सांस लेने में दिक्कत, छाती फूलने लगी तो अस्पताल के बाहर लेटा मरीज, तीन घंटे में आई एम्बुलेंस

कोरोना का कहर : रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज का संघर्ष
ब्यावरा में जांच करवाने के बाद बोड़ा पहुंचा था 30 वर्षीय युवक, रास्ते में पता चला रिपोर्ट पॉजिटिव

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 14 Apr 2021, 07:41 PM IST

ब्यावरा/बोड़ा.तमाम प्रयासों और सख्ती के बावजूद जिले की स्वास्थ्य सेवाएं रुला देने वाली हैं। कोरोना का दंश झेलने वालों को हर दिन ये फेस करना पड़ रही है। ऑक्सीजन और अन्य दिक्कतें दूर पॉजिटिव मरीजों को समय पर एम्बुलेंस तक नहीं मिल पा रही। स्वास्थ्य विभाग का ऐसा ही दृश्य बुधवार को बोड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर देखने को मिला।
दरअसल, ब्यावरा निवासी एक 30 वर्षीय युवक सैम्पल देकर बोड़ा गया था, रास्ते में उसे सूचना मिली कि रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद वह बोड़़ा पहुंचा, जहां उसे घबराहट होने लगी, छाती फूलने लगी और सांस लेने में भी दिक्कत हुई, खांसी भी उसे चल रही थी। दिक्कत ज्यादा हुई तो वह बोड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर ही लेट गया। लेकिन अंदर न उसे प्राथमिक उपचार मिला न ही कोई अन्य सुविधा। अस्पताल प्रंबधन ने सिर्फ जिला अस्पताल से एम्बुलेंस बुलवा ली और मरीज से कहा कि वहां जाना ही बेहतर होगा। साथ ही कोविड-19 प्रोटोकॉल का हवाला देकर अपने बीएमओ और जिले के डॉक्टर्स को सूचित कर दिया। युवक बोड़ा की एक निजी फाइनेंस कंपनी में ब्रांच मैनेजर है। खास बात यह है कि राजगढ़ से बोड़ा के बीच का 70 किमी का सफर करने में करीब तीन घंटे का वक्त लगा। नरसिंहगढ़ अस्पताल नजदीक था लेकिन वहां से एम्बुलेंस नहीं आ पाई?

मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन 84 के आस-पास था, उसे न सिर्फ ऑक्सीजन की जरूरत थी बल्कि बेहतर ट्रीटमेंट की भी लेकिन प्रोटोकॉल बाधा बन गया। अंतत: शाम करीब पांच बजे जिला अस्पताल की एम्बुलेंस पहुंची तब जाकर उसे शिफ्ट कराया जा सका।
हमारे यहां प्रबंध नहीं, कोडि सेंटर भेजना जरूरी
मरीज का आक्सीजन सेचुरेशन 84 था, उसे फीवर भी काफी था। सांस लेेने में दिक्कत थी। ऐसे में हमने रेफर कर दिया। एम्बुलेंस जहां उपलब्ध होती है वहां की ही बुला सकते हैं। बाकी हमारे यहां इनती व्यवस्था नहीं कि गंभीर मरीज रखे जा सकें। ऑक्सीजन जरूर है लेकिन प्रोटोकॉल के हिसाब से मरीज को कोविड केयर सेंटर भेजना जरूरी है।
-डॉ. प्रमोदसिंह परमार, मेडिकल ऑफिसर, सामु. स्वास्थ्य केंद्र, बोड़ा
मरीज को राजगढ़ बुलवाया गया
मरीज ब्यावरा से टेस्ट करवाकर बोड़ा गया था, रास्ते में उसकी तकलीफ बढ़ गई, ऐसे में हमने बोड़ा ही एम्बुलेंस भेजी। बाकी एम्बुलें व्यवस्थ हैं इसलिए कमी आ सकती है। उसे होम आइसोलेट नहीं किया सकता, इसलिए जिला अस्पताल बुलवाया गया।
-डॉ. महेंद्रपाल सिंह, जिला महामारी नियंत्रक, राजगढ़

Rajesh Kumar Vishwakarma
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