मंडी के कांटे जांचकर नाप-तौल की टीम ने लगाई सील

दिनभर में करीब 50 से 60 इलेक्ट्रिक कांटों की जांच की गई। साथ ही उन पर सील भी लगाई गई।

By: दीपेश तिवारी

Published: 11 Dec 2017, 05:30 PM IST

ब्यावरा/राजगढ़। इलेक्ट्रिक कांटों पर साल में एक बार और लोहे के देशी कांटों में साल में दो बार होने वाली नापतौल विभाग की जांच सोमवार को मंडी में हुई। कृषि उपज मंडी में पहुंची नापतौल विभाग की टीम ने इलेक्ट्रि का कांटों की जांच की, उनका वैल्यूवेशन कर सील लगाई।

दरअसल, नाप-तौल में पारदर्शिता रखने और विभागीय स्तर पर सतर्कता बरतते हुए विभाग कई बार अपने स्तर पर सील लगाने सहित अन्य काम करता रता है। इसी कड़ी में मंडी में सालभर में एक बार होने वाला कांटों का मूल्यांकन विभाग द्वारा किया गया।

दिनभर में करीब 50 से 60 इलेक्ट्रिक कांटों की जांच की गई। साथ ही उन पर सील भी लगाई गई। उल्लेखनीय है कि नापतौल विभाग द्वारा गल्ला व्यापारियों के साथ ही किराना व्यापारियों के कांटों की जांच भी समय-समय पर की जाती है। हालांकि कई बार विभाग की ओर से लेटलतीफी होती है लेकिन शिकायतों के बाद फिर से व्यवस्थाएं पटरी पर आ पाती हैं। वहीं जानकारों का कहना है कि नाप-तौल में पारदर्शिता बनी रहे इसके लिए कभी-कभी नाप-तौल विभाग द्वारा औचक निरीक्षण भी किया जाता है। जिसके बाद आरोपी पाए जाने के बाद व्यापारी के खिलाफ मामला दर्जकर कार्यवाई की जाती है।

50-60 कांटों पर लगाई सीस

वैसे हम साल में एक बार सील लगाते हैं लेकिन मंडी सैक्ट्रेरी की ओर से लेटर आया थाइस पर हमारी टीम ने सील लगाई है। मंडी के करीब 50 से 60 इलेक्टिर कांटों की जांच की गई। किसी तरह की गड़बड़ी की फिलहाल कोई शिकायत सामने नहीं आई।

-एस. एस. मीना, जिला नापतौल अधिकारी, राजगढ़

एक बार लगवाना जरूरी

मंडी में सालभर से व्यापारियों ने सील वगैरह नहीं लगवाई थी। इसी के चलते हमने शिविर लगवाकर नापतौल विभाग की ओर से कांटों का मूल्यांकन करवाया। ताकि तुलाई में पूरी तरह से पारदर्शिता बनी रही।

-आर. के. रावत, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, ब्यावरा

दीपेश तिवारी
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