मां गिड़गिड़ाती रही, डॉक्टर नहीं आए और दो दिन के मासूम की गई जान

asif siddiqui

Publish: Feb, 14 2018 10:40:06 PM (IST)

Raisen, Madhya Pradesh, India
मां गिड़गिड़ाती रही, डॉक्टर नहीं आए और दो दिन के मासूम की गई जान

नर्सो की लापरवाही से शिशु की मौत, परिजनों ने कहा न हीं की देखभाल, अस्पताल में किया जमकर हंगामा।

बेगमगंज। दो दिन के मासूम की हालत खराब होते देख उसकी मां नर्सों के आगे गिड़गिड़ाती रही कि डॉक्टर को बुला दो लेकिन नर्सों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। परिणाम स्वरूप दो दिन के मासूम की इलाज के अभाव में मौत हो गई। मौत पर परिजनों ने नर्सो पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया और स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने पर 108 पर शिकायत दर्ज कराई। नर्सों व डाक्टर्स पर भी अपना गुस्सा उतारा।

नर्सें देखती रही तमाशा
नगर के चौपड़ा मोहल्ला निवासी मनीष खरे की पत्नी रागनी खरे को 11 फरवरी को प्रसव के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह उसका दूसरा प्रसव था। 12 फरवरी की रात करीब 3 बजे रागनी ने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया। उक्त बालक दिन भर सही रहा और रात करीब 11 बजे से उसकी हालत बिगडऩे लगी। वह जोर जोर से रोने लगा। तब ड्यूटी पर मौजूद नसों नीलम सोनी एवं माया से बच्चे को देखने व डाक्टर को बुलाने के लिए कहा। लेकिन वे लापरवाही बरतती रही। देर रात अधिक हालत बिगडऩे पर भी उक्त नर्सों ने यह उचित नहीं समझा कि वे जाकर बच्चे को देखें या डाक्टर को बुला कर चेक कराएं।

रोने के साथ ही रुक गई सांसें
सुबह बच्चे ने रोना बंद कर दिया, लेकिन उक्त नर्सो का दिल नहीं पसीजा और न ही बच्चे को कहीं रेफर किया। सुबह करीब नो बजे डा. दिलीप बाड़बूदे ने आकर चेक किया तो उन्होंने बताया कि बच्चा तो करीब ढाई तीन घंटे पहले मर चुका है। यह सुनते ही परिजन व उसकी मां रागनी विलाप करने लगी और नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाए। शिशु के पिता मनीष खरे ने मुख्यमंत्री की शिकायत निवारण सेवा 108 पर फोन लगाकर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन व्यवस्थाएं नाम की चीज नहीं हैं।

डॉक्टर बोले मां को दूध पिलाना नहीं आया
नर्सो की लापरवाही के चलते उनके बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। शिकायत पर डाक्टर्स कहते हैं कि शिशु की माता जो कि पूर्व से एक चार साल की बच्ची की मां है, उसे शिशु को दूध पिलाना नहीं आता। जिसके कारण दूध उसकी श्वांस नली में चला गया और बच्चे की मौत हो गई। इसमें हम क्या कर सकते हैं। जिम्मेदार डाक्टर्स का यह बचकाना जवाब सुनकर परिजन भडक़ गए और अन्य लोग एकत्रित हो गए। पहले से भर्ती मरीजों ने भी मीडिया को बताया कि रात भर बच्चा जोर जोर से रोता रहा, लेकिन नर्से एक बार भी उसे देखने नहीं गई, न ही डाक्टर को बुलाना जरूरी समझा।

वर्जन...
नर्सो से मिली जानकारी के अनुसार शिशु को मां ने दूध सही तरीके से नहीं पिलाया और श्वास नली में दूध चले जाने से उसकी मौत हो गई। यदि नर्सो ने लापरवाही की है तो जांच करेंगे।
डॉ. एसबी कुलकर्णी, ब्लाक मेडीकल आॅफिसर

डाउनलोड करें पत्रिका मोबाइल Android App: https://goo.gl/jVBuzO | iOS App : https://goo.gl/Fh6jyB

Ad Block is Banned