'साहब, मुआवजा मिला नहीं और मकान तोड़ दिए, अब बारिश में बच्चों के साथ कहां जाएं

कई लोगों को सरकार की तरफ से मुआवजा राशि मिल चुकी है, इसके बाद भी वे लोग मकान नहीं हटा रहे हैं

By: chandan singh rajput

Published: 11 Jul 2020, 02:04 AM IST

देवरी. एनएच-12 फोरलेन सड़क निर्माण में बाधक बन रहे मकानों को हटाने की कार्रवाई इन दिनों तेजी से की जा रही है। उक्त सड़क का निर्माण बंसल कंपनी द्वारा किया जा रहा है। इनमें से कई लोगों को सरकार की तरफ से मुआवजा राशि मिल चुकी है, इसके बाद भी वे लोग मकान नहीं हटा रहे हैं।
वहीं कुछ ग्रामीण ऐसे भी हैं, जिन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिला और जबरदस्ती उनके मकान तोड़ दिए गए हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर विधायक देवेंद्र सिंह पटेल नगर के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र इंदिरा आवास में पहुंचे। यहां उन्होंने चौपाल लगाकर ग्रामीण, गरीब आदिवासियों की समस्याएं सुनी। इस चौपाल में कई पहलू सामने आए कुछ लोगों को मुआवजा नहीं मिला और उनके मकान तोड़े गए, तो कुछ ग्रामीणों ने बताया कि साहब दस-दस बार नपती होने के बाद हमारे मकान फोरलेन रोड में नहीं आ रहे थे। फिर इस बार हमारे मकान फोरलेन रोड में क्यों आ गए।

'हमारे हैंडपंप कंपनी वालों ने तोड़ दिए, अब पानी कहां से लें
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि साहब यहां पर दो हैंडपंप लगे हुए थे जिसे फोरलेन रोड वालों ने तुड़वा दिए हैं। अब पानी के लिए हमें एक किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। कैसे लाएं पानी। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे मकान तोड़ दिए गए हैं अब हम बारिश में अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं और मकान कहां बनाएं। ऐसी कोई जगह नहीं है जहां हम मकान बना सकें।

पच्चीस वर्ष पहले बसाया था गरीबों को
उल्लेखनीय है कि गरीब आदिवासी वर्ग के लोगों को 25 वर्ष पूर्व जब मोघा डैम निर्माण के समय उनकी जमीनें, मकान शासन द्वारा ले ली गई थी। इसके बाद उन्हें नगर के इंदिरा आवास में जगह देकर बसाया गया था। आज 25 वर्ष बाद जब उन्होंने अपने कच्चे-पक्के मकान बना लिए, तब फोरलेन रोड के कारण फिर उन्हें यहां से विस्थापित किया जा रहा है। मगर इस बार उन्हें विस्थापित होने के लिए नगर में दूसरी जगह उपलब्ध नहीं कराई गई।

पिकअप वियर के समीप बसाया जाए
तहसीलदार गोस्वामी से चर्चा कर विधायक देवेंद्र पटेल ने इन गरीब ग्रामीणों को बसाने के लिए जगह मुहैया कराने का कहा। तहसीलदार ने बताया कि मोघा डैम के नीचे पिकअप वियर पर लगभग छह एकड़ सरकारी जमीन पड़ी हुई है। वहां पर इन्हें बसाया जा सकता है। विधायक ने तहसीलदार को पिकअप वियर के पास वाली जमीन पर इन गरीब आदिवासियों को बसाने के निर्देश दिए। साथ ही ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि वे उनकी हर समस्या का निराकरण कराने के लिए तत्पर हैं।

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