सत्य रूप परमेश्वर से ही सृष्टि का संचालन होता है: कुंदन लाल

श्री दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचनो के साथ हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम।

By: praveen shrivastava

Updated: 15 Sep 2021, 09:56 PM IST

रायसेन. सत्य बोलो पर कड़वा सत्य नहीं बोलो, मधुर सत्य बोलो। मधुरता से पगा हुआ तुम्हारा सत्य होना चाहिए। अर्थात हितमीत प्रियता से जुड़ा हुआ तुम्हारा सत्य होना चाहिए। यदि आपका बोला गया सत्य किसी के लिए प्राणघातक साबित हुआ तो वह सत्य भी झूठ बराबर है। उक्त बात कुंदन लाल जैन ने पर्युषण महापर्व के पांचवें दिन श्री दिगंबर जैन मंदिर में प्रवचन करते हुए कही। सत्य धर्म पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सत्य मर्यादित हो और उसका अर्थ कर्कश मर्म भेदी ना हो। खुश करने के लिए हां में हां मिलाना उनके मन का काम करते रहना और बढ़ा चढ़ाकर उनकी प्रशंसा करते रहना यह मधुर झूठ माना गया है। इस मधुर झूठ का भी त्याग किया जाता है तब ही हमारे जीवन में सत्य आता है।
भजन प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
मंदिर में रात के समय भजन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमे बालिका वर्ग में काव्या जैन प्रथम, नियति जैन द्वितीय तथा स्तुति जैन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। गीतिका जैन ने महिला वर्ग में प्रथम, सुरभि जैन मेघा जैन ने दूसरा तथा एवं तृतीय स्थान आकांक्षा जैन ने प्राप्त किया। पुरुष वर्ग में नरेंद्र जैन ने प्रािम स्थान प्राप्त किया। मंदिर समिति ने सभी विजेताओं को मेडल एवं पुरस्कार से सम्मानित किया समाज के प्रचार प्रसार व्यवस्थापक राकेश जैन ने बताया कि लोगों में भगवान के अभिषेक एवं शांति धारा के लिए बोली लगाने की होड़ मची हुई है। बुधवार को शांति धारा की प्रथम बोली अभिषेक जैन ने प्राप्त की। शांति धारा पाठ मनोज जैन द्वारा किया गया। आरती पढऩे का सौभाग्य विनोद जैन को प्राप्त हुआ। कुंदन लाल जैन के निर्देशन में करैया परिवार द्वारा शांतिनाथ विधान का आयोजन किया गया।
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praveen shrivastava Bureau Incharge
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