Cremation access road : अंतिम यात्रा में भी नहीं सुकून, गांव से श्मशान तक नहीं पैर रखने की जगह

Cremation access road. गांव से श्मशान पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। वैसे तो पूरे साल यहां से आवाजाही करना ग्रामीणों के लिए परेशानी भरा है। लेकिन बारिश में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।

By: Subodh Tripathi

Published: 15 Sep 2021, 02:01 PM IST

ब्यावरा. किसी व्यक्ति का निधन हो जाने के बाद ग्रामीणों को जितना दु:ख उसके चले जाने का नहीं होता है। उससे कई अधिक चिंता शवयात्रा के साथ श्मशान तक पहुंचने की हो जाती है। क्योंकि गांव से लेकर श्मशान तक सड़क तो दूर की बात, ठीक से पैर रखने की जगह भी नहीं नजर आती है। लेकिन शव को लेकर शमशान तक जाना जरूरी होता है। ऐसे में ग्रामीण जान हथेली पर रखकर गांव से श्मशान तक का सफर तय करते हैं। यहां पिछले 15 सालों से बारिश में स्थिति काफी बदहाल हो जाती है। जिससे ग्रामीण अब त्रस्त हो चुके हैं ।

हम बात कर रहे हैं। राजगढ़ जिले की जनपद पंचायत ब्यावरा से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम छोटा मोतीपुरा की, यहां के ग्रामीण सालों से नरकीय जीवन जीने को मजबूर है। वैसे ही गांव में सुविधाओं का अभाव है। जीते जी तो ग्रामीण परेशानियों का सामना करते ही हैं। लेकिन आश्चर्य की बात है कि उन्हें मरने के बाद भी अंतिम सफर भी कष्टों से भरा मिलता है। ग्रामीणों ने इस समस्या से जिम्मेदारों को भी अवगत कराया है। लेकिन समस्या जस की तस है।

आधा किलोमीटर तक जर्जर मार्ग

गांव से श्मशान पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। वैसे तो पूरे साल यहां से आवाजाही करना ग्रामीणों के लिए परेशानी भरा है। लेकिन बारिश में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। क्योंकि जो चार लोग कंधा देते हैं। उन्हें पैर फिसलने और कंकर पत्थर की चुभन के कारण गिरने का भय बना रहता है। वहीं दूसरी ओर जो लोग चप्पल या जूते पहनकर चलते हैं। उन्हें भी कीचड़ अधिक होने के कारण गिरने का भय बना रहता है। ऐसे में यह आधा किलोमीटर तक का अंतिम सफर दुनिया छोड़कर जाने वाले से लेकर साथ चल रहे लोगों के लिए भी कष्टों से भरा होता है।

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हर कदम रखना पड़ता संभालकर

मंगलवार को ग्रामीण नाथूलाल का निधन हो जाने पर परिजन से लेकर ग्रामीण तक उन्हें बड़ी मुश्किल से श्मशान तक लेकर पहुंचे। इस दौरान उन्हें काफी संभल संभलकर पैर रखना पड़ रहा था। ग्रामीण दिलीप दांगी सहित अन्य ने बताया कि उन्होंने जब से होश संभाला है। तब सें यही स्थिति है। इस समस्या का निराकरण आज तक ग्राम पंचायत और जनपद स्तर दोनों जगह से नहीं हुआ। जिसका खामियााजा ग्रामीण सालों से भुगत रहे हैं।

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प्लान तैयार करवाएंगे

सीईओ को बोलकर समस्या का समाधान कराती हूं। बात करती हूं इसका क्या वैकल्पिक समाधान किया जा सकता है। फिर ग्राम पंचायत और जनपद स्तर पर प्लान तैयार करवाएंगे। उसी हिसाब से वहां की रोड अलग से स्वीकृत करा देंगे।
जूही गर्ग, एसडीएम ब्यावरा

Subodh Tripathi
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