लालटेन दिखाकर देते थे लाइन क्लीयर होने का संकेत, भाप से दौड़ते थे इंजन

रेलवे ने पुरानी तकनीक को प्रदर्शित करने सांची स्टेशन पर बनाया संग्रहालय, डीआरएम ने किया शुभारंभ।

By: praveen shrivastava

Published: 03 Jul 2021, 09:48 PM IST

रायसेन/सांची. इलेक्ट्रिक आधारित रेल संचालन व्यवस्था आने से पहले किस तरह ट्रेनों का सफल संचालन किया जाता था, इसमें किस तरह के उपकरण उपयोग में लाए जाते थे। यह जानना और देखना है तो सांची स्टेशन जाइये, यहां पुराने जमाने के हर तरह के रेलवे के उपकरण एक संग्रहालय में सजाकर रखे गए हैं। इस संग्रहालय का शनिवार को डीआरएम उदय बोरवणकर ने शुभारंभ किया। सांची स्टेशन पर बनाए गए इस संग्रहालय में बिना टिकट प्रवेश मिलेगा। यह संग्रहालय खासतौर से विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए खोला गया है। ताकि भारत की पुरानी तकनीक विदेशियों को देखने मिले और वो अंग्रेजों के जमाने से अब तक भारतीय रेल में आए परिवर्तन और आधुनिकीकरण को जान सकें।
पहले पटरी पर दौड़ रही ट्रेन को लालटेन दिखाकर लाइन क्लीयर होने का संकेत दिया जाता था। अब यह व्यवस्था सिग्रल आधारित हो गई है। छुक-छुक कर दौड़ते भाप वाले इंजनों की जगह बिजली चलित इंजनों ने ले ली है। युवा पीढ़ी ने रेलवे की पुरानी तकनीक और उपकरणों को नहीं देखा है, ऐेसे लोगों के लिए सांची स्टेशन पर संग्रहालय बनाया गया है। जिसमें पुराने समय के तमाम उपकरण सजाकर रखे गए हैं। संग्रहालय का शुभारंभ करते हुए मंडल रेल प्रबंधक उदय बोरवणकर ने बताया कि पहले इंजन कोयला से चलते थे और उन्हें चलाने में अधिक स्टाफ की आवश्यकता होती थी, अब केवल 2 लोग ही ट्रेन में चालक के रूप में उपलब्ध रहते हैं। स्टेशन अधीक्षक आरबी ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में किसी स्टेशन पर इस तरह का संग्रहालय नहीं है। डीआरएम के निर्देश पर तीन दिन में ही संग्रहालय तैयार किया गया।
ठाकुर ने बताया कि सांची विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है यहां देशी विदेशी पर्यटक आते हैं। इसलिए सांची में यह संग्रहालय बनाया गया है।
पुराने उपकरणों और उन के उपयोग की तकनीक के बारे में बताते हुए डीआरएम ने नगर के लोगों से भी बात की। उन्होंने कहा कि सांची स्टेशन पर जो सवारी ट्रेन नहीं रुक रही हैं, उन्हें जल्द रोकने की तैयारी है। इस मौके पर स्टेशन अधीक्षक आरबी ठाकुर एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे।
भगवती बाई ने काटा रिबन
रेलवे संग्रहालय का शुभारंभ सांची स्टेशन पर पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भगवती बाई ने रिबन काटकर किया। डीआरएम वोरवणकर ने विभाग की महिला कर्मचारियों को सम्मान देते हुए प्रदेश के पहले संग्रहालय का शुभारंभ उनके हाथों कराया।

लालटेन दिखाकर देते थे लाइन क्लीयर होने का संकेत, भाप से दौड़ते थे इंजनलालटेन दिखाकर देते थे लाइन क्लीयर होने का संकेत, भाप से दौड़ते थे इंजन
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