भाजपा के उम्मीदवार तय करने के बाद भी कांग्रेस तय नहीं कर पाई इस सीट पर प्रत्याशी, भोपाल बुलाए दावेदार

दावेदार अधिक इसीलिए हर बार उलझाती है ब्यावरा विधानसभा सीट, दिग्विजय को हर बार मनाने पड़ते हैं दावेदार...

By: Shailendra Sharma

Published: 08 Oct 2020, 06:13 PM IST

राजगढ़/ब्यावरा. दो दिन पहले ही तय हो चुके भाजपा के प्रत्याशी के बाद भी गुरुवार देर शाम तक भी कांग्रेस ब्यावरा का प्रत्याशी तय नहीं करर पाई। रेंडम सर्वे के लिए तमाम बड़े नेताओं और ब्यावरा विस के दावेदारों को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने भोपाल बुलाया और बात की। पार्टी स्तर की चर्चा के बीच सभी को एक साथ खड़ा कर एकजुट होने का संदेश देता एक फोटो दोपहर में वायरल किया, जिसमें सभी से कहा गया कि पार्टी को जीताना ही आप लोगों का लक्ष्य होना चाहिए, प्रत्याशी का चयन हम सर्वे के आधार पर करेंगे।

अधिक दावेदारों से उलझन
दावेदार अधिक होने के कारण हर बार ब्यावरा की सीट पर प्रत्याशी चयन में उलझने बढ़ती हैं। पिछले चुनाव में भी दावेदारी जता रहे तमाम नेताओं ने दिल्ली, भोपाल, ब्यावरा एक कर दिया। खूब दौड़-भाग की और आखिर में नये चेहरे के तौर पर गोवर्धन दांगी को मौका दिया गया। ऐसे ही हाल अब उप-चुनाव में बन रहे हैं, पहले दिन से ही तमाम बड़े नेता दावे कर रहे हैं, लंबे समय से पार्टी में जुड़े अन्य पदाधिकारी भी अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। कांग्रेस सभी को खुश रखना चाहती है इसी कारण देरी करती है। हालांकि पूरी जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के हाथ रहती है लेकिन इस बार का सर्वे कमलनाथ ने भी करवाया है।

दांगी समाज से दो बड़े नाम, तीसरे भी जुड़ा
कांग्रेस में लंबे समय से दांगी समाज का ही दबदबा रहा है। यहां बड़े नेता के तौर पर पूर्व जिला अध्यक्ष रामचंद्र की नाम हमेशा से आगे रहा है। वहीं, पूर्व विधायक पुरुषोत्तम दांगी भी जीते हुए विधायक हैं, उन्हें भी पार्टी नाराज नहीं करना चाहती। तीसरे नाम के तौर पर स्व. गोवर्धन दांगी की जगह उनके बेटे विश्वनाथ का नाम जुड़़ गया है। ऐसे में अकेले दांगी समाज को कांग्रेस नाराज नहीं कर सकती। बीजेपी में सौंधिया समाज से प्रत्याशी तय हो जाने से कांग्रेस के चंदरसिंह सौंधिया का नाम फिर से अगली बार के लिए पहुंचा देने की स्थिति पार्टी में निर्मित होती आई है। हालांकि दावेदारी वे भी प्रभावी ढंग से पेश करते आए हैं।

बीजेपी प्रत्याशी मजबूत इसलिए कांग्रेस का लंबा मंथन
बीजेपी में पहले दावेदारी पेश कर रहे अन्य प्रत्याशियों के बाद फिर से नारायणसिंह पंवार का नाम तय हो जाने के बाद यह बात स्पष्ट हुई है कि वे मजबूत प्रत्याशी हैं। ऐसे में कांग्रेस इसी बात का मंथन करने में लगी है और इसके बाद ही प्रत्याशी चयन होना है। यहां पार्टी किसी भी प्रकार की रिस्क अब लेना नहीं चाहती। न पार्टी स्तर की अंदरुनी गुटबाजी और न ही नये चेहरे पर दांव इसीलिए पार्टी के बड़े नेताओं ने ब्यावरा से दावेदारी पेश कर रहे तमाम नेताओं को भोपाल बुलाया और एक साथ हाथ खड़े किए हुए का फोटो वायरल करवाया, ताकि एकजुटता जनता को दिखाई दे। इसके बाद सभी नेता, दावेदार लौट आए। अब सभी को प्रत्याशी का इंतजार है।

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