अवैध वसूली के विरोध में सड़क पर उतरे किसान, व्यापारी और कांग्रेसी

मंडी प्रशासन ने केस बनाया तो खेर्ची खरीदारों ने बंद की दुकानें, इंदौर नाका पर किया चक्काजाम...

By: brajesh tiwari

Published: 13 Mar 2018, 10:59 AM IST

ब्यावरा.मंडी प्रशासन द्वारा अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए इंदौर नाका क्षेत्र के छोटे व्यापारियों और किसानों के साथ कांग्रेसियों ने सोमवार दोपहर चक्काजाम कर दिया। मंडी की तानाशाही के विरोध में छोटे गल्ला व्यापारियों ने दुकानें बंद कर दी।

दरअसल, मंडी में अवकाश के दौरान खुले में उपज बेचने पर छोटे गल्ला व्यापारी प्रदीप गुप्ता निवासी सुवासड़ा का केस मंडी की टीम ने बना दिया। इस पर सभी गल्ला व्यापारियों ने विरोध किया और दुकानें बंद कर दी। आस-पास के गांवों से छुट-पुट उपज बेचने आए किसानों को भी इससे परेशान होना पड़ा। इसमें मंडी प्रबंधन का तर्क है कि 10 क्विंटल से अधिक उपज एक व्यापारी नहीं खरीद सकता और उसमें भी शर्त है कि तीन प्रकार के जिंस हों। इधर, व्यापारियों ने आरोप लगाया कि केस बनाना तो सिर्फ एक बहाना है, इस बहाने मंडी वाले हम पर दबाव बनाते हैं और अवैध वसूली के लिए विवश करते हैं।

व्यापारियों किसानों का समर्थन करने जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामचंद्र दांगी, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम दांगी और पूर्व नपाध्यक्ष डॉ. भारत वर्मा भी आगए और हंगामा किया। बाद में पहुंचीं तहसीलदार ने उन्हें समझाइश दी और कहा कि नियमानुसार खरीदी की जाएगी। उन्होंने सभी की दुकानें भी खुलवाईं।

मंडी कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप
व्यापारियों के साथ ही कांग्रेसियों ने मंडी के कर्मचारियों पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है।

सामान्य तौर पर पचास से अधिक बोरी माल खरीदने पर प्रति बोरी 20 रुपए लेने और समय-समय पर बीच-बीच में कभी पांच तो कभी 10 हजार प्रति फर्म वालों से लेने का आरोप भी मंडी कर्मचारियों पर लगाए गए हैं।

व्यापारियों के साथ किसानों और कांग्रेसियों ने मंडी प्रशासन को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि यह पहला मामला नहीं इससे पहले भी मंडी प्र्रशासन द्वारा अवैध रूप से वसूली की जा चुकी है।

डर के कारण सामने नहीं आए व्यापारी
पूरे विरोध के दौरान व्यापारी बस दुकानें बंद करके अलग हो गए, मंडी प्रशासन का खौफ उन पर इस कदर है कि वे सामने ही नहीं आए। किसानों और नेताओं के प्रदर्शन में व्यापारी आगे नहीं आ पाए। उनका कहना यह था कि प्रदर्शन भले ही हो जाए लेकिन वे हमें रोज परेशान करेंगे, ऐसे में हम विरोध भी कैसे करें? हालांकि प्रशासन ने उन्हें आश्वस्त किया है कि समाधान होगा।

मंडी वाले पैसे मांगने आए थे, थोड़ी सी उपज खरीदी तो भी उन्हें अलग से कमीशनल चाहिए। मंडी वालों द्वारा सरेआम यह दादागीरी की जा रही है। इससे हम किसान परेशान हो रहे।
-मोहनलाल, किसान, खजूरिया

मंडी वाले व्यापारियों को जबरन परेशान कर रहे हैं। हम 20 किलो उपज लेकर आए थे उसे मंडी कैसे ले जाएं वहां बोली भी आखिरी में लगती है और आज मंडी भी बंद है।
- विष्णुप्रसाद, किसान, निवासी, लसूल्डिया

मंडी अध्यक्ष को रुपयों के अलावा कुछ नहीं चाहिए। खुद छोटे व्यापारियों पर दबाव बनवाता है, सरेआम व्यापारियों, किसानों को परेशान किया जा रहा है। मंडी अध्यक्ष का एक ही काम है सिर्फ रुपए कमाओ। किसानों से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा के जिम्मेदारों के सामने यह हो रहा फिर भी सब चुप है।
- रामचंद्र दांगी, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस, राजगढ़

मंडी प्रशासन बेवजह का दबाव बनाकर रुपए एठने में लगे हैं। छोटे गल्ला व्यापारियों और किसानों पर जबरन का दबाव बनाया जा रहा है। 10 क्विंटल से अधिक खरीदने का नियम नहीं है। ऐसे में जब मंडी में छुट्टी रहती है तो केस बनाने का दबाव बनाने का बोलकर व्यापारियों से अवैध वसूली की जाती है।
- पुरुषोत्तम दांगी, पूर्व विधायक कांग्रेस, ब्यावरा


10 क्विंटल से अधिक की खरीदी नहीं कर सकते। हमारी टीम को वहां अधिक स्टॉक मिला होगा तभी कार्रवाई हुई होगी। बाकी के आरोप निराधार है हमारी टीम वसूली नहीं करती।
- आरके रावत, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, ब्यावरा

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