चोरों के हौसले बुलंद, चार लाख के कीटनाशक उड़ाए

चोरों के हौसले बुलंद, चार लाख के कीटनाशक उड़ाए

chandan singh rajput | Publish: Sep, 04 2018 11:05:40 AM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

चोरों के हौसले बुलंद, चार लाख के कीटनाशक उड़ाए

रायसेन/बरेली. रविवार-सोमवार की दरमियान रात थाने के पास हाईवे के किनारे एक कीटनाशक की दुकान का ताला खोलकर चोर, चार लाख से अधिक की कीटनाशक दवाई और लेपटॉप ले उड़े। पुलिस ने दुकान के कर्मचारी महेन्द्र मेहरा की सूचना पर मामला दर्ज कर जांच में लिया है। दुकान मालिक धर्मेन्द्र ठाकुर ने बताया कि शनिवार को रोज की तरह दुकान बंद करके गए थे। रविवार को दुकान बंद रहती है।

सोमवार को दुकान खोलने आए कर्मचारियों ने देखा की दुकान के बगल वाले शटर का ताला खुला हुआ है। दुकान के अंदर जाकर देखा तो सामान बिखरा पड़ा था। कांउटर पर रखा लेपटॉप और कीमती कीटनाशक गायब थी। कर्मचारी दीपक और महेन्द्र मेहरा ने चोरी की सूचना मालिक और पुलिस को दी। धर्मेन्द्र ठाकुर ने बताया कि 25 हजार का लेपटॉप और साढ़े चार लाख की कीमत की कीटनाशक सहित अन्य सामान चोरी हुआ है।

22 हजार लेे उड़े चोर
सिलवानी. अंचल के प्रतापगढ़ गांव में मरहठी रोड पर स्थित दुकान का ताला तोड़ कर अज्ञात आरोपी 22 हजार रुपए की नगद ले जाने मे सफल हो गए। जैथारी चौकी पुलिस ने रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला जांच में लिया हैं। जानकारी के अनुसार राय जनरल स्टोर पर बीती रात्रि के समय दुकान का ताला तोड़ कर आरोपी बाईस हजार की नगद चोरी किए। सुबह जब दुकान मालिक नरेंद्र राय दुकान पर पहुंचे तो चोरी होने का पता चला। फरियादी ने चोरी की रिपोर्ट चौकी जैथारी में की है। जैथारी चौकी के सब इंस्पेक्टर सीएल वर्मा ने बताया कि रिपोर्ट पर मौका मुआयना किया गया है।
मामले की जांच की जा रही हैं।

एक साथ किया गया तीनों दोस्तों का अंतिम संस्कार
वहीं दूसरी तरफ हाल ही में सीहोर जिले में कार हादसे में मृत रजवाड़ा के तीनों युवकों का सोमवार दोपहर अंतिम संस्कार किया गया। तीनों दोस्तों की शवयात्रा एक साथ निकाली गई, जिससे ग्राम रजवाड़ा सहित पूरे क्षेत्र में मातम पसरा रहा। इससे पहले सुबह लगभग पांच बजे तीनों के शव रजवाड़ा पहुंचे। हालत ये रही कि पूरी रात गांव के लोग जागते रहे। वहीं चौपाल और दलहानों में बैठे लोग गांव के युवकों के शवों का इंतजार कर रहे थे।

वहीं इस घटना के कारण आशीष और जितेंद्र के घर एक ही मोहल्ले में होने से बहुत की मार्मिक माहौल था। उनके रोते बिलखते परिजनों को देख हर एक रहवासी की आंखों में आंसू आ गए। यही नहीं तीनों मृतक युवकों के मित्रों का भी बुरा हाल था। बड़ी संख्या में रिश्तेदार भी इस दुख की घड़ी में पीडि़त परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंचे।

अंतिम संस्कार में बडी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। मौके पर लोग पीडि़त परिवारों के पास पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। इस संबंध में जनपद सदस्य रामकुमार रघु ने कहा कि 'हमने पहली बार गांव में इतनी बड़ी घटना को देखा, यह दुख असहनीय है। वहीं ठा. प्रताप सिंह ने कहा कि गांव के तीन युवकों की दुर्घटना में असमय मृत्यु सभी ग्राम वासियों को एक गम्भीर सदमा से कम नहीं है।
आशीष और धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार ग्राम के बाहर स्थित श्मशान घाट पर एक साथ किया गया जबकि जितेंद्र ठाकुर का अंतिम संस्कार गांव से थोड़ी दूर पर नदी के किनारे पर किया गया।

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