शहर में मिले डेंगू के 3 मरीज, ऐसे बचें इस ​बीमारी से

शहर में मिले डेंगू के 3 मरीज, ऐसे बचें इस ​बीमारी से

Bhanu Pratap | Publish: Sep, 11 2018 10:00:09 AM (IST) | Updated: Sep, 11 2018 12:08:01 PM (IST) Rajgarh, Madhya Pradesh, India

शहर में मिले डेंगू के दो मरीज, ऐसे बचें इस बीमारी से

राजगढ़। जिले के सुठालिया के नज़दीक स्तिथ ग्राम ढकोरा में दो व्यक्तियों में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। दोनों मरीजों को उनके परिजनों ने इंदौर और भोपाल के अस्पतालों में भर्ती करवाया है। डेंगू की पोजेटिव रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ महकमे हरकत में आ गया और सुठालिया अस्पताल की कॉम्बेक्ट टीम को गांव में भेजा गया है ताकि अन्य लोगों की जांच हो सके।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विजय सिंह ने गांव में डोर-टू-डोर सर्वे करने के कड़े निर्देश टीम को दिए हैं। इसके साथ ही लार्वा सर्वे, फीवर सर्वे एवम बुखार के सभी मरीजों की आरडीके किट से तुरंत जांच करने निर्देशित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इसी साल मई माह में ढकोरा ग्राम पंचायत के ही गांव भूरा में डेंगू के 3 एवम चिकनगुनिया का एक मरीज मिला था।

ऐसे फैलता है...
डेंगू बुखार से पीड़ित मरीज के खून में डेंगू वायरस बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। जब कोई एडीज मच्छर डेंगू के किसी मरीज को काटता है तो वह उस मरीज का खून चूसता है।

खून के साथ डेंगू वायरस भी मच्छर के शरीर में चला जाता है। इसके बाद जब डेंगू वायरस वाला वह मच्छर किसी और इंसान को काटता है तो उससे वह वायरस दूसरे इंसान के शरीर में पहुंच जाता है, जिससे वह डेंगू वायरस से पीड़ित हो जाता है।

ये दिखते है लक्षण...
मच्छर द्वारा काटे जाने के करीब 3-5 दिनों के बाद मरीज में डेंगू बुखार के लक्षण दिखने लगते हैं। शरीर में बीमारी पनपने की मियाद 3 से 10 दिनों की भी हो सकती है।

डेंगू के प्रकार...
यह तीन तरह का होता है
1. क्लासिकल (साधारण) डेंगू बुखार
2. डेंगू हैमरेजिक बुखार (DHF)
3. डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS)

इन तीनों में से दूसरे और तीसरे तरह का डेंगू सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। साधारण डेंगू बुखार अपने आप ठीक हो जाता है और इससे जान जाने का खतरा नहीं होता, लेकिन अगर किसी को DHF या DSS है और उसका फौरन इलाज शुरू किया जाना जरूरी होता है अन्यथा जान तक जा सकती है।

इसलिए यह पहचानना सबसे जरूरी है कि मरीज को कौन सा डेंगू है, साधारण, DHF है या DSS है।

ये है इलाज...
- अगर मरीज को साधारण डेंगू बुखार है तो उसका इलाज व देखभाल घर पर की जा सकती है।
- डॉक्टर की सलाह लेकर पैरासिटामोल (क्रोसिन आदि) ले सकते हैं।
- एस्प्रिन (डिस्प्रिन आदि) बिल्कुल न लें। इनसे प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं।
- अगर बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो मरीज के शरीर पर पानी की पट्टियां रखें।
- सामान्य रूप से खाना देना जारी रखें। बुखार की हालत में शरीर को और ज्यादा खाने की जरूरत होती है।
- मरीज को आराम करने दें।

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