scriptUrea of farmers stuck in token, farmers are in dire need at this time | टोकन में अटकी किसानों की यूरिया, किसानों को इस वक्त सख्त जरूरत | Patrika News

टोकन में अटकी किसानों की यूरिया, किसानों को इस वक्त सख्त जरूरत

20 जनवरी तक के बांटे कूपन, खाद का अता पता नहीं

रायसेन

Updated: December 23, 2021 11:56:28 pm

रायसेन. जिले में अब यूरिया का संकट खड़ा हो गया है। किसानों को आज की स्थिति में यूरिया की सख्त जरूरत है, जबकि उन्हें 20 जनवरी तक के कूपन देकर टाला जा रहा है। जिले में यूरिया कब आएगा इसका कोई जवाब अधिकारियों के पास नहीं है। मार्कफेड के जिला प्रबंधक को किसानों की इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है, जबकि उनके कर्मचारियों को कोई जानकारी देने का अधिकार नहीं है। ऐसे में किसानों को खाद कब मिलेगा यह बताने वाला कोई नहीं है। किसान हर दिन सहकारी समितियों, गोदामों के चक्कर लगा रहे हैं।
क्या करें कूपन का
रायसेन गोदाम से किसानों को 20 जनवरी तक के कूपन देकर चलता कर दिया है। किसानों का कहना है कि उन्हें तुरंत ही फसल में यूरिया का छिड़काव करना है। इन कूपन का क्या करेंगे। कब खाद आएगा और कब कूपन की तारीख। तब तक तो फसल चौपट हो जाएगी। खाद गोदाम पर कोई भरोसे से खाद आने की तारीख नहीं बताता है।

20 जनवरी तक के बांटे कूपन, खाद का अता पता नहीं
टोकन में अटकी किसानों की यूरिया, किसानों को इस वक्त सख्त जरूरत

चारचार दिन से चक्कर लगा रहे हैं किसान
दीवानगंज. क्षेत्र के किसान यूरिया के लिए पिछले चार-पांच दिनों से सोसाइटी के चक्कर लगा रहे हैं। मगर खाद न मिलने के कारण किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ रहा है। यहां मांग की तुलना में बहुत कम खाद आ रहा है, जिससे किसानों की पूर्ती नहीं हो पा रही है। जिन किसानों ने पहले से ही पंजीयन करा रखे हैं उन लोगों को पहले खाद दी जाती है, जिसमें 1 एकड़ पर 2 बोरी दी जा रही है। एक किसान को अधिकतम 15 बोरी यूरिया दी जा रही हैं। इसलिए किसानों को 3 से 4 दिन यूरिया के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। दरअसल वितरण सेंटरों पर किसान पहुंच रहे हैं, लेकिन यहां से खाद नहीं मिलने से किसान मायूस होकर लौट रहे हैं। जबकि अधिकांश किसानों ने गेहूं की बोवनी कर दी है। ऐसे में किसानों को फसल में छिड़काव के लिए यूरिया की आवश्यकता है।

हर सिंचाई पर यूरिया जरूरी
रबी की फसलों में विशेषकर गेहूं के लिए अब हर सिंचाई के बाद किसान को यूरिया का छिड़काव करना होगा। कृषि विशेषज्ञ स्वप्निल दुबे के अनुसार 20 से 25 दिन की बोवनी के बाद पहली सिंचाई की जाती है, सिंचाई के बाद 50 किलो प्रति एकड़ के मान से यूरिया का छिड़काव होना चाहिए। फिर 20 दिन बाद दूसरी सिंचाई के बाद 35 से 40 किले प्रति एकड़ तथा इसके 20 से 25 दिन बाद तीसरी सिंचाई कर 25 से 30 किलो प्रति एकड़ यूरिया का छिड़काव करना चाहिए।
-जल्द ही यूरिया आने वाला है, जैसे ही रैक लगेगी किसानों को यूरिया वितरण किया जाएगा। व्यवस्था के लिए टोकन बांटे गए हैं, तारीख कोई भी हो, जो टोकन लेकर आएगा उसे खाद देंगे।
-अशोक पुरोहित, मार्कफेड

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