घटिया सड़क निर्माण की खुल रहीं पोल

घटिया सड़क निर्माण की खुल रहीं पोल

Rajesh Yadav | Publish: Mar, 17 2019 05:46:35 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 05:46:36 PM (IST) Raisen, Raisen, Madhya Pradesh, India

नगर पालिका द्वारा घटिया स्तर की बनवाई जा रही सीसी और डामरीकृत सड़क,मुखर्जी नगर मेन रोड एवं वार्ड 11, 12 सहित अन्य स्थानों की सड़कों में दिखने लगी गिट्टियां...

रायसेन. शहर में नगर पालिका द्वारा वार्डों में बनाई जा रही सीमेंट कांक्रीट और डामर की सड़कों की दशा बनने के कुछ माह बाद ही खराब होती जा रही है। सीमेंट कांक्रीट सड़़क में जगह-जगह गिट्टियां नजर आने लगी हैं, तो डामर सड़क के हाल भी काफी खराब हैं। करीब ढाई माह पहले मुखर्जी नगर मेन रोड को डामरीकृत किया गया है। लेकिन अब इस सड़क पर कई स्थान डामर की जगह गड्ढे बनते जा रहे। डामरी अपनी जगह छोड़ता जा रहा। बताया जा रहा है कि इस 14 लाख रुपए से डामरीकरण कराया गया है। लेकिन ढाई माह में सड़क पांच साल पुरानी दिखाई देने लगी।

मुखर्जी नगर मेन रोड पर पार्क के सामने बड़े हिस्से में डामर छूट गया। इससे आगे जाकर ब्राइट स्कूल के सामने भी जगह-जगह रोड पर बड़े गड्ढे बन गए। ऐसे में यहां से आवाजाही करने वालों को पक्की सड़क की सुविधा मिलने जैसा नहीं लगता। इसी तरह के हालात वार्ड 11 में बनी सड़कों के भी हैं। इस वार्ड में सीवेज लाइन बिछाने के लिए कुछ बेहतर सड़कों को भी तहस-नहस कर दिया गया था। काफी विरोध होने के बाद नगर पालिका ने कुछ सड़कें नई बनवा दी। लेकिन यहां की सीसी सड़कें भी चार-पांच माह में ही वर्षों पुरानी जैसी दिखने लगी। सीसी सड़कों में जगह-जगह गिट्टियां साफ तौर पर दिखाई दे रही।

नहीं बनाया बेस, कर दिया डामर
मुखर्जी नगर रोड पर डामर करने से पहले ठेकेदार ने २० एमएम की गिट्टी का बेस बनाकर रोलर नहीं चलाया। ऐसे मेें सड़क पूरी तरह से समतल नहीं हो सकी। लेकिन ठेकेदार ने सड़क पर फैली डस्ट, धूल और कोपरे की सफाई करने के बाद ही डामर कर दिया गया। जिससे डामर पूरी तरह से सेट नहीं हो सका और डामर जगह छोडऩे लगा। सड़क का बेस कमजोर होने और वाहनों का दबाब ज्यादा होने गड्ढे बनते जा रहे।

रात में कराया था डामर
मुखर्जी नगर के मेन रोड पर ठेकेदार रात के समय डामरीकरण किया था। अब रात के समय डामर किया गया तो जाहिर है किस तरह की लेबलिगं करना और डामर बिछाया गया होगा। हालांकि दिन के समय भी डामर कराया गया। लेकिन ठेकेदार ने गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा। वहीं नपा के तकनीकी अधिकारियों ने भी निर्माण चलने के दौरान निरीक्षण नहीं किया। ऐसे में ठेकेदार के कर्मचारी ही अपनी मर्जी से डामर करते रहे। अब नतीजा आमजन के सामने है। वर्षों बाद बनी यह सड़क फिर से खराब होने की दशा में पहुंच रही है।

ज्यादातर सड़कों में दिख रही गिट्टियां
नपा ने वार्ड तीन, पांच, ग्यारह, बारह सहित अन्य स्थानों पर बनाई सीमेंट कांक्रीट की सड़कें बनाई है। लेकिन इन सड़कों पर सीमेंट की परत के बजाए कांक्रीट में मिक्स की जाने वाली २० एमएम की गिट्टियां बाहर दिखाई देने लगी। वार्ड ११ में शगुन गार्डन से साइड से बनी सड़क को लगभग पांच-छह माह ही बीते हैं। इस रोड पर जगह-जगह गिट्टियां उभरती जा रही। सीमेंट की मात्रा कम होने से वाहन निकलने के दौरान रेत धूल बनकर निकलती और गिट्टी दिखने लगी।

दरारें दिखने लगी
लाखों रुपए की लागत से रिन्युअल कोट और नई सीसी सड़क बनाने के लिए किए गए एस्टीमेट और प्रस्तावों के अनुसार ठेकेदारों द्वारा काम नहीं किया जाता। यही कारण है कि शहर में कई ऐसी सड़कें हैं जो एक साल से पहले ही वर्षों पुरानी नजर आने लगी। वार्ड १३ में शाखा ग्राउंड के नजदीक वाले हिस्से में सागर रोड तक पहुंचने के लिए बनाई गई सीसी सड़क कई जगह से उखड़ रही और सड़क में दरारें आने लगी।

निकलते हैं भारी वाहन
नपा द्वारा बनाई जा रही सड़कों पर हाईवे की तरह भारी वाहन निकलते हैं। सूत्रों के अनुसार नगर पालिका द्वारा शहर में आतंरिक सड़कों की भार क्षमता करीब पांच टन की होती है। लेकिन मकानों का निर्माण होने के दौरान रेत, गिट्टी से भरे डंपर और ईंटों के वाहन दिन में कई बार गुजरते हैं। ऐसे में सड़क पर ज्यादा दबाब पड़ रहा है। इस कारण भी कई सड़कें शहर में खराब होती हैं। वहीं भारी वाहनों की आवाजाही पर जिम्मेदारों ने कोई प्रतिबंध नहीं लगाया। या फिर ज्यादा भार क्षमता की सड़कें नगर पालिका द्वारा बनाई जाना चाहिए। जिससे लाखों रुपए की सड़क समय से पहले खराब नहीं हो।

मुखर्जी नगर मेेन रोड ठेकेदार किया गया डामरीकरण के कार्य का भुगतान रोक दिया है। साथ ही ठेकेदार को नोटिस जारी कर कार्य करने के लिए निर्देशित किया है। लेकिन ठेकेदार ने अभी इसका जबाब नहीं दिया। वहीं अन्य सड़कों की यदि स्थिति खराब हो रही है। तो उन ठेकेदारों सुरक्षा निधि से सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।
ओमपाल सिंह भदौरिया, सीएमओ नपा।

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