सावधान : यहां वार्ड के बाहर घूमते हैं कोरोना पॉजिटिव मरीज

जिला अस्पताल में कोविड-19 नियमों की उड़ रही धज्जियां

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Updated: 26 Jun 2020, 01:09 PM IST

राजगढ़। देश ही नहीं पूरा विश्व कोरोना वायरस जैसी महामारी को खत्म करने के लिए जूझ रहा है। इसके लिए कोविड-19 के तहत कई तरह की गाइडलाइन भी तैयार की गई है। इसमें किसी कॉलोनी या मोहल्ले में कोरोना वायरस मरीज मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र को सैनेटाइज करने के साथ ही सील कर दिया जाता है।

लोगों को भारी न पड़ जाए
इन मरीजों को कंटेनमेंट क्षेत्र से एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय लाया जाता है। जहां बनाए गए क्वॉरंटीन सेंटर और आइसोलेशन वार्ड में इनका उपचार होता है। लेकिन पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल क्वॉरंटीन वार्ड में काफी लापरवाही देखने को मिली। यहां पॉजिटिव मरीज वार्ड के बाहर घूमते दिख रहे हैं तो वहीं पॉजिटिव मरीज को परिजन द्वारा खाना-पानी पहुंचाया जा रहा है। ये अनदेखी कहीं लोगों को भारी न पड़ जाए।


क्वॉरंटीन वार्ड में मरीज को खाना देने आते हैं परिजन
पि छले दो दिनों में जिला चिकित्सालय में ऐसी दो तस्वीरें सामने आई हैं। इसमें कोरोना से संक्रमित मरीज अपने वार्ड में न होकर बाहर बैठे हुए नजर आए। गुरुवार को तो हद ही हो गई जब सोशल मीडिया पर राजगढ़ क्वॉरंटीन वार्ड का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक मरीज को उनके परिजन भोजन व अन्य सामग्री देने के लिए वार्ड में जाते हैं, लेकिन वहां कोई गार्ड या फिर वार्डबॉय या नर्सिंग स्टाफ आदि नहीं मिलती। बल्कि मरीज खुद आकर सामान लेता है और उनसे मिलने आए लोगों से अपनी तबीयत में हो रहे सुधार की जानकारी परिजनों को देता है।

मास्क नहीं होता
इस दौरान मरीज के मुंह पर मास्क नहीं होता और ना ही हाथों में कोई ग्लव्ज। परिजन भी कुछ इसी तरह से उनसे मिलने आते हैं। कोविड-19 के अनुसार कोई भी क्वॉरंटीन में आता है तो उसका सैंपल लेने के साथ ही उन्हें भी क्वॉरंटीन करने का नियम है। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन द्वारा ऐसे कदम देखने में नहीं आए।


बिजली गोल, मरीज हुए परेशान
जिला चिकित्सालय के क्वॉरंटीन वार्ड में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक घंटे तक अंधेरे में मरीज परेशान होते रहे। इसकी जानकारी उन्होंने प्रबंधक को दी। लेकिन सुधार में कितना समय लगेगा नही पता।


एंबुलेंस नहीं आई तो खुद ही बाहर बैठ गए
पचोर से राजगढ़ लाए गए मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के बाद उन्हें आरसीएच भवन में बनाए गए क्वॉरंटीन वार्ड में ले जाना था। इस दौरान एंबुलेंस नहीं पहुंची, लेकिन वार्ड से बाहर आकर मरीज ओपीडी के सामने ही स्थित पार्क में बैठे नजर आए।


ताला बंद कर गायब थे कर्मचारी
य ह पहली बार नहीं है जब क्वॉरंटीन वार्ड में भर्ती मरीजों को परेशानी आई हो। तीन दिन पहले बाथरूम के साथ ही पीने का पानी भी रात के समय खत्म हो गया था और वार्ड में भर्ती मरीजों को काफी परेशान होना पड़ा था। मरीजों ने जब कर्मचारियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो बाहर से ताला बंद था। ऐसे में उन्होंने आवाज भी लगाई लेकिन सुनने वाला भी कोई नहीं था। नाश्ता, चाय लाने में ही 9 बजे से ज्यादा समय हो जाता है।

सीएमएचओ को निर्देशित किया है, कि क्वॉरंटीन सेंटर के कौन कौन जिम्मेदार है, उनको नोटिस जारी करते हुए कार्रवाइ करें। मामला संज्ञान में आया था।
-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर, राजगढ़

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