bhopal-biaora four lane : अब डामर से ही बनेंगे नये रोड, भोपाल-ब्यावरा फोरलेन पर भी डामर

bhopal-biaora four lane : अब डामर से ही बनेंगे नये रोड, भोपाल-ब्यावरा फोरलेन पर भी डामर

Rajesh Kumar Vishwakarma | Updated: 19 Aug 2019, 11:32:49 AM (IST) Rajgarh, Rajgarh, Madhya Pradesh, India

-पुराने टेंडर के तहत हुए काम में ही उपयोग होगा सीसी, बाकी पूरा रोड डामर से होगा

ब्यावरा। पहले डामर से सीसी को अनिवार्य करने के बाद केंद्री भूतल विभाग ने फिर से अब नये प्रोजेक्ट डामर asphalt से बनाने की योजना बनाई है। बीच में इसमें भी फेरबदल कर दिया गया था लेकिन हाल ही में एनएचएआई को निर्देश मिले हैं कि जितने भी Four Lane मौजूदा (ऑनगोइंग) प्रोजेक्ट हैं उनमें भी डामर का ही उपयोग करें। दरअसल, सीसी वाले ईपीसी (इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट कंस्ट्रक्शन) मोड के प्रोजेक्ट्स में लगातार आ रही शिकायतों, क्वालिटी में आ रही दिक्कतों के साथ ही अन्य परेशानी के बाद इसमें बदलाव किया गया है।

 

एनएचएआई ने अब निर्देश जारी किए
साथ ही एक प्रमुख दिक्कत पानी और नर्मदा सेंट को लेकर आ रही थी, इसी दिक्कत के कारण देवास-ब्यावरा फोरलेन इतना लंभित हुआ है। करीब सालभर बाद भी इसे रफ्तार नहीं मिल पाई है। पहले भोपाल-ब्यावरा फोरलेन को लेकर भी कयास लगाए जा रहे थे कि आधा हिस्सा सीसी और आधा डामर से बनेगा, लेकिन एनएचएआई ने अब निर्देश जारी किए हैं कि सिर्फ पुराना बचा हुआ रिनोवेट किया जाने वाला हिस्सा ही सीसी से बनेगा, बाकी जितना भी रोड बचा हुआ है उतना डामरयुक्त होगा। ऐसे में अब पूरा काम डामर से बनने से रोड काफी सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

निर्माण की क्वालिटी पर अभी भी सवाल?
पुराने रोड पर ही नई लेयर बना देने और साइडें ढंग से नहीं भरने को लेकर तमाम प्रकार के सवाल अभी भी खड़े हो रहे हैं जिस पर न एनएचएआई जवाब दे पाई है न ही निर्माण एजेंसी। निर्माण एजेंसी सीडीएस की हकीकत हाल ही में भोपाल मुबारकपुर जंक्शन से लाल घाटी के बीच नजर आई। यहां बने ओव्हरब्रिज को बिना टेस्टिंग के शुरू कर देने से यह दरक गया था, जिसे दोबारा खोलकर बनाने के निर्देश रीजनल मैनेजर ने दिए हैं। ऐसे में इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह बचा हुआ प्रोजेक्ट कैसा बनेगा?


सीसी रोड से ये नुकसान
-रोड में सुविधाजनक नहीं होता।
-वाहनों के पहिये खराब होते हैं।
-सीसी रोड में पानी नहीं सोखता, वाटर लेवल नहीं बढ़ पाता।
-मैंटेनेंस में भी दिक्कत।


डामर रोड से ये फायदे
-क्वालिटी वाइज अच्छा होता है डामर वाला रोड।
-वाहनों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता।
-मैंटेनेंस में आसानी होती है।
-बारिश का पानी भी रोड सोख लेता है जिससे वाटर लेवल की दिक्कत नहीं होती।

सुधार की ओर अग्रसर हैं
जो काम कर रहे हैं उसे पूरा किया जाएगा, जहां गुणवत्ता की बात है तो हमारा ध्यान पूरा सुधार की ओर है। हमें उक्त रोड का रि-टेंडर मिला है जिसमें पहले की एजेंसी ने जो काम छोड़ा उसे भी हम निपटा रहे हैं।
-एस. एस. झा, प्रोजेक्ट मैनेजर, सीडीएस, प्रालि, भोपाल-ब्यावरा प्रोजेक्ट

 

डामर से बनेंगे नये रोड
पहले सीसी रोड का प्रावधान था, बीच में कुछ तकनीकि दिक्कतें आने के बाद फिर से निर्णय लिया गया है कि पूरे रोड अब डामर से ही बनेंगे। ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स में जहां जरूरी होगा वहीं सीसी किया जाएगा।
-विवेक जायसवाल, रीजनल मैनेजर, एनएचएआई, भोपाल

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