संस्था प्रबंधक ने सरकारी बंजर भूमि पर कराया खुद का पंजीयन, 109 क्विंटल मक्का का फर्जी बिल भी बनवाया

संस्था प्रबंधक ने सरकारी बंजर भूमि पर कराया खुद का पंजीयन, 109 क्विंटल मक्का का फर्जी बिल भी बनवाया

Rajesh Kumar Vishwakarma | Publish: Jul, 26 2019 06:42:57 PM (IST) Rajgarh, Rajgarh, Madhya Pradesh, India

-संस्था प्रबंधक की करतूत, खुद के नंबर पर करवा लिया पंजीयन, कूटरचित दस्तावेजों से लगाया शासन को लगाया चूना

ब्यावरा। शासन स्तर पर किसानों को लाभ पहुंचाने स्वीकृत की जाने वाले योजनाओं को जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी employees ही चूना लगाने में लगे हैं। 63 किसानों की उड़द की गड़बड़ी हो या केसीसी की राशि amount देने में की जा रही लेटलतीफी या हाल ही में मिले एक्सपाइरी डेट के कल्चर को लेकर चर्चा में रहने वाली जिले के आखिरी छोर पर बसी पीपल्या कुलमी सोसायटी में संस्था प्रबंधक Manager का एक नया कारनामा सामने आया है।

 

फर्जी बिल भी बनवा लिया
प्रबंधक ने सरकारी बंजर भूमि पर न सिर्फ खुद का पंजीयन करवाया बल्कि खुद के ही नाम की किसान आईडी बनवाकर उसी पंजीयन पर अलग-अलग फर्जी सर्वे पर करीब 109.86 क्विंटल मक्का तुलवा दी और उसका बिल भी बनवा लिया। साथ ही उक्त राशि का लाभ उन्होंने ले लिया।

 

नजर अंदाज कर दिया जाता है
दरअसल, यह गड़बड़झाला हुआ है जिले के आखिरी छोर पर बसी पीपल्या कुल्मी कृषि साख सहकारी संस्था का। यहां लंबे समय से चल रही धांधली पर इसलिए अंकुश नहीं लग पा रहा क्योंकि आखिरी छोर में होने से अधिकारियों द्वारा इसे नजर अंदाज कर दिया जाता है।

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रिश्तेदारों के नाम पर भी मनमाने पंजीयन
एसडीएम, तहसीलदार की पहुंच से भी यह दूर रहता है। ऐसे में यहां के संस्था प्रबंधक सीताराम दांगी खुद को ही जिला अधिकारी समझकर अपने हिसाब से न सिर्फ पंजीयन करते हैं बल्कि खुद के ही रिश्तेदारों के नाम पर भी मनमाने पंजीयन कर लाखों रुपए का चूना लगाने में जुटे हैं। खास बात यह है कि सरेआम की जा रही इस धांधली पर जिले के किसी जिम्मेदार का जोर नहीं चल पा रहा। लंबे समय से चली आ रही ऐसी धांधली से लाखों रुपए का चूना शासन को लगा दिया गया है।

 


इस रकबे और खसरा की सरकारी जमीन पर कराया पंजीयन
पीपल्या कुल्मी में सरकारी बंजर जमीन पर संस्था प्रबंधक ने मक्की की पैदावार दर्शा दी और खुद के ही नाम पर उक्त पंजीनय करवा लिया। जबकि हकीकत में उक्त जगह सरकारी बंजर भूमि है और कई खसरा क्रमांक तो पूरी तरह से फर्जी है। इसमें प्रबंधक दांगी ने खुद के मोबाइल नंबर (97524-71072) पर सर्वे क्रमांक-4/1/1/2/0003 (2 रकबा), 4/1/1/15 (2 रकबा), 4/1/1/2/0006 (2 रकबा), 640 (0.401 रकबा), 345 (0.9 रकबा), मक्का 4/1/1/2/0014 (1.25 रकबा) जमीन पर कुल 109.86 क्वींटल मक्का का पंजीयन किसान आईडी क्रमांक-139877642 पर किया गया, जो कि संस्था प्रबंधक के नाम है। इन्हीं के बैंक खाते में उक्त राशि का पैमेंट हो भी गया।


कारण बताओ नोटिस जारी किया था
गेहूं के फर्जीवाड़े में जीरापुर तहसीलदार ने दिया था नोटिस लेकिन कागजों में दबी कार्रवाई उक्त संस्था प्रबंधक सीताराम दांगी को ऐसे ही एक पूर्व के मामले में जीरापुर तहसीलदार ने 15 अप्रैल 2019 को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसमें जिक्र किया था कि इनकी पत्नी के नाम भगवतीबाई पति सीताराम दांगी निवासी पीपल्या कुल्मी द्वारा वर्ष-2019-20 में भूमि सर्वे क्रमांक- 1052/1/1/1/1 रकबा 4.046 के लिए किसान आईडी क्रमांक-139878429 में गेहूं का पंजीयन किया गया था, वह किस आधार पर किया गया था। जबकि हकीकत में उक्त जमीन सरकारी है।


मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आपने सरकारी जमीन पर शासकीय जमीन का पंजीयन कर धोखाधड़ी की गई। इसके लिए क्यों न आपके खिलाफ धारा-420 के तहत कार्रवाई की जाए? तहसीलदार ने उक्त प्रबंधक जवाब मांगा था, यह भी प्रमाणित हो चुका था कि यह पूरी तरह से फर्जीवाड़ा है। बावजूद इसके तहसीलदार और प्रशासन की ओर से उक्त मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

मेरे भैया से पूछता हूं कैसे हुआ पंजीयन
मेरी जानकारी में नहीं है मैं देखता हूं कैसे पंजीयन हो गया, मेरे भैया देखते हैं खेती का काम तो हो सकता है उन्होंने करवाया हो। ऑपरेटर की गलती से भी हो सकता है, पहले गेहूं के मामले में भी गलती से ऑपरेटर से क्लीक हो गया था।
-सीताराम दांगी, संस्था प्रबंधक, सहकारी कृषि साख संस्था, पीपल्या कुल्मी


जांच करेंगे, कार्रवाई भी
आप मुझे दस्तावेज उपलब्ध करवाइए, मैं पूरी विस्तृत जांच करवाऊंगा, यह भी देखा जाएगा कि गेहूं वाले मामले में क्या हुआ? नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-विशेष श्रीवास्तव, जिला प्रबंधक, सीसीबी, राजगढ़

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