बीएसएनएल में डीजल चोरी का खेल

 जिन एक्सचेंज में सालों से जनरेटर बंद फिर भी बिल लगा रहे अफसर

By: Jagdeesh Ransurma

Published: 02 Apr 2016, 11:44 PM IST


ब्यावरा. भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी उपभोक्ताओं को भले ही बेहतर सुविधाएं न दे पाए लेकिन अपने कर्मचारियों का ध्यान जरूर रखती है। भगवान भरोसे चल रही बीएलएनएल की सेवाओं में टीडीई, एसडीओ लेवल के अफसर लाखों का हेरफेर करने में लगे हैं।

दरअसल, बीएसएनएल में इन दिनों डीजल चोरी का खेल चल रहा है। जिलेभर के ऐसे एक्सजेंच जहां सालों से जनरेटर बंद है वहां के भी डीजल के बिल लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार हर माह जिन एक्सचेंज में जनरेटर चालू है वहां करीब 50 से 80 रुपए में काम हो जाता है, लेकिन तीन से साढ़े तीन लाख तक के बिल बीएएनएल के अफसर लगा रहे हैं। खास बात यह है कि बीएसएनएल के जिम्मेदार अफसर जवाब देने में आनाकानी कर रहे हैंऔर आरटीआईएक्ट के नियमों का सरेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इसके अलावा ब्यावरा-राजगढ़ के कुछ अफसरों ने खुद की ही गाडिय़ों को काम के लिए अटैच कर लिया। हालांकि कुछ ने बाद में हटा भी लीं।


...और ब्यावरा टीडीई ने किया गुमराह
बीएसएनएल के ब्यावरा और जिलेभर के दफ्तर में चल रही मिलीभगत के बावजूद अफसर गुमराह करने में लगे हुए हैं। पत्रिका द्वारा उक्त डीजल की खपत की जानकारी मांगे जाने पर टीडीई ऑफिस से जवाब आया कि आपके द्वारा ली गई जानकारी जनहित में नहीं है। यानीं हर माह लाखों रुपए का बिल जमा करने वाले जिलेभर के उपभोक्ता बीएसएनएल के कर्मचारियों के लिए कोई मायने नहीं रखता। साथही बीएसएनएल के अफसरों द्वारा आरटीआई नियम का भी उल्लंघन किया जा रहा है।

Jagdeesh Ransurma
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