scriptWater shortage in dozens of villages, people wandering | दर्जनों गांवों में पानी की किल्लत, भटक रहे लोग | Patrika News

दर्जनों गांवों में पानी की किल्लत, भटक रहे लोग

खतरा उठाकर कुएं ले निकाल रहे पानी, बैलगाड़ी से ढोने को मजबूर

रायसेन

Published: April 19, 2022 11:49:52 pm

सुल्तानगंज. ग्रामीण अंचल में पीने के पानी की किल्लत कोई नई बात नहीं है। ग्रामीणों को हर साल गर्मियों के सीजन में अपनी प्यास बुझाने के लिए रात दिन जद्दोजहद कर दूरदराज से पानी लेकर आना पड़ता है। ऐसे जलाभाव वाले गांवों में पानी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए किए गए प्रयासों के सार्थक परिणाम अभी तक सामने नहीं आ सके हैं। यही कारण है कि ग्रामीणों को खेतों में बने जल स्त्रोतों से पानी भरकर लाना पड़ता है। लंबे समय से जलसंकट भोग रहे ग्रामीण इस वर्ष भी गर्मियों में जलसंकट की चपेट में आ गए हंै। ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्रोतों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। विगत वर्षों में पंचायतों द्वारा कराए गए नए बोरों से भी पानी की पूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके कारण लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। क्षेत्र के दर्जनों गांवों में जलसंकट के हालात बने हुए हैं। शासन द्वारा इस समस्या का स्थाई हल के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हंै। छोटे मोटे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नाकाफी साबित होते हैं।

खतरा उठाकर कुएं ले निकाल रहे पानी, बैलगाड़ी से ढोने को मजबूर
दर्जनों गांवों में पानी की किल्लत, भटक रहे लोग

देखरेख के अभाव में नलजल योजनाएं बंद
कई ग्रामों में पंचायतों द्वारा सही देख रेख नहीं करने के कारण नल-जल योजना के तहत सप्लाई कई दिनों से बंद पड़ी हैं। हैंडपंपों का पानी सूख चुका है, जिसके चलते खेतों पर बने हुए कुंए या टयूबवेलों से ग्रामीणों को पानी भरकर लाना पड़ रहा है। तब उनका गुजारा हो पाता है। इस चक्कर में कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। कुछ पंचायतों में सांसद, विधायक निधि द्वारा दिए गए टैंकरों से पानी लाया जा रहा है।

इन गांवों में है जल संकट
क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सुल्तानगंज, भैसा, पिपलिया, केशलोन, जमुनिया टेकापार, मरखेड़ा गुलाब, सुनवाहा, उदका, उमरहारी, भजिया, जसरथी, घाना कलां, टेकापार खुर्द, मोइया, खामखेड़ा, बिछुआ जागीर आदि गांवों में लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। पेयजल के लिए ग्रामीण रात-दिन की जद्दोजहद करके एक से तीन किलोमीटर तक खेतों में लगे नलकूपों या कुंओं से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। बुजुर्गों से लेकर छोटे-छोटे बच्चे तक पानी ढोने में लगे रहते हैं। ग्रामीण मोटरसाइकिल, साइकिल, बैल गाड़ी, ट्रैक्टर ट्राली में टंकियां रखकर व अन्य साधनों से पानी भरकर ला रहे हैं।
&जल समस्या को लेकर गांवों में व्यवस्थाऐं की जा रही हैं। ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जाएगा। बिगड़े हैंड पंप या जल स्तर नीचे जाने से बंद हुए हैंड पंपों का सुधार कराकर पाइप लाइन बढ़वाई जा रही है। -राजेश शर्मा, एसडीओए पीएचई बेगमगंज

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