ग्रामीणों को बंटने आए जूते -चप्पलों से कैंसर का भय बरकरार

ग्रामीणों को बंटने आए जूते -चप्पलों से कैंसर का भय बरकरार

Shibu lal yadav | Publish: Sep, 03 2018 10:28:15 AM (IST) Raisen, Madhya Pradesh, India

-चेन्नई के लेदर रिसर्च इंस्टीट््यूट की रिपोर्ट से डरा विभाग,१८०० जोड़ी जूते चप्पलों को बंटने से रोका

रायसेन. जिले के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बंटने के लिए आए जूते-चप्पलों में कैं सर रोग होने का भय फिलहाल बरकरार है।इसीलिए फिलहाल १८०० जोड़ी जूते चप्पलों को बंटने से सामान्य वनमंडल कार्यालय रायसेन ने रोक दिया है।वहीं सामान्य वनमंडल कार्यालय औबेदुल्लागंज के अधिकारी शत-प्रतिशत सामग्री बांटने का दावा कर रहे हैं। वहीं सामान्यवनमंडल कार्यालय रायसेन के अधिकारियों ने भी अठारह सौ जोड़ी जूते-चप्पलों को नहीं बंटने की बात कहते हुए दूसरी कंपनी को ऑर्डर देने की बात स्वीकार की है।

उनका यह भी कहना है कि ९५ फीसदी से अधिक यह कार्य पूर्ण हो चुका है।चेन्नई से लेदर रिसर्च इंस्टीट्यूट रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। कुछ लोग इन जूते चप्पलों से कैंसर रोग होने की झूठी अफवाहें फैलाकर विभाग को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।इन आरोपों के चलते इसीलिए विभाग ने १८०० जोड़ी जूते-चप्पलों को बांटने से रोक लगा दी गई है।इधर भरोसेमंद सूत्रों से पता चला है कि जूते-चप्पलों के बांटने से पहले सैंपल की जांच रिपोर्ट चेन्नई के लेदर इंस्टीट्यूट भेजी गई थी।लैब ने इन सैंपलों को फेलकर दिया था। इसीलिए विभाग ने १८०० जोड़ी जूते-चप्पलों को बांटने पर रोक लगा दी है।यह आर्डर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी दूसरी कंपनी को दिए जाने की बात कही जा रही है।

 

जिले में हैं कुल ५२ तेंदूपत्ता लघुवनोपज समितियां
रायसेन जिले के तहत सामान्य वनमंडल कार्यालय रायसेन और औबेदुल्लागंज सर्किल में कुल ५२ तेंदूपत्ता लघु वनोपज समितियां संचालित हैं। इनमें २३ हजार से अधिक महिला तेंदूपत्ता संग्राहक हैं। वहीं २६ हजार पुरूष तेंदूपत्ता संग्राहक हैं। वहीं सामान्य वन मंडल कार्यालय औबेदुल्लागंज में १५ तेंदूपत्ता लघुवनोपज समितियां कार्यशील हैं। इनमें ३० हजार से भी ज्यादा महिला पुरूष तेंदूपत्ता संग्राहक हैं।तेंदूपत्ता संग्राहकों को पानी की बॉटल,जूते-चप्पलों को बांटने का काम औबेदुल्लागंज सर्किल में पूर्ण होने का दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं।जबकि रायसेन सामान्य वनमंडल कार्यालय में ९५ प्रतिशत कार्य पूर्ण होने का दावा डीएफओ राजेश खरे ने किया है।

पानी की बॉटलें, साडिय़ां, जूते-चप्पलें कराए वितरित
प्रदेश के वनमंत्री डॉ.गौरी शंकर शेजवार द्वारा जिलेभर में समारोह पूर्वक तेंदूपत्ता संग्राहकों को पानी की बॉटलें, साडिय़ां, जूते-चप्पलें आदि वितरित कराए गए हैं। रायसेन सामान्य वनमंडल कार्यालय के तहत जहां यह काम ९५ फीसदी पूरा होना बताया जा रहा है।वहीं सामान्य वनमंडल कार्यालय औबेदुल्लागंज के आला अधिकारी इस कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण होने की बात बोल रहे हैं। कुछ तेंदूपत्ता संग्राहक दिलीप सिंह आदिवासी, खैरखेड़ी के नारायण सिंह सरियाम,गुफा के खुमान सिंह ,कैलाश गौंड निवासी,कोमल बाई आदिवासी हैदरी ने बताया जूते चप्पलों में तरल चिपचिपा पदार्थ लगा होना नुकसानदायक है।

बताया जा रहा है कि इस पदार्थ की वजह से लोगों को कैंसर होने लगा है। इसीलिए हमने तो उपहार में मिले यह जूते-चप्पलों को पहनना ही बंद कर दिया है। अन चरण पादुओं को हमने एक पॉलीथीन में बांध कर घर के एक कोने में रख दिए हैं।इन जूते- चप्पलों की वजह से तेंदूपत्ता संग्राहकों में फिलहाल डर का माहौल व्याप्त है।इसीलिए इन जूते चप्पलों को बंटने से पहले इनकी जांच चेन्नई की लेदर इंस्टीट्यूट को भेजी गई।लेकिन पता चला है कि जूते चप्पलों का सैंपल फेल होने की वजह से फिलहाल इनके वितरण पर रोक लगा दी गई है।

चेन्नई के लेदर रिसर्च सेंटर से आई रिपोर्ट के बाद से ही जूते चप्पलों के वितरण पर रोक लगा दी गई है।अभी अठारह सौ तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूतेचप्पलों का वितरण कराया जाना शेष है।दूसरी कंपनी के आर्डर देकर पुन= जूते चप्पलों को बुलवाया गया है। जिसके सैंपल फिर से जांच के लिए चेन्नई लैब भेजे जाएंगे। इसके बाद ही जूते चप्पलों का वितरण कराया जाएगा।

राजेश खरे जिला वनमंडलाधिकारी सामान्य रायसेन

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