दो माह से ज्यादा नहीं रख सकते, खराब होने की कगार पर प्याज, अभी भी शासन स्तर पर खरीदी का कोई प्रबंध नहीं

लॉक डॉउन इफेक्ट... : किसानों की प्याज के भाव औंधे मुंह गिरे
जिले में बड़े स्तर पर हुई है इस बार पैदावार, खपत नहीं होने से भाव औंधे मुंह गिरे

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 26 May 2020, 06:44 PM IST

ब्यावरा.लॉक डॉउन में प्रभावित हुई फशलों को सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं। सबसे ज्यादा विपरीत असर प्याज पर पड़ा है। खपत कम होने और बाहर एक्सपोर्ट नहीं होने के कारण के न सिर्फ भाव कम हुए बल्कि रखरखाव के अभाव में अब प्याज खराब होने की स्थिति में है। दो महा से अधिक प्याज को एक जगह नहीं रखा जा सकता, खराब होने की आशंका के चलते किसान खासे चिंतित है।
दरअसल, पिछली बार से डेढ़ गुना हुए प्याज के उत्पादन और खपत नहीं होने के कारण प्याज के दाम गिर गए हैं। 8 से 10 रुपए प्रति किलो तक बिकने वाला प्याज अब दो से तीन व चार रुपए किलो में बिक रहा है। हालात ये हैं कि किसानों का लागत मूल्य भी प्याज से नहीं निकल पा रहा है। कम से कम चार से पांच रुपए प्रति किलो में इन दिनों प्याज हो गया है। साथ ही शासन स्तर पर भी कोई प्रबंध प्याज खरीदी के लिए नहीं किया गया। हर बार शासन अपने स्तर पर प्याज की खरीदी करता था, साथ ही प्याज प्रोत्साहन योजना का लाभ भी उन्हें मिलता था। जिले में सर्वाधिक छोटे किसान हैं, जिनके पास प्याज को संभालकर रखने के लिए न प्याज हाउस है न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था। कोल्ड स्टोरेज भी न के बराबर है। वे ही किसान प्याज को संभालकर रख पा रहे हैं जिनके पास पर्याप्त संसाधन है। ऐसे में प्याज के भविष्य पर कोरोना के संकट की मार पड़ रही है।

आने वाले दिनों में भी भाव बढऩे के आसार बेहद कम
बड़े शहरों में लॉक डॉउन का असर होने और लगातार रेस्त्रां, होटल व्यवसाय बंद रहने के कारण आगामी दिनों में भी प्याज के भाव बढऩे के आसार बेहद कम नजर आ रहे हैं। हर बार स्टॉक और बिचौलियों को काफी लाभ औने-पौने दाम में खरीदे गए प्याज से मिल जाता था, लेकिन इस बार बाद में भी भाव बढ़ जाएं यह सुनिश्चित नहीं है। ऐसे में अंदेशा लगाया जा रहा है कि यदि प्याज का परिवहन नहीं हुआ और इसी तरह खपत में कमी आई तो प्याज का भाव स्थिर ही रहेगा।
बिचौलियों की बजाए व्यापारी ही खरीदेंगे!
किसानों की औपचारिक मदद करते हुए शासन ने यह फरमान जरूर जारी किया है कि अब बिचौलिए प्याज नहीं खरीद पाएंगी। यानि व्यापारी खुद अपने स्तर पर किसानों की प्याज खरीदेंगे। अभी तक बिचौलियों को दी जाने वाली छूट में मनमाने दाम में वे प्याज खरीदते रहे हैं। हालांकि भले ही बिचौलिए नहीं रहे हों लेकिन फिलहाल भाव नहीं मिल पाने से प्याज का भविष्य अधर में ही है।
छोटे किसानों को ज्यादा नुकसान
प्याज से किसानों का लागत भी नहीं निकल पा रहा है। शासन स्तर पर भी कोई व्यवस्था खरीदी की नहीं की गई। ऐसे में छोटे और मंझले किसानों को इससे काफी नुकसान हो रहा है। प्याज अब खराब होने की स्थिति में है।
-कुमैरसिंह सौंधिया, संभागीय अध्यक्ष, भारतीय किसान संघ, राजगढ़-ब्यावरा
फिलहाल कोई निर्देश नहीं
प्याज को लेकर फिलहाल कोई दिशा-निर्देश खरीदी के नहीं है। फिलहाल किसान अपने स्तर पर प्याज संभालकर रख रहे हैं। आगामी दिनों में जो भी निर्देश शासन के होंगे उसी हिसाब से खरीदी की व्यवस्था की जाएगी।
-पी. आर. पांडे, उप-संचालक, उद्यानिकी, राजगढ़

Rajesh Kumar Vishwakarma
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