BREAKING NEWS : कोरोना से जिले में 58वीं मौत, भोपाल में जंग लड़ते हुए हारे कांग्रेस नेता

कोरोना का कहर : बढ़ रहा कोरोना का संक्रमण
अतिरिक्त सावधानी की है जरूरत, फिर भी लोग ले रहे हल्के में, हर दिन बढक़र आ रहे केसेस

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 22 Nov 2020, 07:53 PM IST

ब्यावरा.कोरोना के चौंकाने वाले आंकड़े आने के बाद जिले में 58 वीं मौत इस बीमारी से हो गई। कुछ दिन से भोपाल के चिरायु अस्पताल में ही उपचाररत कांग्रेस नेता (congress leader) और आगर गांव के सरपंच आनंदी जाट की कोरोना से जंग हार गए। फेंफड़े संक्रमित हो जाने के कारणशनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।
दरअसल, 65 वर्षीय आनंदी जाट को भोपाल (bhopal) में बीते दिनों भर्ती किया गया था। बीच में ऑक्सीन का सैचुरेशन बिगड़ गया, फिर फेफड़ों में संक्रमण बढ़ा। इसके बाद शनिवार रात उनकी मौत हो गई। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारणउनकी अंत्येष्टि कोविड-19 (covid-19) प्रोटोकॉल से की गई। वहीं पर उनके बेटे राज कुमार जाट ने उन्हें मुखाग्नि दी। इनसे पहले जिले में 57 लोगों की मौत कोरोना के कारण हो चुकी है।
कुछ दिन पहले किया था कोरोना की दवाई बनाने का दावा
जाट काफी मिलनसार और समाजसेवी व्यक्ति थे, उन्होंने इसी कोरोना काल में एक ओषधियों से निर्मित दवाई कोरोना पर कारगर साबित होने का दावा किया था। उनके पिता भी औषधियों की दवाई बनाया करते थे। हाल ही में जाट ने विधायक रामचंद्र दांगी के परिजनों को भी यह दवा दी थी। उनका कहना था कि यह दवाई काफी कारगर है, कोरोना का उपाचर कर रही। हालांकि वे पहले काफी स्वस्थ थे लेकिन भोपाल में उपचार शुरू होने के बाद उनमें संक्रमण बढ़ गया। उल्लेखनीय है कि जाट द्वारा दी जाने वाली दवाई अपने स्तर पर ठीक हो सकती है लेकिन इसका कोई मेडकिल प्रमाण नहीं था, न ही कोई प्रयोग किया गया। ऐसे में कोरोना काल में बिना किसी ट्रॉयल और विशेषज्ञों की राय के किसी भी दवाईया निजी उपचार (खुद का चिकित्सकीय उपचार) करना ठीक नहीं होगा।

पत्रिका व्यू : अतिरिक्त सावधानी ही फिलहाल वैक्सीन
कोरोना काल में किसी भी प्रकार की सलाह और खुद का उपचार काम नहीं करता। चिकित्सकीय परामर्श और समय पर उपचार ही जान बचा सकता है। संक्रमण के इस दौर में अतिरिक्त सावधानी ही इस बीमारी का मर्ज है, यही वैक्सीन है। मॉस्क पहनने को आदत में लाना होगा, साथ ही कोविड-19 प्रोटोकॉल को सरकारी सख्ती के साथ ही खुद की जिम्मेवारी समझकर निभाना होगी, तभी बात बनेगी, अन्यथा कोरोना हम पर ऐसे ही हावी होता रहेगा। किसी भी प्रकार की बिना प्रमाणिक वाली दवा का उपयोग करना भी इस कोरोना काल में रिस्की हो सकता है।
जिले में 10 नये पॉजिटिव केस, अब 1945 केस
जिले में कोरोना के 10 नये पॉजिटिव केसेस रविवार को सामने आए, इन्हें मिलाकर अब 1945 केस हो गए हैं। जिला महामारी नियंत्रक डॉ. महेंद्रपाल सिंह ने बताया कि 10 नये केसेस में 05 नरसिंहगढ़, 03 ब्यावरा, 01 जीरापुर और 01 पचोर से हैं। अब एक्टिव केस बढक़र 145 हो गए हैं। वहीं, 17 लोग रविवार को ठीक होकर भी घर लौटे हैं, इन्हें मिलाकर अभी तक ठीक होने वाले मरीजों की संख्या १७४३ हो गई है। 60 नये सैम्पल ब्यावरा में लिए गए अभी भी जिले में तकरीबन 987 सैम्पल पेंडिंग हैं।
सावधानी बरतना ही होगी
कोरोना को लेकर जरा सी ढील भी हमें मुसीबत में डाल सकती है। इसके लिएहमें सतर्करहना होगा, सावधानी बरतना होगी तभी बात बन पाएगी। संक्रमण सर्दियों में और भी चरम पर जा सकता है, इसलिएसावधानी बरना ही एक मात्र विकल्प है।
-डॉ. महेंद्रपाल सिंह, जिला महामारी नियंत्रक, राजगढ़

Rajesh Kumar Vishwakarma
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