अस्पताल में दो दिन के शिशु की मौत, परिजन ने लगाया ये आरोप

अस्पताल में दो दिन के शिशु की मौत, परिजन ने लगाया ये आरोप

Brajesh Kumar Tiwari | Publish: Feb, 15 2018 08:35:21 AM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

जिला अस्पताल में बुधवार को दो दिन के शिशु की मौत हो जाने पर परिजनों ने नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया

रायसेन/बेगमगंज। यहां जिला अस्पताल में बुधवार को दो दिन के शिशु की मौत हो जाने पर परिजनों ने नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया और स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने पर 108 पर शिकायत दर्ज कराई। यही नहीं नर्सों व डाक्टर्स को भी जमकर फटकारा। दरअसल नगर के चोपड़ा मोहल्ला निवासी मनीष खरे की पत्नी रागनी खरे को 11 फरवरी को प्रसव के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह उसका दूसरा प्रसव था। 12 फरवरी की रात करीब 3 बजे रागनी ने एक स्वस्थ्य शिशु को जन्म दिया।

उक्त बालक दिन भर सही रहा और रात करीब 11 बजे से उसकी हालत बिगडऩे लगी। वह जोर-जोर से रोने लगा। तब ड्यूटी पर मौजूद नर्स नीलम सोनी एवं माया से बच्चे को देखने व डॉक्टर को बुलाने के लिए कहा, लेकिन वे लापरवाही बरतती रही। देर रात अधिक हालत बिगडऩे पर भी उक्त नर्सों ने यह उचित नहीं समझा कि वे जाकर बच्चे को देखें या डॉक्टर को बुला कर चैक कराएं। सुबह बच्चे ने रोना बंद कर दिया, लेकिन उक्त नर्सों का दिल नहीं पसीजा और न ही बच्चे को कहीं रेफर किया।

सुबह करीब 9 बजे डॉ. दिलीप बाड़बूदे ने चैक कर बताया कि बच्चा तो करीब ढाई-तीन घंटे पहले मर चुका है।
वहीं शिशु के पिता मनीष खरे ने मुख्यमंत्री की शिकायत निवारण सेवा 108 पर फोन लगाकर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि अस्पताल को सिविल अस्पताल का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन व्यवस्थाएं नाम की चीज नहीं हैं। नर्सों की लापरवाही के चलते उनके बेटे की दर्दनाक मौत हो गई। शिकायत पर डॉक्टर्स कहते हैं कि शिशु की माता जो कि पूर्व से एक चार साल की बच्ची की मां है, उसे शिशु को दूध पिलाना नहीं आता।

जिसके कारण दूध उसकी श्वास नली में चला गया और बच्चे की मौत हो गई। इसमें हम क्या कर सकते हैं। जिम्मेदार डॉक्टर्स का यह जवाब सुनकर ही परिजन भडके थे। गए और अन्य लोग एकत्रित हो गए। पहले से भर्ती मरीजों ने भी मीडिया को बताया कि रात भर बच्चा जोर-जोर से रोता रहा, लेकिन नर्स एक बार भी उसे देखने नहीं गई, न ही डॉक्टर को बुलाना जरूरी समझा।

नर्सों से मिली जानकारी के अनुसार शिशु को मां ने दूध सही तरीके से नहीं पिलाया और श्वास नली में दूध चले जाने से उसकी मौत हो गई। यदि नर्सों ने लापरवाही की है तो जांच करेंगे।
- डॉ. एसबी कुलकर्णी, ब्लॉक मेडीकल आफीसर

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