बनते ही उखडऩे लगीं शहर की सड़कें

बनते ही उखडऩे लगीं शहर की सड़कें

Satish More | Publish: Mar, 17 2019 11:23:49 AM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 11:23:50 AM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

मुखर्जी नगर मेन रोड एवं वार्ड 11 और 12 सहित अन्य स्थानों की सड़कों में दिखने लगी गिट्टियां

रायसेन. शहर में नगर पालिका द्वारा वार्डों में बनाई जा रही सीमेंट कांक्रीट और डामर की सड़कों की दशा बनने के कुछ माह बाद ही खराब होती जा रही हैं। सीमेंट- कांक्रीट सड़़क में जगह-जगह गिट्टियां नजर आने लगी हैं तो डामर सड़क भी खराब हैं। करीब ढाई माह पहले मुखर्जी नगर मेन रोड को डामरीकृत किया गया है, लेकिन अब इस सड़क पर कई स्थान डामर की जगह गड्ढे बनते जा रहे हैं। डामरी अपनी जगह छोड़ता जा रहा है।

बताया जा रहा है कि १४ लाख रुपए से डामरीकरण कराया गया है, लेकिन ढाई माह में सड़क पांच साल पुरानी दिखाई देने लगी हैं। मुखर्जी नगर मेन रोड पर पार्क के सामने बड़े हिस्से में डामर छूट गया। इससे आगे जाकर ब्राइट स्कूल के सामने भी जगह-जगह रोड पर बड़े गड्ढे बन गए। इसी तरह के हालात वार्ड ११ में बनी सड़कों के भी हैं।

इस वार्ड में सीवेज लाइन बिछाने के लिए कुछ बेहतर सड़कों को भी तहस-नहस कर दिया गया था। काफी विरोध होने के बाद नगर पालिका ने कुछ सड़कें नई बनवा दी। लेकिन यहां की सीसी सड़कें भी चार-पांच माह में ही पुरानी जैसी दिखने लगी। सीसी सड़कों में जगह-जगह गिट्टियां साफ तौर पर दिखाई दे रहीं हैं।

ज्यादातर सड़कों में दिख रही गिट्टियां
नपा ने वार्ड तीन, पांच, ग्यारह, बारह सहित अन्य स्थानों पर बनाई सीमेंट कांक्रीट की सड़कें बनाई है। लेकिन इन सड़कों पर सीमेंट की परत के बजाए कांक्रीट में मिक्स की जाने वाली २० एमएम की गिट्टियां बाहर दिखाई देने लगी। वार्ड ११ में शगुन गार्डन से साइड से बनी सड़क को लगभग पांच-छह माह ही बीते हैं। इस रोड पर जगह-जगह गिट्टियां उभरती जा रही। सीमेंट की मात्रा कम होने से वाहन निकलने के दौरान रेत धूल बनकर निकलती और गिट्टी दिखने लगी।
दरारें दिखने लगीं
लाखों रुपए से रिन्युअल कोट और नई सीसी सड़क बनाने के लिए किए गए एस्टीमेट और प्रस्तावों के अनुसार ठेकेदारों द्वारा काम नहीं किया जाता। यही कारण है कि शहर में कई सड़कें एक साल से पहले ही पुरानी नजर आने लगीं। वार्ड १३ में शाखा ग्राउंड के नजदीक वाले हिस्से में सागर रोड तक पहुंचने के लिए बनाई गई सीसी सड़क े उखड़ रही और सड़क में दरारें आने लगी हैं।

हाइवे की तरह निकलते हैं भारी वाहन
नपा द्वारा बनाई जा रही सड़कों पर हाइवे की तरह भारी वाहन निकलते हैं। सूत्रों के अनुसार नगर पालिका द्वारा शहर में आतंरिक सड़कों की भार क्षमता करीब पांच टन की होती है। लेकिन मकानों का निर्माण होने के दौरान रेत, गिट्टी से भरे डंपर और ईंटों के वाहन दिन में कई बार गुजरते हैं। इस कारण भी कई सड़कें शहर में खराब होती हैं। वहीं भारी वाहनों की आवाजाही पर जिम्मेदारों ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया। या फिर ज्यादा भार क्षमता की सड़कें नगर पालिका को बनाना चाहिए, जिससे सड़क समय से पहले खराब नहीं हों।

मुखर्जी नगर मेेन रोड ठेकेदार किया गया डामरीकरण के कार्य का भुगतान रोक दिया है। साथ ही ठेकेदार को नोटिस जारी कर कार्य करने के लिए निर्देशित किया है। लेकिन ठेकेदार ने अभी इसका जबाब नहीं दिया। वहीं अन्य सड़कों की यदि स्थिति खराब हो रही है। तो उन ठेकेदारों सुरक्षा निधि से सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नपा।

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