शर्मसार मानवता: मजबूरन पीएम के बाद ट्रैक्टर के पीछे बांधकर ले गए शव

शर्मसार मानवता: मजबूरन पीएम के बाद ट्रैक्टर के पीछे बांधकर ले गए शव
शर्मसार मानवता: मजबूरन पीएम के बाद ट्रैक्टर के पीछे बांधकर ले गए शव

Deepesh Tiwari | Updated: 12 Oct 2019, 01:16:30 PM (IST) Raisen, Raisen, Madhya Pradesh, India

जंगल में मिला था युवक का शव, गले पर मिले घाव, हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी...

रायसेन/सुल्तानगंज. गुरुवार को ग्राम झिरपानी में चरवाहे जसरथ पुत्र कन्हैया लोधी उम्र करीब 20 वर्ष का शव गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर जंगल में मिला था।

मृतक के परिजन शुक्रवार को शव का पीएम कराने सुल्तानगंज लेकर आए, लेकिन वापस अपने घर शव को ले जाने के लिए परिजनों को कोई वाहन नहीं मिला। मजबूरी में परिजन युवक के शव को एक ट्रैक्टर के पीछे मडगार्ड पर लकड़ी रखकर रस्सियों से बांधकर ले गए।

शव को इस तरह लेकर जाना मानवता को झकझोर गया। क्षेत्र में शवों को लाने, ले जाने के लिए शासकीय स्तर पर किसी तरह के वाहन की व्यवस्था न होना आए दिन ऐसे ही ग्रामीणों के लिए संकट साबित होता है।

केवल सुल्तानगंज ही नहीं बल्कि सिलवानी में भी ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। जबकि सिलवानी, सुल्तानगंज आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जिससे लगभग डेढ़ सौ गांव जुड़े हुए हैं।

बेजार हैं सुविधाएं: जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेजार हैं। डॉक्टरों की कमी के साथ मरीजों को एंबुलेंस जैसी जरूरी सुविधा के लिए परेशान होना पड़ता है। विशेषकर सिलवानी, सुल्तानगंज, बम्हौरी, साईंखेड़ा आदि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में एंबुलेंस की सुविधा नहीं है।

यहां हमेशा दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में जब भी ऐसी कोई घटना होती है, तब पीडि़तों को पीएम के लिए शव को लेकर अस्पताल तक आना भारी दिक्कतों भरा साबित होता है।

सालों से क्षेत्र के लोग सिलवानी और सुल्तानगंज अस्पताल में स्थाई रूप से शव वाहन की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन और जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।


अभी पुलिस जंगल में घटनास्थल पर जांच करने गई है। अभी तक हत्या का कोई खुलासा नहीं हुआ है। जिन लोगों पर परिजनों ने शक जताया है, उन लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है। परिजनों को ट्रैक्टर के साथ ट्राली नहीं मिली तो ट्रैक्टर के मडगार्ड पर मृतक के शव को रस्सी से बांधकर घर ले गए।
- मोनिका शुक्ला, एसपी रायसेन

घसीटने के मिले निशान
मृतक के पिता कन्हैया लोधी ने बताया कि उनका पुत्र जसरथ गुरुवार सुबह आठ बजे अपने मवेशी लेकर चराने के लिए जंगल गया था, जो दोपहर में खाना खाने अपने घर वापस आया और फिर करीब तीन बजे जंगल मवेशी चराने चला गया।

शाम छह बजे करीब जंगल से मवेशी वापस घर लौट आए, लेकिन जसरथ नहीं लौटा। तब कुछ देर के बाद पहले हम लोगों ने गांव में जसरथ को ढूंढा लेकिन गांव में कोई सुराग नहीं मिला, तब गांव के कुछ लोगों को साथ लेकर टॉर्च लेकर जंगल में गए।

कुछ देर तक खोजने के बाद रात 9:30 बजे एक सागौन के पेड़ के नीचे पहुंचे, जहां पर जमीन पर कुछ खून दिखाई दिया। वहीं से किसी को घसीटने के निशान भी मिले। तब उस निशान को देखते हुए कुछ दूर एक सागौन की झाड़ी के पास पहुंचे, जहां पर जसरथ का शव लहूलुहान हालत में पड़ा मिला।

जसरथ की गर्दन पर दो गहरे धारदार हथियार के निशान थे। पुत्र की यह हालत देख पिता बेहोश होकर गिर गया। साथ आए लोगों ने उसे संभाला और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी माया सिंह, एसआई बीबी तिवारी समेत पुलिस बल मौके पर पहुंचा। जसरथ के शव को अस्पताल लाया गया। शुक्रवार की सुबह जसरथ के शव का पीएम किया गया।

मृतक के पिता ने अपने पुत्र की अज्ञात लोगों द्वारा हत्या की आशंका जताई है और एक व्यक्ति पर शक भी जाहिर किया है। जिसे थाने में बिठाकर पुलिस पूछताछ कर रही है।


पीएम के बाद अस्पताल आ गया था, मुझे पता नहीं परिजन मृतक के शव को कैसे ले गए। अस्पताल में शव वाहन नहीं है और ना ही 108 वाहन है। जब भी कोई शव पीएम के लिए आता है तब परिजन या पुलिस वाहन की व्यवस्था कर शव के लिए अंतिम संस्कार के लिए भेजा जाता है।
- डॉ. दिलीप वाड़बुदे, मेडीकल ऑफीसर

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