दो माह पहले सैकड़ों किसानों ने बेची धान

भुगतान अब तक नहीं हो सका। बाउंस चैक लेकर किसान पहुंचे कृषि मंडी
किसान बार-बार भुगतान के लिए व्यापारी और मंडी के चक्कर लगा रहे।

By: Rajesh Yadav

Published: 29 Mar 2019, 03:02 PM IST

रायसेन. लगभग दो माह पहले रायसेन कृषि उपज मंडी में धान बेचने वाले १४० किसानों को भुगतान के लिए आज तक परेशान होना पड़ रहा है। किसान बार-बार मंडी कार्यालय और व्यापारी के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। लेकिन उन्हें भुगतान नहीं मिल सका। गुरूवार को भी दर्जन भर किसान मंडी कार्यालय में घंटों तक बैठे रहे। चिकलोद खुर्द के किसान करमजीत मीणा, सीहोरा के रतनलाल सेन, कांठ गांव के सुरेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि धान तुलाई के बाद व्यापारी द्वारा करीब पांच से सात हजार रुपए की राशि किसानों को नगद दे दी थी। बाकी राशि के चैक थमा दिए गए।

मार्च माह में इन चैकों का भुगतान होना था। जब हम सभी चैक का भुगतान लेने बैंक पहुंचे तो व्यापारी मेसर्स मोतीलाल राजेन्द्र पटेल के खाते में पर्याप्त राशि ही नहीं थी। ऐसे में चैक बाउंस हो गए। अब किसानों को बाउंस चैक लेकर यहां से वहां भटकना पड़ रहा है। लेकिन उन्हें उपज का भुगतान नहीं मिला। जबकि नियमानुसार चैक नहीं दिए जाने चाहिए। किसानों के खातों राशि ट्रांसर्फर एक निर्धारित समय में की जाना चाहिए। इस संबंध में किसान कलेक्टर एवं मंडी सचिव को भी अवगत करवा चुके हैं। इसके बाद जब मंडी प्रबंधन से सख्ती दिखाई तो व्यापारी मोतीलाल राजेन्द्र पटेल ने अपनी समस्या बताई और कलेक्टर, एसपी को आवेदन दिया।

ये है मामला
मंडी प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार मेर्सस मोतीलाल राजेन्द्र पटेल द्वारा द्वारा जिला प्रशासन को दिए आवेदन में बताया उनकी फर्म ने सियाराम इन्टरप्राइजेस करोंद मंडी भोपाल को धान की उपज बेची थी। इसके बदले उन्हें उक्त फर्म से करीब दो करोड़ 91 लाख 54 हजार 640 रुपए लेना है। जिसमें अब तक 87 लाख 59 हजार 800 रुपए का ही भुगतान किया गया। सियाराम इन्टरप्राइजेस द्वारा बाकी राशि के दिए गए चैक भी बाउंस हो गए। ऐसे में किसानों का भुगतान अटक रहा है।

इनका कहना
धान की उपज बेचे दो माह बीत गया। व्यापारी द्वारा एक लाख पांच हजार रुपए का भुगतान अब तक नहीं किया। जबकि नियमानुसार नीलामी में उपज बेचने के बाद भुगतान समय पर किया जाना चाहिए।
ब्रजमोहन बघेल, किसान ग्राम कांठ।


व्यापारी द्वारा पांच मार्च की तिथि अंकित कर ८५ हजार ७३४ रुपए की राशि का चैक दिया था। जब बैंक पहुंचे तो व्यापारी के खाते में पर्याप्त राशि नहीं थी इस कारण चैक बाउंस हो गया। अब भुगतान के लिए चक्कर लगा रहे।
कमल सिंह, किसान कालीटोल।

किसानों का भुगतान रोकने पर मेसर्स मोतीलाल राजेन्द्र पटेल फर्म का मंडी लाइसेंस निरस्त कर उसकी दुकान सील कर दी गई है। इसके अलावा व्यापारी को बुलाकर चर्चा कर उसे हिदायत दी गई कि दस अप्रैल से पहले भुगतान कराया जाए।
एलके खरे, एसडीएम एवं भारसाधक अधिकारी, कृषि उपज मंडी रायसेन।

Rajesh Yadav
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned