब बेकाबू, सात की मौत 197 नए पॉजिटिव

आज रात से 21 अप्रेल तक जनता कफ्र्यु/लॉकडाउन, नहीं सुधरे हालात और और बढ़ेगा कफ्र्यु।

By: praveen shrivastava

Updated: 14 Apr 2021, 09:02 PM IST

रायसेन. अन्य जिलो की तरह अब रायसेन में भी कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। मजबूरी में प्रशासन को आज रात दस बजे से 21 अप्रेल तक जनता कफ्र्यु/लॉकडाउन लगाने का निर्णय लेना पड़ा है। जो पूरे जिले की राजस्व सीमा में लागू होगा। ये हालात इसलिए बने कि बुधवार को जिले में 197 नए पॉजिटिव मरीज मिले, जबकि सात मरीजों की मौत हुई। कोरोना के एक दिन में इतने पॉजिटिव मरीज मिलने और इतनी अधिक मौत का यह पहला मामला है। हालात ये थे कि बुधवार को नगर के पुरेन तालाब शमशान घाट पर चार शवों का अंतिम संस्कार कुछ अंतर से किया गया। कोरोना से अभी तक बेपरवाह लोग बुधवार को खुद सोशल मीडिया पर लॉकडाउन लगाने की मांग कर रहे थे। सुबह से शाम तक हर घंटे बाद एक मौत की जानकारी मिल रही थी। बुधवार को रायसेन निवासी एक कॉलेज प्रोफेसर सहित एक प्रिंटिंग प्रेस संचालक की मौत कोरोना से हुई, जिसकी सूचना मिलते ही लोग सकते में आ गए। इसके अलावा औबेदुल्लागंज, मंडीदीप, सेवासनी, बरेली के अलावा रायसेन क्षेत्र के निवासी दो लोगों की कोरोना से मौत की जानकारी मिली है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में दो लोगों की मौत ही दर्ज हुई है।
ेभोपाल, रायसेन और विदिशा में मौतें
रायसेन की संस्कार विहार कॉलोनी निवासी कॉलेज प्रोफेसर अनिल चतुर्वेदी की इलाज के दौरान भोपाल के पीपुल्स अस्पताल में मौत हो गई। जबकि विदिशा के मेडीकल कॉलेज में लोकेंद्र कौशल निवासी रायसेन, सुशीला राजपूत बरेली तहसील, हरिशंकर कुशवाहा रायसेन तहसील की मौत हुई। इनके अलावा ग्राम सेवासनी निवासी 26 वर्षीय विजय और औबेदुल्लागंज निवासी दीपाबाई की कोविड केयर सेंटर रायसेन में मौत हुई। एक अन्य महिला सुनीता बाई की भोपाल में मौत हुई है।
शव उठाने नहीं मिला कोई
बुधवार को उस समय बहुत दुखद और गंभीर स्थिति बनी जब सेवासनी निवासी युवक की कोविड केयर सेंटर में रात में मौत के बाद सुबह अंतिम संस्कार के लिए तमाम मुसीबतें सामने आईं। युवक के दो साले अरविंद और सोनू शव को शमशान तक पहुंचाने के लिए इधर-उधर लोगों से मदद मांगते रहे। अंतत: उन्हे खुद ही पीपीई किट पहनकर शव को मर्चुरी से उठाकर एंबुलेंस में रखना पड़ा। जैसे ही एंबुलेंस अस्पताल परिसर से बाहर की ओर आई, उसका पहिया सड़क पर फंस गया। ऐसे में फंसी एंबुलेंस को धक्का देने के लिए भी कोई मददगार नहीं आया। लोग दूर से खड़े देखते रहे और मृतक के साले एंबुलेंस को धकाने का प्रयास करते रहे। लगभग आधा घंटा यह स्थिति बनी रही। इसके बाद पहुंचे टीआई जगदीश सिंह सिद्धु ने एक ट्रेक्टर बुलाकर उसकी मदद से एंबुलेंस को निकलवाया।
अंतिम संस्कार के लिए मृतक के परिजनो को केवल दो पीपीई किट मिले। जबकि मृतक की पत्नी, बेटी सहित अन्य तीन लोगों ने बिना सुरक्षा के ही शव का अंतिम संस्कार किया।
ये है जिले की स्थिति
अब तक जिले में 3709 कोरोना पॉजीटिव मरीज मिल चुके हैं। जिनमे से 2816 मरीज स्वस्थ हुए हैं। जबकि 51 मरीजों की (विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक) मौत हुई है। जिले में कुल 842 एक्टिव केस हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। 1222 सेम्पल की रिपोर्ट प्रतीक्षित है।

कोरोना अब बेकाबू, सात की मौत 197 नए पॉजिटिव
praveen shrivastava Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned