लॉक डॉउन में हर गरीब को राशन पहुंचाने का सीएम का दावा घोषणा तक सीमित, हर दिन परेशान हो रहा जरूरतमंद वर्ग

लॉक डॉउन में जरूरतमंद अति मध्यमवर्गीय परिवारों की मुसीबत बढ़ी
शहर में करीब 7000 हैं ऐसे लोग, गांवों में हालत और भी खराब, सोसायटियों, राशन वितरण दुकानों पर नहीं दे रहा कोई ध्यान

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 21 May 2020, 06:00 AM IST

राजेश विश्वकर्मा
ब्यावरा.करीब 55 दिन से अधिक समय से घर बैठे जरूरतमंद मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए कोरोना कहर बनकर बरपा है। लॉक डॉउन अवधि में हर दिन वे परेशान हैं, अपनी बुनियादी सुविधाएं नहीं जुटा पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जिन बीपीएलाधारियों और उनके अलावा भी अन्य 24 कैटेगिरी के लोगों के लिए राशन मुहैया करवाने का दावा किया था वह घोषणाओं तक ही सीमित है।
दरअसल, हर जरूरतमंद परिवार इन दिनों अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। खाद्यान्न पर्ची नहीं होने के कारण कोई भी राशन केंद्र वाला उन्हें राशन नहीं दे रहा। नगर पालिका, राशन वितरण केंद्र के चक्कर लगा-लगाकर लोग परेशान हैं। वहीं, शासन की ओर से लिखित निर्देश नहीं होने के कारण नपा और राशन वितरण केंद्र भी मजबूर हैं। वे न इनकी समस्या का समाधान कर रहे न ही राशन मुहैया करवा रहे। ऐसे में कोरोना संकट काल में जरूरतमंद परिवारों के लिए परेशानी बढ़ गई है। जिस शासन, प्रशासन के जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है।
इन 25 कैटेगिरी को लगातार दो माह मिलना था राशन, नहीं मिला
हम्माल, तुलावटी, फेरीवाला, ठेले वाला, कामकाजी महिलाएं, मिस्त्री, मजदूर, फैक्टरी में काम करने वालों के अलावा अजा, अजजा, मतस्य पालन करने वाले, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवार, वाहन चालक और परिचालक, विमुक्त घुमक्कड़ और अद्र्ध घुमक्कड़ परिवार, अंत्योदय अन्न परिवार, बीपीएलधारी परिवार, कर्मकार मंडल, पंजीकृत श्रमिक, साइकिल रिक्शा, हाथ ठेला चालक, अनाथ आश्रम, निराश्रित विकलांग, वृद्धाश्रमों निवासत लोग, नि:शुल्क छात्रावास में रहने वाले छात्र, भूमिहीन, खेतीहर मजदूर, वन अधिकार पट्टेधारी, बंद पड़े मिलों में काम करने वाले श्रमिक, भूमिहीन कोटवार, बुनकर और शिल्पी सहित अन्य जरूरतमंदों को इस श्रेणी में रखा गया है। जिन्हें इन दिनों राशन नहीं मिल पा रहा है।

लोग बोले- कहीं नहीं मिला राशन, हर ओर भटका रहे
हमारे पास राशन कार्ड है लेकिन पर्ची ही नहीं दी गई, अब कैसे हम काम चलाएं? अभी तक राशन के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है।
-नर्मदाप्रसाद शर्मा, निवासी पिंजारा मोहल्ला, बिहारीजी मंदिर के पास, ब्यावरा
जब से लॉक डॉउन शुरू हुआ तब से हम यहां रहते हैं लेकिन कुछ भी हमें नहीं मिला। हम ही जानते हैं हमारा समय हम कैसे बीता रहे हैं।
-सुशीलाबाई, निवासी अंजनीलाल रोड स्थित झुग्गी, ब्यावरा
10-15 दिन में कोई आता है, कोई थोड़ा बहुत खाना दे जाता है लेकिन शासन स्तर पर कोई राशन या मदद नहीं मिली। हम हर दिन चुनौती के साथ बीता रहे हैं।
-लालू पिता हरिप्रसाद, निवासी अंजनीलाल रोड स्थित झुग्गी, ब्यावरा

हम शासन को अवगत करवाएंगे
वैसे जो शासन ने कैटेगिरी तय की है उस हिसाब से राशन बांटा जा रहा है, लेकिन कई अपात्र लोग भी इसका दुरुपयोग करते हैं। इसके लिए शासन स्तर पर सूची बनाई जाना हैं। फिर भी यदि किसी जरूरतमंद को दिक्कत है तो हम उनकी आवाज ऊपर तक पहुंचाएंगे।
-नारायणसिंह पंवार, पूर्व विधायक, ब्यावरा
जो पोर्टल पर हैं उन्हें दे रहे हैं
शासन की कैटेगिरी के हिसाब से जो पोर्टल पर दर्ज है उन्हें हम राशन मुहैया करवा रहे हैं। जहां तक लोगों के छूटने की बात है तो जिन्हें पर्ची नहीं मिली उन्हें स्थानीय निकाय चिह्नित करे। शासन स्तर पर जो निर्देश और मापदंड मिले हैं उसी हिसाब से तो हम दे पाएंगे।
-एस. के. तिवारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, राजगढ़
शासनस्तर पर लिया जाना है निर्णय
कई जरूरतमंद परिवार छूटे हैं लेकिन इसका समाधान भी शासन स्तर पर ही होना है। हमने यह बात शासन स्तर तक पहुंचाई भी है। शासन के संज्ञान में मामला है भी, जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे उस हिसाब से उक्त लोगों को चिह्नित किया जाएगा।
-संदीप अस्थाना, एसडीएम, ब्यावरा

Rajesh Kumar Vishwakarma
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