जोखिम उठाकर ड्यूटी कर रहे डॉक्टर्स, घर से दूर काम कर रहे आए पैरामेडिकल स्टॉफ भी हर दिन फेस कर रहे चुनौतियां

शहर की शान : ये हैं हमारे हीरो, इन पर हमें नाज है...
अस्पताल में हर ओर इन्फेक्शन का खतरा, इतने सतर्क फिर भी डर, रिस्क लेकर ड्यूटी कर रहा स्टॉफ
डॉक्टरों की अपील- हम आपके लिए ड्यूटी कर रहे, आप खुद के लिए घर रहिए

राजेश विश्वकर्मा
ब्यावरा.जहां पूरा देश घर में खुद को कैद कर कोरोना से जंग लड़ रहा है वहीं, स्वास्थ्यकर्मी आपकी सेवा में हरदम आगे खड़े हैं। तमाम प्रकार की जोखिम उठाकर वे लगातार काम कर रहे हैं। न किसी बीमारी का डर उन्हें है न हीं खुद का। बेजिझक वे अपना काम कर रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि बेहद जरूरी हो तो ही अस्पताल आएं, अन्यथा घर ही रहें।
अस्पताल में तमाम डॉक्टर्स ने सामूहिक रूप से जनता से अपील की है कि हम आपके लिए ड्यूटी कर रहे हैं आप खुद के लिए घर में रहिए। साथ ही प्रशासन से भी अपील की है कि टोटल लॉक डॉउन के दौरान भी लोग मार्केट में बेवजह घूम रहे हैं, ये लोग न खुद की परवाह कर रहे हैं न देश की न आप और हमारी। ऐसे में इन पर सख्ती की जाए ताकि स्वास्थ्य विभाग पर भी अतरिक्त लोड न हो। अस्पताल की मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैली गर्ग अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही हैं। वे इन विपरित परिस्थितियों में अपने अनुभव साझा कर रही हैं और इस चुनौती भरे माहौल में सभी से अपील कर रही हैं कि घर ही रहें, सुरक्षित रहें।

एक्सपीरियंस : अस्पताल फैमिली का हिस्सा
डॉ. शैली बताती हैं कि अस्पताल में फैमिलियर माहौल में हम सभी डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ ही काम करते हैं। परिवार में भी मेडिकल फील्ड वाला माहौल है, ऐसे में परिवार की और से भी हौसला अफजाही ही मिलती है। बस सतर्कता और सावधानी से हम काम करने की कोशिस करते हैं और सभी से उम्मीद करते हैं कि वे खुद भी सतर्क और सुरक्षित रहें। कोरोना के प्रकोप के दौरान सबसे बड़ा एक्सपीरियंस यही है कि एकजुटता और संयम बरतकर किया गया काम कारकर साबित होता है।
पैरेंट्स बोले : बेटी पर गर्व है, नि: स्वार्थ करते रहेंगे सेवा
सिविल अस्पताल में पदस्थ डॉ. शैली के पिता डॉ. अशोक अग्रवाल बताते हैं कि वैसे तो हर कोई इस गंभीर बीमारी से डरा हुआ है लेकिन हम ऐसे प्रोफेशन से भी हैं और यह हमारा कर्तव्य भी है। ऐसे में सेवा के साथ यह हमारा कर्तव्य भी है। उनकी माताजी भगवती देवी बताती हैं कि हमें बेटी पर गर्व है, वह अपने प्रोफेशन के प्रति ईमानदार और सजग है। और रही बात इस महामारी की तो हम इससे लडऩे को तैयार हैं। यदि कुछ हुआ भी तो जो सबके साथ होगा वही हमारे साथ भी होगा, उसमें कोई बड़ी बात नहीं।

...और घर से दूर तमाम जोखिम उठाकर काम कर रहा पैरामेडिकल स्टॉफ
मरीजों का उपचार ही सबसे बड़ा धर्म
आम दिनों में मरीजों का उपचार हो या कोरोना महामारी, मरीजों की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और यह हमारी राष्ट्र के लिए ड्यूटी भी है। हमें किसी प्रकार का कोई डर नहीं है खुद भी एहतियात बरत रहे हैं और लोगों से भी अपील कर रहे।
-मंजू सेन, स्टॉफ नर्स, सिविल अस्पताल, ब्यावरा 
अस्पताल ही हमारा परिवार
घर, परिवार सब दूर हैं लेकिन अस्पताल ही हमारा परिवार है, हम इसका एक हिस्सा हैं। यहीं रहकर हम सभी का ध्यान रख रहे, हर मरीज को ट्रीट कर रहे। इस गंभीर क्रिटिकल सिचुएशन में हम निष्ठा से जुटे हैं, कोशिश है कि अपना बेहतर दे पाएं।
-श्वेेता शिंगौर, स्टॉफ नर्स, सिविल अस्पताल, ब्यावरा 
ऐसे चुनौतीभरी माहौल में बढ़ रहा हौसला
ये वाकई चुनौतीभरा माहौल है, इसमें निश्चित ही हमारा हौसला बढ़ रहा है। थोड़ा डर आप, हम और सभी के लिए इसलिए सभी एहतियात बरतें। बहुद जरूरी हो तो ही बाहर जाएं या अस्पताल आएं, बाकी खुद को सेल्फ आइसोलेशन में रखें।
-मनीषा चौहान, स्टॉफ नर्स, सिविल अस्पताल, ब्यावरा 

Rajesh Kumar Vishwakarma Reporting
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