बूंद-बूंद पानी के लिए भटक रहे ग्रामीण, जल स्तर कम हुआ, हैंडपंप भी हुआ बंद

बारिश शुरू होने के बाद भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं

By: chandan singh rajput

Published: 03 Jul 2020, 02:04 AM IST

साईंखेड़ा. प्रदेश सरकार द्वारा घर-घर में पानी पहुंचाने का वायदा प्रत्येक मंच से किया जा रहा है। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा भी किया जा रहा है। मगर हकीकत कौसों दूर है। बारिश शुरू होने के बाद भी ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मगर जिम्मेदार विभाग के अफसर ग्रामीण अंचल में पेयजल उपलब्ध कराने में नाकाम साबित हो रहे। इसी तरह के हालात सिलवानी तहसील मुख्यालय से करीब सात किमी दूर बसे गांव साईंखेड़ा में सामने आ रहे। जहां पर लगभग एक हजार की आबादी वाली दलित बस्ती के लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा। हरिजन मोहल्ला में लगे एक मात्र हैंडपंप ने पानी देना बंद कर दिया। पिछले एक माह से इसमें से एक-एक बूंद पानी निकल रहा। गांव में भू-जल स्तर कम होने से यह समस्या आ रही। हैंडपंप से पानी भरने के लिए ग्रामीणों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है।

एक घंटे में एक भरती है बॉल्टी, बर्बाद होता है समय
लगातार एक घंटे तक हैंडपंप चलाने के बाद बमुश्किल एक बॉल्टी पानी भर पाता है। पानी के लिए लोगों को दूर तक भटकना पड़ रहा और पानी भरने में ही लोगों का अधिकांश समय बीत जाता है। पानी भरने में महिला, पुरुष, छोटे बच्चे सहित बुजुर्ग भी खासी परेशानी उठाते हैं।

बंद पड़ी नल-जल योजना
साईंखेड़ा गांव में लाखों रुपए की नल-जल योजना प्रारंभ की गई थी। मगर देखरेख व रखरखाव के अभाव में उक्त नल-जल योजना बीते कई सालों सें बंद पड़ी है। ऐसे में यहां पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है।
आर्थिक रुप से संपन्न लोगों के यहां निजी जलस्रोत टयूबवेल हंै, जिससे उन्हें पानी उपलब्ध हो जाता है। हालांकि प्रशासन के जिम्मेदार अफ सर गांव में पानी की आपूर्ति किए जाने को लेकर शीघ्र ही कार्ययोजना बनाए जाने की बात कर रहे। मगर अब सवाल यह उठा रहा कि इस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए पहले से प्रयास क्यों नहीं किए गए। इस तरह विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को लेकर ग्रामीण खासी मुसीबत उठा रहे हैं।

- नदी के पास पानी के लिए बोर कराया गया है। चूंकि बोर से पेयजल सप्लाई की टंकी एवं गांव के विभिन्न हिस्सों में पाईपलाइन बिछाए जाने के लिए कार्य योजना बनाकर स्वीकृति के लिए जिला पंचायत भेजी गई है। स्वीकृति के बाद ही पाईपलाइन बिछाने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
-अशोक उईके, सीईओ, जनपद पंचायत सिलवानी।

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