शहीद मनीष विश्वकर्मा को अंतिम विदाई, सरकार देगी 1 करोड़ रुपए और सरकारी नौकरी

राजगढ़ जिले के शहीद मनीष विश्वकर्मा के अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब...।

By: Manish Gite

Published: 26 Aug 2020, 12:10 PM IST

 

राजगढ़/भोपाल। राज्य सरकार शहीद मनीष विश्वकर्मा के परिवार को एक करोड़ रुपए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह घोषणा बुधवार को सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है। वे शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने पहुंचे थे। इधर, खुजनेर में शरीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। देशभक्ति नारे से पूरा नगर गूंज उठा।

 

गौरतलब है कि राजगढ़ जिले के खुजनेर के शहीद मनीष उरी में तैनात थे, जहां सुरक्षा के दौरान वे आतंकी हमले के शिकार हो गए। मनीष की शादी 10 माह पहले ही हुई थी और शादी के तुरंत बाद ही वे ड्यूटी पर चले गए थे। चार दिन पहले ही उन्होंने फोन पर अपने परिवार से बात की थी।

 

मुख्यमंत्री बुधवार को सुबह भोपाल स्थित थ्रीईएमई सेंटर स्थित आर्मी अस्पताल परिसर में बोल रहे थे। चौहान बुधवार को सुबह थ्रीईएमई सेंटर स्थित आर्मी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने शहीद मनीष विश्वकर्मा कारपेंटर के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी। चौहान ने कहा कि शहीद परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि दी जाएगी और परिवार के एक सदस्य को परिवार से चर्चा के बाद शासकीय सेवा में नियुक्ति दी जाएगी।

 

चौहान ने कहा कि ग्राम में शहीद की प्रतिमा की स्थापना की जाएगी और किसी संस्था का नाम शहीद के नाम पर रखा जाएगा। इस मौके पर सीएम के साथ भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया, ब्रिगेडियर आशुतोष शुक्ला, कमांडेंट डॉ अजोय मेनन और सेना के अन्य अधिकारी भी रहे उपस्थित थे।

 

खुजनेर पहुंचा पार्थिव शरीर :-:

इधर, भोपाल में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मनीष का पार्थिव शरीर राजगढ़ जिले के खुजनेर पहुंच गया है। वहां शहीद के अंतिम दर्शन करने पूरा शहर ही उमड पड़ा। चारों तरफ लोगों की भीड़ थी और आंखों में नमी थीं। लोग देशभक्ति के नारे लगा रहे थे। देशभक्त नारों से नगर गूंज उठा। लोगों ने पार्थिव शरीर के स्वागत में आतिशबाजी भी की। हर व्यक्ति मनीष विश्वकर्मा के बलिदान को याद कर रहा है। यहां परिवार और खुजनेर के लोगों के दर्शन के बाद अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

 

बड़े भाई में सेना में :-:

राजगढ़ जिले के खुजनेर नगर के निवासी मनीष विश्वकर्मा 11 महर रेजीमेंट में जीडी के पद पर तैनात थे। उनके बड़ी भाई भी सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं।

 

22 साल के थे मनीष :-:

वीर मनीष विश्वकर्मा का जन्म 1 जनवरी 1998 में खुजनेर में हुआ था। वे 18 साल की उम्र में ही सेना में भर्ती हो गए थे। मनीष का पूरा परिवार ही देश सेवा के लिए जाना जाता है। मनीष के बड़े भाई हरीश विश्वकर्मा भी 2014 से सेना में ही राजस्थान के गंगानगर में तैनात होकर देश की सेवा कर रहे हैं।

दिसंबर 2019 में ही मनीष परिवार से मिलने आए थे और यही उनकी अंतिम मुलाकात थी। जनवरी तक रुके वे अंतिम बार उन्होंने 21 अगस्त को माता-पिता और परिवार के बाकी सदस्यों से फोन पर बात की थी। 25 अगस्त को हुए आतंकी हमले में मनीष शहीद हो गए।

 

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