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bhavantar bhugtan yojana mp : रविवार के दिन ऑपरेटर्स ने कर दी थी फर्जी एंट्री, 11 कर्मचारियों पर FIR के निर्देश

-रविवार के दिन ऑपरेटर्स ने कर दी थी फर्जी एंट्री, जिस सचिव को जवबदारी दी उन्होंने भी गंभीरता से नहीं लिया, इसलिए एमडी ने दिए निर्देश

राजगढ़Aug 17, 2019 / 06:44 pm

Rajesh Kumar Vishwakarma

वर्तमान और तत्कालीन मंडी सचिव सहित 11 कर्मचारियों पर एफआईआर के निर्देश

ब्यावरा. भावांतर भुगतान योजना bhavantar bhugtan yojana mp के तहत खरीदी गई सोयाबीन में सामने आई ब्यावरा मंडी के कर्मचारियों की गड़बड़ी के मामले में मंडी बोर्ड के एमडी ने तत्कालीन और वर्तमान मंडी सचिव सहित कुल 11 मंडी कर्मचारियों पर धोखाधड़ी (420) के तहत मामला पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में निर्देश एसडीएम कार्यालय और मंडी में पहुंच चुके हैं लेकिन अब स्थानीय स्तर पर मामले को दबाने की कोशिश शुरू हो गई है।

 

अवकाश के दिन भी फर्जी एंट्री दर्शा दी गई
दरअसल, भावांतर भुगतान योजना में कुछ ऑपरेटर्स और मंडी कर्मचारियों, ऑपरेटर ने न सिर्फ गलत एंट्री की बल्कि रविवार के अवकाश के दिन भी फर्जी एंट्री दर्शा दी गई। 13 और 14 जनवरी को सहयाक उप-निरीक्षक कुणाल भारद्वाज पर आरोप हैं कि उन्होंने छुट्टी के दिन भी घर पर बैठकर फर्जी पंजीयन चढ़ा दिए। करीब 209 पंजीयन ऐसे फर्जी पाए गए थे जिन्हें मंडी प्रशासन ने कैंसल भी करवा दिए थे लेकिन तत्कालीन एमडी फैज अहमद किदवई ने इसे गंभीरता से लिया और प्रकरण आगे बढ़ाया।

 

मामला पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए.

ऐसे में वर्तमान एमडी अशोक वर्मा ने ब्यावरा मंडी के तत्कालीन सचिव आर. के. रावत, वर्तमान प्रभारी सचिव जी. एल दांगी, सहायक उप-निरीक्षक कुणाल भारद्वाज सहित आउटसोर्सिंग के कम्प्यूटर ऑपरेटर्स अन्य तमाम 11 कर्मचारियों पर धारा-420 के तहत मामला पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए.

 

कर्मचारियों में उठा-पठक शुरू हो गई

जैसे ही ये निर्देश एसडीएम कार्यालय और मंडी में पहुंचे तो कर्मचारियों में उठा-पठक शुरू हो गई है। सभी फिर से जुगाड़ करना शुरू हो गए हैं। साथ ही मंडी के कोई भी कर्मचारी, सचिव इत्यादि जानकारी को दबाते रहे, कोई फाइल के बारे में बताने को तैयार नहीं था। उल्लेखनीय है कि तत्कालीन सचिव रावत को मामले को गंभीरता से नहीं लेने के मामले में बोर्ड ने दोषी माना है और इसी आधार पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

 

अब होगी टैक्स चोरी और फर्जी गेट पास के मामले में एफआईआर
वहीं, दो अन्य मामले मंडी बोर्ड पहुंच गए हैं, जिनकी फाइलों की जांच शुरू हुई है। उनमें भी एफआईआर की जाना है। डिप्टी डायरेक्टर ऋतु चौहान ने बताया कि भावांतर भुगतान वाले मामले में 11 लोगों पर एफआईआर की जाना है। 30 लाख की जो टैक्स चोरी के मामले में भी न सिर्फ पांच गुना टैक्स वसूली की जाना है बल्कि संबंधित 61 व्यापारियों पर एफआईआर भी की जाना है। वहीं, फर्जी गेट पास के मामले में दबे पड़े कागजात भी फिर खुलवाए गए हैं।

एफआईआर दर्ज की जाएगी

इन्हें खुलवाकर भी नियमानुसार एफआईआर दर्ज की जाएगी। कहा जाता है कि इतने बड़े टैक्स चोरी और फर्जी गेट पास के मामले को मंडी के ही जिम्मेदारों ने आपसी मिलीभगत कर दबाए रखा, ऊपरी अधिकारियों तक पहुंचने ही नहीं दिया लेकिन अब सीएस ने दोबारा फाइल खुलवा ली है, अब तमाम मामलों में एफआईआर होना तय है।


एफआईआर के लिए लिखा गया है
भावांतर भुगतान के मामले में गड़बड़ी मिलने पर 11 मंडी कर्मियों पर एफआईआर के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, 30 लाख की टैक्स चोरी, फर्जी गेट पास के मामले भी ओपन किए हैं, जिन पर हमने संज्ञान ले लिया है। इस पूरे प्रकरण में जो भी दोषी होगा चाहे मंडी कर्मचारी या व्यापारी, सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-ऋतु चौहान, डिप्टी डायरेक्टर, मंडी बोर्ड, भोपाल

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