रायसेन में सोशल डिस्टेंसिंग की उढ़ी ध"िायां

राहत के लिए खोला बाजार बढ़ सकती है मुसीबत, दुकानों पर उमड़े लोग, तीन फीट की दूरी का नहीं हो सका पालन।

By: praveen shrivastava

Published: 27 Mar 2020, 08:13 PM IST

रायसेन. सोशल डिस्टेंसिंग के लिए प्रधानमंत्री ने हाथ जोड़कर अपील की है। इसीलिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है कि लोग एक दूसरे के संपर्क में आएं। एक निश्चित दूरी बनाए रखें ताकि कोरोना वायरस का संक्रमण न हो। रायसेन जिले में भी लॉक डाउन का पालन सख्ती से कराया जा रहा है। पुलिस द्वारा दिन-रात मेहनत कर इसे सफल बनाया जा रहा है, लेकिन शुक्रवार को बाजार खोलने के प्रशासन के निर्देशों ने सारी किए पर पानी फेर दिया। कुछ घंटों में ही शहर और गांव से आए लोग आम दिनों की तरह बाजार में एक दूसरे के संपर्क में आ गए। यदि कोई अनहोनी होती है तो लोगों को खाद्य सामग्री खरीदने के लिए दी गई यह सुविधा संकट का रूप ले सकती है।
फिलहाल किसी तरह की राहत देने के लिए मैदानी अधिकारी और कर्मचारी मन से तैयार नहीं थे। 80 फीसदी व्यापारी भी तैयार नहीं थे, वे होम डिलेवरी के लिए तैयार थे। गुरुवार शाम तक यही निर्णय चर्चा में था, लेकिन अधिकारियों के निर्देश पर सुबह आठ से शाम छह बजे तक के लिए बाजार खोले गए।
इस तरह बिगड़े हालात
सुबह से ही शहर में बारिश और ओले गिरने से बाजार खुलने में देरी हुई। लगभग दस बजे बारिश रुकने के बाद जैसे ही बाजार खुले और लोग खरीदी के लिए बेकाबू होकर सड़कों पर निकले तो कुछ मिनटों में ही हालात गड़बड़ा गए। नगर पालिका द्वारा दुकानो के सामने सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बनाए गए गोले कुछ दुकानो पर ही उपयोग होते देखे गए। गंजबाजार में तो हाट बाजार की तरह भीड़ लगी थी। किराना व्यापारी केवल अपने धंधे पर ध्यान दे रहे थे, उन्हे इस बात से कोई सरोकार नहीं था कि उनकी दुकान के सामने गोले बनाए गए हैं और उन्हे ग्राहकों को इनमें ही खड़े करना है। इस विश्व व्यापी महामारी को जानते और समझते हुए भी लोगों ने बेहद लापरवाही बरती।
हालात बिगड़े तो कलेक्टर ने उठाया डंडा
बाजार में भीड़ और हालत बिगडऩे की सूचना मिलने पर कलेक्टर उमाशंकर भार्गव, एसपी मोनिका शुक्ला सड़कों पर उतरे। लोगों को समझाया, नहीं माने तो खुद हाथों में डंडा उठाना पड़ा। सागर तिराहा से तहसील तक सड़क पर अफरा तफरी का माहौल बन गया था। पुलिस के जवान ऑटो चालकों को पकड़कर थाने ले जा रहे थे, एसपी, कलेक्टर खुद दुपहिया वाहन चालकों को रोककर डांट फटकार लगा रहे थे।
स्थिति देख लोगों में डर भर गया
बाजार खुलने की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों में से भी लोग रायसेन पहुंच गए थे। बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग के बिगड़े हालात देख शहर के लोगों में डर भर गया। सभी बाजार खोलने के निर्णय से खफा नजर आए। लोगों का कहना था कि रायसेन कृषि प्रधान नगर और जिला है, यहां हर घर में पर्याप्त राशन रहता है। फिलहाल ऐसे हालात नहीं थे कि बाजार खोलने की सख्त जरूरत हो। जबकि दूध, सब्जी, दवा की दुकाने हर दिन सुबह के समय खोली जा रही हैं।
-----------------------------------------

रायसेन में सोशल डिस्टेंसिंग की उढ़ी धरायसेन में सोशल डिस्टेंसिंग की उढ़ी ध
praveen shrivastava Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned