मुख्य निर्वाचन अधिकारी बोले- अधिग्रहित नहीं कर सकते अस्पताल की वस्तुएं

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बोले- अधिग्रहित नहीं कर सकते अस्पताल की वस्तुएं

Praveen tamrakar | Publish: May, 18 2019 04:40:16 AM (IST) Rajgarh, Rajgarh, Madhya Pradesh, India

सिविल अस्पताल में मेटरनिटी वार्ड में नौनिहाल और प्रसूताओं को भरी गर्मी में ठंडक देने के लिए खरीदे गए एसी को ब्यावरा एसडीएम कार्यालय में लगा लेने के मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीएल कांताराव ने संज्ञान में लिया है।

ब्यावरा. सिविल अस्पताल में मेटरनिटी वार्ड में नौनिहाल और प्रसूताओं को भरी गर्मी में ठंडक देने के लिए खरीदे गए एसी को ब्यावरा एसडीएम कार्यालय में लगा लेने के मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीएल कांताराव ने संज्ञान में लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में मेटरनिटी वार्ड या मरीजों के लिए उपयोगी एसी को चुनाव के नाम पर अधिग्रहित करने का अधिकार किसी को नहीं है। चुनाव आयोग ऐसे किसी कार्य की अनुमति नहीं देता।

महज मौखिक निर्देश के आधार पर एसडीएम कार्यालय में रोकस का एसी लगवाने के संबंध में एसडीएम प्रदीप सोनी ने कहा था कि मैं किसी भी चीज को अधिग्रहित कर सकता हूं, कम्प्यूटर, कूलर के साथ एसी भी। अब यह समझने वाली बात है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी सही बोल रहे हैं या ब्यावरा एसडीएम का तर्क। हालांकि दूसरे दिन भी एसडीएम ऑफिस में ही एसी लगा रहा और अस्पताल के मरीज परेशान होते रहे। खास बात यह है कि इतनी बड़ी प्रशासनिक अनदेखी पर जिलास्तर पर किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। न ही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने इसमें संज्ञान लिया।

सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग?
जल्दबाजी में बिना प्लॉनिंग के खरीदे गए एसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी घेरे में है। अस्पताल में जिस ऑपरेशन थियेटर के लिए एसी खरीदे गए हैं वहां बीते तीन साल से न एक सर्जरी हुई ना ही सीजर। महज फोड़े-फुंसियों का इलाज होता है। तमाम विशेषज्ञ डॉक्टर्स के साथ ही एनेस्थैटिक के तौर पर अस्पताल प्रभारी खुद डॉ. प्रदीप मिश्रा भी काम कर सकते हैं, लेकिन जिम्मेदार डॉक्टर्स इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। महज शासन का बजट खर्च करने के लिए महंगी दरों में मनमाने ढंग से चीजें खरीद रहे हैं।

जैम पोर्टल का पंजीयन नहीं, फिर भी खरीदा
आदर्श आचार संहिता के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति के बिना खरीदी गई सामग्री को लेकर बड़ा विषय यह भी है कि बिना किसी निविदा, विज्ञप्ति के जैम पोर्टल से सामान खरीदा गया। जबकि जिला चिकित्सालय का जैम पोर्टल पर पंजीयन है ही नहीं। बता दें कि शासन स्तर पर ऑनलाइन होने वाली जैम पोर्टल की खरीदी के लिए संबंधित संस्था का ऑनलाइन पंजीयन होना जरूरी है, लेकिन यहां मनमानी दरों (44, 500 रुपए प्रति एसी) पर गुना से उक्त सामग्री खरीदी गई। इसे लेकर विधायक गोवर्धन दांगी ने नाराजगी जाहिर की है और स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव से शिकायत करने को कहा है।

&चुनाव के नाम पर अस्पतालों, मेटरनिटी की एसी अधिग्रहित करने का कोई क्राइटेरिया नहीं है। किसी को हमने अतिरिक्त अधिकार नहीं दिए हैं। मेरे नॉलेज में मामला नहीं है, मैं संबंधितों से बात करता हूं।
-वी. एल. कांताराव, मुख्य चुनाव अधिकारी, मप्र शासन

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