15 दिन पहले बेची उपज, अब तक नहीं हुआ भुगतान

15 दिन पहले बेची उपज, अब तक नहीं हुआ भुगतान

Rajesh Yadav | Updated: 12 Jun 2019, 01:42:33 PM (IST) Raisen, Raisen, Madhya Pradesh, India

जिला सहकारी बैंक शाखा के सामने किसान धूप में बैठे रहे।

रायसेन. समर्थन मूल्य पर गेहूं और चना खरीदी कार्य पूरी तरह से बंद हो चुका है। किसानों को उनकी उपज का भुगतान अब तक नहीं मिला। शहर में महामाया चौक के समीप संचालित जिला सहकारी बैंक शाखा में हर दिन किसान सुबह से लेकर शाम तक भुगतान के लिए बैठे नजर आते हैं। चिलचिलाती धूप में किसानों को राशि के लिए यहां-वहां बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है।

 

किसान जसमन सिंह, शिवप्रसाद, गिरधारीलाल, अखिलेश धाकड़, दीपक कुमार आदि का कहना है कि वे पिछले पन्द्रह दिनों से गेहूं, चना के भुगतान के लिए भटक रहे। जबकि भुगतान एक सप्ताह के अंदर किए जाने का नियम है। लेकिन उपज विक्रय के पन्द्रह दिन बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा। गेहूं खरीदी कार्य 24 मई से और चना खरीदी छह जून से बंद हुई है। बताया जा रहा है कि चना खरीदी में वेयर हाउस रसीद प्राप्त होने तक भुगतान नहीं मिल रहा। गौरतलब हो कि किसान की उपज गोदाम में रखाने के बाद वहां से प्राप्ति रसीद दी जाती है। इसके बाद ही भुगतान की प्रक्रिया शुरू होती है।

अटक रहा भुगतान
बैंक सूत्रों की मानें तो सर्वर की धीमी रफ्तार सहित तकनीकी कारणों के कई बार किसानों के खातों में राशि नहीं दिख रही। इससे किसान भुगतान के लिए परेशान हंै। नागरिक आपूर्ति निगम से मिली जानकारी के अनुसार गेहूं के लिए अब तक करीब 800 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया।

इसके बाद भी कई किसान भुगतान से वंचित रह गए। इस कारण किसान बैंक के चक्कर लगा रहे। चना खरीदी में लगभग 156 करोड़ रुपए का भुगतान हो चुका है। लेकिन जिला सहकारी बैंक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसमें से अभी 45 करोड़ रुपए की राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंच सकी।


भुगतान करना हमारा कार्य नहीं है। किसानों के खाते में भुगतान एनआईसी द्वारा भेजा जा रहा है। हां नागरिक आपूर्ति निगम के खाते से एनआईसी द्वारा राशि काटकर किसानों को दी जा रही है। यदि किसानों का भुगतान अटक रहा है, तो इसमें सहकारी समितियों की गलती है।
विवेक रंगरारी, जीएम नागरिक आपूर्ति निगम।


सहकारी समितियों द्वारा किसी प्रकार की कमी नहीं रखी गई है। किसानों को भुगतान जल्द किया जाना चाहिए। भुगतान की राशि नागरिक आपूर्ति निगम से ही किसानों के खातों में डाली जा रही है। इसलिए किसानों के भुगतान की जिम्मेदारी भी उनकी की है।
ज्योतिचंद नामदेव, जिलाध्यक्ष, सहकारिता कर्मचारी संघ रायसेन।

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