scriptThe people of Kakarua, Sojna understood the importance of cleanliness | ककरुआ, सोजना के लोगों ने समझा सफाई का महत्व | Patrika News

ककरुआ, सोजना के लोगों ने समझा सफाई का महत्व

बाड़ी जनपद की ग्राम पंचायत बेरखेड़ी के ग्राम ककरुआ सोजना है जो आज स्वच्छता के मामले में किसी भी नगर के बराबर खड़ा है

रायसेन

Published: April 24, 2022 12:12:42 am

रायसेन. शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बराबरी से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। विशेषकर गांवों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक करने और अपने गांव को पूर्ण स्वच्छ बनाने के साथ ओडीएफ प्लस बनाने पर ज्यादा जोर दिया गया है। इसके सार्थक परिणाम भी मिले हैं। ग्रामीणों को जागरुक करना और सरकार की मंशा के अनुसार गांवों को स्वच्छ बनाने में जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को खासी मशक्कत करना पड़ी है। इसके परिणाम यह कि जिले की कई पंचायतें स्वच्छता के मापदंडों पर खरी उतरी हैं। इनमें एक बाड़ी जनपद की ग्राम पंचायत बेरखेड़ी के ग्राम ककरुआ सोजना है। जो आज स्वच्छता के मामले में किसी भी नगर के बराबर खड़ा है।

बाड़ी जनपद की ग्राम पंचायत बेरखेड़ी के ग्राम ककरुआ सोजना है जो आज स्वच्छता के मामले में किसी भी नगर के बराबर खड़ा है
ककरुआ, सोजना के लोगों ने समझा सफाई का महत्व

ककरुआ सोजना के लोगों ने स्वच्छता को अपनाकर अपने गांव को आदर्श बना दिया है। 314 की आबादी वाले इस गांव में स्कूल, आगनबाड़ी, मंदिर जैसे सार्वजनिक स्थलों के साथ पंचायत भवन और स्वच्छता परिसर मिसाल बने हैं। गांव की सड़कों पर कचरा देखने को नहीं मिला। हर दिन घर से कचरा उठाने वाले रिक्शा वाहन से कचरा एकत्र कर गांव से बाहर फेका जाता है। गांव में हर हैंडपंप के पास नाडेप, सोख्ता गड्ढे बनाए गए हैं, ताकि जल स्तर बना रहे और हैंडपंप के आस-पास गंदगी न फैले। क्योंकि गंदगी के कारण मच्छर पनपते हैं और फिर इससे गांव के लागों को कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए गांव वाले गंदगी को रोकन के लिए विशेष तौर पर सक्रिय और जागरूक रहते हैं। इस उपलब्धि और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद पंचायत द्वारा गांव में दस लोगों की एक समिति बनाई गई, जिसमें गांव के सात पुरुष और तीन महिलाओं को शामिल किया गया, जो सफल भी रहा।

समिति ने योजना के अनुसार रात दिन मेहनत कर लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणाम स्वरूच ककरुआ सोजना आज स्वच्छता और ओडीएफ के मामले में जिले का आदर्श ग्राम है। इसके पीछे गांव के लोगों की स्वच्छता के प्रति बेतहाशा जागरूता फैलाकर गांव के लोगों को प्रेरित करने का जज्बा है। उनके इस जज्बे के कारण ही गांव के लोगों को स्वच्छता की अलख जगा कर एक मिसाल पेश करने में सफलता मिली। हालांकि शुरुआत में उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। गांव के हर सदस्य को इस बारे में प्रेरित करने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की। मगर उनकी ये मेहनत सफल भी रही।

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